नागपुर में RSS का विजयादशमी उत्सव: दैनिक जागरण के प्रधान संपादक संजय गुप्त होंगे मुख्य अतिथि, संघ प्रमुख देंगे संदेश
नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विजयादशमी उत्सव में दैनिक जागरण के प्रधान संपादक संजय गुप्त मुख्य अतिथि होंगे।

आरएसएस का विजयादशमी उत्सव। (फाइल फोटो)
HighLights
नागपुर में आरएसएस विजयादशमी उत्सव के मुख्य अतिथि संजय गुप्त।
सरसंघचालक मोहन भागवत स्वयंसेवकों को करेंगे संबोधित।
आरएसएस के शताब्दी समारोह का विजयादशमी उत्सव के साथ समापन।
संजय कुमार, रांची। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के छह प्रमुख उत्सवों में से एक विजयादशमी उत्सव भी है। नवरात्र के दौरान अलग-अलग तिथि को स्थानीय सुविधा के अनुसार यह उत्सव आरएसएस की सभी शाखाओं पर मनाया जाता है।
परंतु मुख्य आयोजन विजयादशमी के दिन आरएसएस के मुख्यालय नागपुर में होता है। उस दिन आरएसएस के सरसंघचालक स्वयंसेवकों को संबोधित करते हैं। साथ ही उस आयोजन में देश के किसी प्रमुख व्यक्ति को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाता है।
इस बार नागपुर में विजयादशमी उत्सव के मुख्य अतिथि दैनिक जागरण के प्रधान संपादक संजय गुप्त होंगे। इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के राधाकृष्णन, पर्वतारोही संतोष यादव, नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी और प्रसिद्ध गायक व संगीतकार शंकर महादेवन मुख्य अतिथि रह चुके हैं।
20 अक्टूबर मंगलवार को नागपुर के रेशिमबाग में सुबह 7. 40 बजे से आयोजित समारोह में सबसे पहले सरसंघचालक मोहन भागवत स्वयंसेवकों के अस्त्र-शस्त्र का पूजन करेंगे। उसके बाद स्वयंसेवकों का शारीरिक और घोष का प्रदर्शन होगा। फिर मुख्य अतिथि का संबोधन और अंत में सरसंघचालक मोहन भागवत संबोधित करेंगे।

विजयादशमी उत्सव के दिन सरसंघचालक का संबोधन स्वयंसेवकों के लिए मार्गदर्शन का काम करता है। सरसंघचालक जो विषय अपने संबोधन में उठाते हैं उन्हीं विषयों पर संघ अगले एक वर्ष तक कार्य करता है।
समाज में आरएसएस की स्वीकार्यता बढ़ने के बाद सरसंघचालक मोहन भागवत के इस संबोधन का आरएसएस के साथ-साथ सरकार और समाज के साथ साथ कई देशों को भी इंतजार रहता है कि वे किन बिंदुओं को उठाते हैं। आयोजन में देश की कई प्रमुख हस्तियों के साथ- साथ कई विदेशी प्रतिनिधि भी शामिल होते हैं।
शताब्दी समारोह का होगा समापन
आरएसएस की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर पिछले एक वर्ष से शताब्दी समारोह का आयोजन किया जा रहा है। 1925 में विजयादशमी के दिन ही नागपुर में आरएसएस की स्थापना हुई थी।
शताब्दी समारोह के तहत पिछले विजयादशमी उत्सव से लेकर अब तक कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए, जिसमें अभी तक सभी शाखाओं पर विजयादशमी उत्सव, पथ संचलन, सामाजिक सद्भाव बैठक, प्रमुख जन गोष्ठी, सभी बस्तियों और खंडों में हिंदू सम्मेलन और 18 से 30 वर्ष तक के युवाओं के साथ संवाद कार्यक्रम हो चुके हैं।
अभी लगातार एक सप्ताह तक अधिकतम स्थानों पर शाखा लगाने का कार्यक्रम चल रहा है, जो 10 अक्टूबर तक चलेगा। विजयादशमी उत्सव के साथ ही शताब्दी समारोह का समापन हो जाएगा।
देश की वर्तमान स्थिति पर डालेंगे प्रकाश
विजयादशमी के दिन सरसंघचालक अपने संबोधन में देश की वर्तमान स्थिति से लेकर आरएसएस की आगामी योजनाओं पर प्रकाश डाल सकते हैं।
आरएसएस अगले 15-20 वर्षों तक पंच परिवर्तन को लेकर कार्य करने वाला है। इसके तहत सभी स्वयंसेवक सामाजिक सद्भाव, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्व का बोध और नागरिक कर्तव्य के प्रति लोगों को प्रेरित करेंगे। इसके साथ ही अगले वर्ष से संघ का संगठनात्मक ढांचे में बदलाव हो रहा है। उस पर भी मोहन भागवत प्रकाश डाल सकते हैं।
