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पलामू में बिहार के कारोबारी का कंकाल बरामद, 10 लाख के लिए हुआ था अपहरण; आरोपी पुलिस जवान सहित पांच धराए

Jharkhand News Palamu News पुलिस ने अपहरण कांड को अंजाम देने वाले पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। बताया गया कि बिहार के व्यवसायी मिथिलेश प्रसाद का 27 मई को पलामू के नावाबाजार थाना क्षेत्र के कंडा घाटी से अपहरण हुआ था।

By Sujeet Kumar SumanEdited By: Published: Mon, 06 Sep 2021 02:50 PM (IST)Updated: Mon, 06 Sep 2021 06:56 PM (IST)
Jharkhand News, Palamu News व्यवसायी हत्या मामले की जानकारी देते पलामू के एसपी चंदन कुमार सिन्हा, दाएं से चौथे।

पलामू, जासं। पलामू जिला पुलिस की विशेष जांच टीम ने पिछले 25 मई की रात नावा बाजार थाना क्षेत्र के कंडा घाटी से अपहृत किए गए बिहार के औरंगाबाद के दानी बिगहा मुहल्ला निवासी व्यवसायी मिथिलेश प्रसाद व छत्तीसगढ़ निवासी वाहन चालक श्रवण प्रजापति का कंकाल बरामद किया है। इस मामले में गिरोह के सरगना देवघर पुलिस का जवान रमकंडा निवासी प्रेमनाथ यादव समेत पांच आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार है। पुलिस टीम ने इनके पास से चार रायफल समेत भारी मात्रा में हथियार व अन्य सामान बरामद किया है।

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इस संबंध में पलामू के पुलिस अधीक्षक चंदन कुमार सिन्हा ने सोमवार को अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता की। इसमें बताया कि अनुसंधान के क्रम में गुप्त सूचना व तकनीकी अनुसंधान के आधार पर पूर्व के आपराधिक इतिहास वाले कई लोगों से पूछताछ की गई थी। इस क्रम में दो अपराधियों ने अपहरण की घटना को अंजाम दिए जाने की बात स्वीकार कर गिरोह में शामिल सभी नामों का खुलासा कर दिया।

इस सूचना व तकनीकी सेल से सत्यापन के बाद रमकंडा से ही दाे अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। बाद में मुख्य सरगना सहित कुल पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया। बताया कि यह गिरोह इस अपहरण कांड के अलावा अन्य कई आपराधिक घटनाओं में शामिल था। पूछताछ करने पर अपहृतों की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली गई। इनकी निशानदेही पर गढ़वा जिले के रमकंडा थाना के पुंदागा के पास से अलग-अलग जगहों से दोनों का कंकाल बरामद किया गया।

साथ ही निशानदेही पर अपहरण में प्रयुक्त हथियार, मोबाइल फोन, कार व मोटरसाइकिल भी बरामद किया गया। गिरफ्तार आरोपितों में प्रेमनाथ यादव समेत पलामू के चैनुपर थाना के बुढ़ीवीर के बेलवादामर निवासी शफीक अंसारी व ओमप्रकाश चंद्रवंशी, मास्टरमाइंड प्रेमनाथ का ममेरा भाई रमकंडा के पुंदागा गांव निवासी अजय यादव व पुंदागा का ही अमरेश यादव का नाम शामिल है। इस गिरोह के दो सदस्य अभी भी फरार हैं।

यह है घटना क्रम

नावाबाजार थाना के कंडा घाटी से 25 मई की रात 11.15 में कंडा घाटी से अपहरण किया जाता था। इस बीच 27 मई को चैनुपर के कंकारी में दो मोबाइल फोन की लूट होती है। 28 मई को लूटे गए मोबाइल से फिरौती की मांग की जाती है। 30 मई को चैनपुर थाना के अंधेरी ढोडा से पुनः मोबाइल लूट होती है। अब 31 मई को इस लूटे गए मोबाइल से फिरौती की मांग की गई। पुन: एक मई को रात्रि एक बजे अपहृत व्यक्ति को उसके बेटे से बात कराकर फिरौती की मांग की गई। इसके अगले दिन एक जून को अपहृत वृद्ध व चालक की हत्या कर दी जाती है। अब चार जून को भंडरिया से पुनः मोबाइल लूटकर फिरौती की मांग की गई। दिनांक नौ जून को रमकंडा के मुरखुड़ में फिरौती की रकम लेकर सभी तरह का संपर्क बंद कर दिया गया।

बताया गया कि छतीसगढ़ के अंबिकापुर से तीन लोग एक भाड़े के वाहन से बिहार के औरंगाबाद जा रहे थे। वाहन को पार्वतीपुर बारगीडीह, जिला सरगुजा निवासी श्रवण प्रजापति चला रहा था। इसमें बिहार के औरंगाबाद जिला मुख्यालय के दानी बिगहा स्थित राजीव रंजन अस्पताल के समीप क्षेत्र निवासी 68 वर्षीय मिथिलेश प्रसाद व उनकी पत्नी भी सवार थी। इस बीच कंडा के होटल के पास अपराधियों ने व्‍यवसायी व चालक का अपहरण कर उसकी पत्नी को कार में ही छोड़ दिया। अपहृत मिथलेश प्रसाद की पत्नी रीता देवी ने घटनास्थल के पास स्थित होटल के स्टाफ से मदद लेकर नावा बाजार थाना को अपहरण की सूचना दी।

फिरौती के 10 लाख लेने से पहले ही कर दी हत्या

नावाबाजार के कंडा में अपहरण की घटना को अंजाम देने के बाद व्‍यवसायी व वाहन चालक को प्रेमनाथ ने अपने पुंदागा स्थित भंडार में रखा था। इस बीच एक जून को फिरौती की दस लाख रुपये की राशि लेने से पहले ही चालक व व्‍यवसायी की हत्या कर शव काे अलग-अलग जगहों पर दफना दिया था। एसपी ने बताया कि शव को दफनाने से पहले उसमें यूरिया डालकर शव काे नष्ट कर दिया गया। एसपी के अनुसार फिरौती के मिले दस लाख रुपये की राशि को प्रेमनाथ, अजय यादव व शफीक अंसारी ने आपस में बांट लिया। जबिक दूसरे सदस्यों को रुपये नहीं मिलने की जानकारी दी गई।

स्वजनों का डीएनए जांच कराएगी पलामू पुलिस

गढ़वा जिले के रमकंडा से बरामद अपहृतों के कंकाल के बाद अब पलामू पुलिस मृतकाें के स्वजनों के डीएनए मैच कराएगी। इसके लिए दोनों के स्वजनों को सूचना दे दी गई है। एसपी ने बताया कि अपराधी गिरोह ने शव को पूरी तरह नष्ट करने के लिए उसमें यूरिया व चूना डाल दिया था। लेकिन बरामद हड्डी से डीएनए जांच कराने में कोई दिक्कत नहीं आएगी।

राज्यपाल ने डीजीपी को किया था तलब

बिहार के व्यवसायी के अपहरण के करीब तीन माह तक कोई सुराग नहीं मिलने पर मामला काफी हाई प्रोफाइल हो गया था। जानकारी के अनुसार राज्यपाल ने भी पुलिस महानिदेशक को तलब कर पूरे मामले की जानकारी ली थी। यहीं नहीं, भाजपा के वरीय नेता व पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी भी इस मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठा चुके थे। बताया जाता है कि झारखंड विधानसभा के इसी सत्र में यह मामला उठाया जाना था।


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