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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 12, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नक्सलियों से मुकाबला करेंगे ग्रामीण, सजा भी देंगे

By Sachin MishraEdited By:
Published: Tue, 12 Sep 2017 11:16 AM (IST)Updated: Tue, 12 Sep 2017 12:32 PM (IST)

ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से संकल्प लेकर नक्सलियों और अपराधियों के खात्मे के लिए एकजुटता प्रदर्शित की।

नक्सलियों से मुकाबला करेंगे ग्रामीण, सजा भी देंगे
नक्सलियों से मुकाबला करेंगे ग्रामीण, सजा भी देंगे

जासं, रांची। अनगड़ा थाना क्षेत्र के हेसल गांव में सोमवार को नक्सलियों और अपराधियों के खिलाफ ग्रामीणों की आक्रोश सभा हुई। इसमें ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से संकल्प लेकर नक्सलियों और अपराधियों के खात्मे के लिए एकजुटता प्रदर्शित की। सभा में आसपास गांव के लोग बड़ी संख्या में पारंपरिक हरवे-हथियार के साथ शामिल हुए।

इसमें एक स्वर में निर्णय लिया गया कि जो भी नक्सली या अपराधी समाज की मुख्यधारा से जुड़ते हैं, उनका स्वागत है। लेकिन, किसी नक्सली और अपराधी ने क्षेत्र के किसी भी परिवार को हानि पहुंचाई, तो उसके परिवार को भी नुकसान पहुंचा जाएगा। आक्रोश सभा में महिलाओं की संख्या में भी ज्यादा थी।

इन गांवों के लोग हुए शामिल

सभा में हेसल, मासू, मंझलाटोली, गोंदलीपोखर, खीराटोली, हेसलजारा, चिलदाग, सालहन, महेशपुर व राजाडेरा से 500 से ज्यादा ग्रामीण शामिल हुए।

ग्रामीणों की एकजुटता से ही खत्म हुआ था उग्रवाद

वर्ष 2011 में हेसल गांव के ग्रामीणों की एकजुटता के कारण ही इस क्षेत्र से उग्रवाद खत्म हो पाया था। हाल के दिनों में फिर से क्षेत्र में उग्रवादी गतिविधियां बढ़ी हैं। इससे लोग आक्रोशित हैं। अगर उग्रवादी गतिविधियों में शामिल लोगों ने किसी भी परिवार का अहित किया, तो इनके परिवार के लोगों के साथ सेंदरा की घटना को अंजाम दिया जा सकता है। बैठक में सरकार से उग्रवाद पीड़ित गांवों के बेरोजगार शिक्षित युवकों को पुलिस की बहाली में प्राथमिकता देने की मांग की गई। 

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