विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

शारदीय नवरात्र 11 अक्तूबर से: मां दुर्गा हाथी पर आएंगी, मुर्गे पर होंगी विदा; 20 को रावण दहन

Published: Fri, 04 Sep 2026 04:08 PM (IST)

इस वर्ष शारदीय नवरात्र 11 अक्तूबर से शुरू होगा और विजयादशमी 20 अक्तूबर को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ...और पढ़ें

11 अक्तूबर से शुरू होगा शारदीय नवरात्र, 20 को विजयादशमी पर होगा रावण दहन।

11 अक्तूबर से शुरू होगा शारदीय नवरात्र, 20 को विजयादशमी पर होगा रावण दहन।

HighLights

  1. शारदीय नवरात्र 11 अक्तूबर से, विजयादशमी 20 अक्तूबर को।

  2. मां दुर्गा का आगमन हाथी पर, सुख-समृद्धि का प्रतीक।

  3. देवी की विदाई मुर्गे पर, कुछ मतों में व्याकुलता का संकेत।

जागरण संवाददाता, रांची/पलामू। शारदीय नवरात्र इस वर्ष 11 अक्तूबर, रविवार से शुरू होगा। रविवार को नवरात्र का शुभारंभ होने के कारण धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां दुर्गा का आगमन हाथी पर होगा। वहीं, 20 अक्तूबर, मंगलवार को विजयादशमी के दिन देवी की विदाई कुक्कुट यानी मुर्गे पर होगी।

देवी के हाथी पर आगमन को शुभ वर्षा, सुख-समृद्धि और खुशहाली का संकेत माना जाता है। हालांकि, कुक्कुट पर विदाई को लेकर धार्मिक ग्रंथों और परंपराओं में अलग-अलग मत प्रचलित हैं। पंडित महेंद्र पाठक ने बताया कि इस वर्ष आश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 20 अक्तूबर को दोपहर 12:50 बजे शुरू होगी और 21 अक्तूबर को दोपहर 2:11 बजे तक रहेगी।

दशमी तिथि के प्रदोष काल और श्रवण नक्षत्र की स्थिति 20 अक्तूबर को होने के कारण इसी दिन विजयादशमी का पर्व मनाया जाएगा। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर रावण दहन भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार नवरात्र की शुरुआत रविवार या सोमवार को होने पर देवी का वाहन हाथी माना जाता है।

हाथी को वर्षा, उन्नति, समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना गया है। ऐसे में इस वर्ष मां दुर्गा का हाथी पर आगमन शुभ संकेत माना जा रहा है। मान्यता है कि देवी के हाथी पर आगमन से अच्छी वर्षा होने के साथ कृषि और आर्थिक गतिविधियों को भी अनुकूलता मिलती है।

पंडित महेंद्र पाठक के अनुसार नवरात्र के समापन अथवा देवी के प्रस्थान का दिन मंगलवार या शनिवार होने पर माता का वाहन चरणायुध यानी कुक्कुट माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में कुक्कुट को सामान्य रूप से शुभ वाहन नहीं माना गया है।

मान्यता के अनुसार मुर्गे पर देवी की विदाई समाज में व्याकुलता, उथल-पुथल, शोक और कष्ट जैसी परिस्थितियों का संकेत देती है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि देवी के आगमन और प्रस्थान के वाहनों से जुड़ी मान्यताएं धार्मिक परंपराओं पर आधारित हैं और इनके संबंध में अलग-अलग मत भी प्रचलित हैं।

नवरात्र को लेकर मंदिरों और पूजा समितियों की ओर से तैयारियां भी शुरू की जाएंगी। विजयादशमी के दिन धार्मिक अनुष्ठानों के साथ रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

ये हैं प्रमुख तिथियां

  • नवरात्र प्रारंभ: 11 अक्तूबर, रविवार
  • विजयादशमी: 20 अक्तूबर, मंगलवार
  • दशमी तिथि प्रारंभ: 20 अक्तूबर, दोपहर 12:50 बजे
  • दशमी तिथि संपन्न: 21 अक्तूबर, दोपहर 2:11 बजे
  • विजय मुहूर्त: 20 अक्तूबर, दोपहर 1:59 बजे से 2:45 बजे तक