Vande Mataram Controversy के बीच झारखंड में सामूहिक गायन, विद्या भारती की पहल पर स्कूलों में गूंजा राष्ट्रगीत
Vande Mataram: धनबाद सहित देशभर में विद्या भारती की पहल पर शुक्रवार को ठीक 11 बजे स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों ...और पढ़ें
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विद्या भारती की पहल पर सामूहिक वंदे मातरम गायन।
धनबाद सहित देशभर के स्कूलों में ठीक 11 बजे आयोजन।
वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष कार्यक्रम।
जागरण संवाददाता, धनबाद। वंदे मातरम के पूरे छंद के गायन को लेकर देश में जारी राजनीतिक विवाद के बीच शुक्रवार को झारखंड में इसका अलग रंग देखने को मिला। विद्या भारती की पहल पर आरएसएस के समवैचारिक संगठनों से जुड़े विद्यालयों में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम का गायन किया।
ठीक 11 बजे शुरू हुआ कार्यक्रम
विद्या भारती की पहल पर शुक्रवार को ठीक 11 बजे धनबाद समेत देशभर के विद्यालयों, सार्वजनिक स्थानों, आरएसएस के समवैचारिक संगठनों के विद्यालयों, राष्ट्रवादी विचारधारा को लेकर कार्य करने वाले शैक्षणिक संस्थानों, ऐसे गांव जहां से विद्या भारती के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे आते हैं, उन स्थानों पर नमामि भारतम (वंदे मातरम सामूहिक गायन) कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
इसी क्रम में सरस्वती विद्या मंदिर भूली नगर की ओर से अपने विद्यालय परिसर एवं भूली स्थित सर्वमंगला विद्यालय, आइएसएल विद्यालय, अभिनव भारती विद्यालय, आदर्श निकेतन विद्यालय तथा नीरज मेमोरियल विद्यालय में कार्यक्रम हुआ।
इस अवसर पर तीन हजार से अधिक छात्रों ने संपूर्ण वंदे मातरम् गया। छात्रों ने तीन मिनट 13 सेकंड का गायन किया। सभी विद्यालयों में विद्या भारती के प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम का संचालन किया।
वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर आयोजन
सरस्वती विद्या मंदिर भूली के प्राचार्य रण सुमन सिंह एवं समिति के फूल सिंह ने छात्रों से कहा कि विद्या भारती का नमामि भारतम् कार्यक्रम वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर आयोजित किया जा रहा है। वंदे मातरम् की रचना को 150 साल हो गए हैं।
देश के 25 हजार से अधिक स्थानों पर एक करोड़ से अधिक विद्यार्थी, शिक्षक, अभिभावक और आम नागरिकों ने एक साथ संपूर्ण वंदे मातरम् (छह छंद) का गायन किया। आप सभी भी उनमें से एक हैं। प्राचार्य ने एक स्वर एक संकल्प एक भारत का नारा दिया।
उन्होंने कहा यह सिर्फ गायन नहीं, नई पीढ़ी को वंदे मातरम् की ऐतिहासिक यात्रा, स्वतंत्रता आंदोलन में उसके योगदान और राष्ट्रीय महत्व से जोड़ने का अभियान है। प्राचार्य ने कहा कि अभी तक स्कूलों में अक्सर वंदे मातरम् के सिर्फ दो छंद गाए जाते हैं।
पूरे छह छंदों का हुआ गायन
इस कार्यक्रम में पूरे छह छंदों वाला संपूर्ण वंदे मातरम् गाया जा रहा है। इस अवसर पर स्कूल में वंदे मातरम् के इतिहास पर संवाद, प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं निबंध प्रतियोगिताएं हुईं।
नमामि भारतम् का उद्देश्य नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ना, राष्ट्रीय चेतना जगाना, संपूर्ण वंदे मातरम् का प्रचार एवं राष्ट्रगीत को सम्मान देना है।
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