रांची, राज्य ब्यूरो। झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस एचसी मिश्र व जस्टिस दीपक रौशन की अदालत में जमशेदपुर जिला बार संघ में वित्तीय अनियमितता व चुनाव को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान स्टेट बार कौंसिल की ओर से अदालत से समय देने का आग्र्रह किया गया। इसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। मामले में अगली सुनवाई 22 जुलाई को होगी। इससे पहले प्रार्थी के अधिवक्ता राजीव कुमार ने मामले में अदालत से विशेष सुनवाई का आग्र्रह किया।
उन्होंने बताया कि अदालत के आदेश का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। बार कौंसिल की ओर से भेजी गई ऑडिट टीम को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा है। जमशेदपुर बार संघ के पदाधिकारियों ने ऑडिट टीम का सहयोग नहीं किया। अदालत ने 21 जून को पारित आदेश में कहा था कि बार संघ के पदाधिकारी ऑडिट टीम का सहयोग करेंगे। इसकी रिपोर्ट 15 जुलाई तक अदालत में दाखिल करनी थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है।
इस दौरान जमशेदपुर बार संघ के पदाधिकारी रतिंद्रनाथ दास, अनिल कुमार तिवारी व राजीव सैनी की ओर से जवाब दाखिल किया गया। इसमें कहा गया है कि बार संघ का ऑडिट किया जा चुका है। जिस पर प्रार्थी ने कहा कि इनके जवाब में कहा गया है कि 4 सितंबर 2018 तक ऑडिट किया गया। वहीं, बार संघ के सचिव अनिल कुमार की ओर से सात सितंबर 2018 को ऑडिट कराने के लिए नोटिस निकाला जाता है।
इससे प्रतीत होता है कि फर्जी ऑडिट रिपोर्ट दाखिल की गई है। बता दें कि इस संबंध में अधिवक्ता राजेश जायसवाल ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इसमें जमशेदपुर जिला बार संघ में वित्तीय अनियमितता की ऑडिट कराने व चुनाव कराने की मांग की गई है।

Posted By: Sujeet Kumar Suman

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