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रांची में आरएसएस का संदेश: सभी हिंदू एक हैं, कोई छोटा या बड़ा नहीं

Published: Tue, 03 Mar 2026 01:00 AM (IST)

रांची में आयोजित हिंदू सम्मेलनों में आरएसएस के संजय कुमार और अनिल ठाकुर ने हिंदू एकता पर जोर दिया। उन्होंने ...और पढ़ें

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संजय कुमार, रांची। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यवाह संजय कुमार ने कहा कि समाज में षडयंत्रकारियों द्वारा हिंदू समाज में विभेद पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है। वैसे विधर्मियों के षडयंत्रों के प्रयासों का डटकर मुकाबला करना है।

इस भाव से समाज में रहना है कि सभी हिंदू एक हैं, कोई छोटा या बड़ा नहीं है। वे रांची के एचईसी सेक्टर एक स्थित वाईबीएन पब्लिक स्कूल में हिंदू सम्मेलन को संबोधित कर रह थे।

आरएसएस के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव बस्ती की ओर से आयोजित सम्मेलन में प्रांत कार्यवाह ने कहा कि वर्तमान समय में जातिगत अहंकार के कारण हिंदू समाज कमजोर हो रहा है।

हिंदू समाज में विभेद पैदा करने वाले लोग हमारी छोटी-छोटी गलतियों की तलाश में लगे रहते हैं। वैसे लोगों को समाज को तोड़ने का मौका मिल जाता है। इससे बचने की जरूरत है। एक रहेंगे तभी भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकेंगे।

संजय कुमार ने कहा कि अपने बगल में बंगाल राज्य है। उसके कई जिले मुस्लिम बहुल हो चुके हैं। वहां के मंदिरों में आरती करना भी कठिन होता जा रहा है। वैसे स्थिति झारखंड में भी होती जा रही है। यह सब हिंदू समाज के अलग-अलग जातियों में बंटे रहने के कारण हो रहा है। समय रहते एक नहीं हुए तो आने वाली पीढ़ी को और ज्यादा परेशानी होगी।

इसलिए समाज में फैले जाति विभेद को समाप्त करना होगा। 1973 में आरएसएस के तृतीय सरसंघचालक मधुकर दत्तात्रेय देवरस उपाख्य बाला साहब देवरस जी ने कहा था कि यदि अस्पृश्यता पाप नहीं तो, दुनिया में कुछ भी पाप नहीं है। संघ अपने स्थापना काल से ही हिंदू समाज को

एक करने में लगा है। परिवार में संस्कार की चर्चा करते हुए कहा कि आज लव जिहाद की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही है। इसलिए बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के साथ-साथ उसे संस्कारित भी करने की जरूरत है।

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मतांतरण की घटनाएं लगातार बढ़ रही है

प्रांत कार्यवाह ने मतांतरण की चर्चा करते हुए कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में चर्च के प्रभाव में आकर हम हिंदू नहीं हैं, का भाव लोगों में भरा जा रहा है। मतांतरण की घटनाएं लगातार बढ़ रही है। इसे रोकने की जरूरत है। जो लोग दूसरे धर्म में चले गए हैं, उन्हें वापस लाने का प्रयास होना चाहिए।

इस काम में आरएसएस के कई समवैचारिक संगठन लगे हैं। समाज को भी इसके लिए आगे आना चाहिए। मुस्लिमों में जनसंख्या वृद्धि तेजी से होने के कारण देश में जनसंख्या असंतुलन पैदा हो रहा है। कई शहरों में मुस्लिम बहुल इलाकों से हिंदुओं का पलायन जारी है।

यह हिंदू समाज के साथ-साथ देश के लिए गंभीर समस्या है। अपने टूटते परिवार को भी बचाने की जरूरत है। बच्चे नशे की चपेट में आ रहे हैं। इसलिए आने वाली पीढ़ी को बचाने के लिए नशा उन्मूलन के लिए अभियान चलाना होगा।

आरएसएस ने पंच परिवर्तन के माध्यम से अगले 15-20 वर्षों तक समाज में काम करने का निश्चय किया है। उन्होंने संघ की स्थापना और 100 वर्षों के इतिहास पर भी प्रकाश डाला।

इस अवसर पर रामकृष्ण मिशन के सचिव स्वामी भवेशानंद ने भी लोगों को संबोधित किया। वाईबीएन विश्वविद्यालय के चेयरमैन रामजी यादव ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस मौके पर गतिविधि के महानगर पालक सत्यनारायण कंठ, निपुण वर्मा, सोमनाथ सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।

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टूटते परिवार व्यवस्था को बचाने की है जरूरत : अनिल ठाकुर

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र संपर्क प्रमुख अनिल ठाकुर ने कहा कि टूटते परिवार व्यवस्था को बचाने एवं बच्चों को संस्कारित करने की जरूरत है। आज संयुक्त परिवार समाप्त होता जा रहा है। हिंदू समाज टूटता जा रहा है। इससे बचने की जरूरत है। वे रविवार को धुर्वा में आयोजित हिंदू सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

बस स्टैंड के पास सहजानंद परिसर में आयोजित सम्मेलन में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। अनिल ठाकुर ने कहा कि हम साथ नहीं रह सकते हैं परंतु एक तो रह सकते हैं। पर्व त्योहार एक साथ मना सकते हैं।

एक साथ नहीं रहने के कारण बुजुर्ग लोगों को किस तरह का कष्ट होता है, यह समाज में दिखाई दे रहा है। बच्चे विदेश में काम कर रहे हैं और माता-पिता यहां सभी संसाधन रहने के बाद भी कष्ट में रहते हैं। समाज में व्याप्त जाति व्यवस्था को भी समाप्त करने की जरूरत है। आपस में बंटने के कारण जगह-जगह हिंदू समाज पर संकट आता रहता है।

इसे मिलकर सभी को दूर करना होगा। हमारे सामने बांग्लादेश अभी ताजा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक हिंदू को कम से कम दो से तीन बच्चे पैदा करना चाहिए। इस पर कई बार आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत जी भी बोल चुके हैं। उन्होंने आरएसएस के पंच परिवर्तन पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। इस मौके पर डा. एचआर सिंह, अद्वैत आश्रम टिपूदाना के स्वामी चिदानंद जी, पंकज सिंह, सुबोध कुमार सिंह, मुकेश नंदन, राम राजा, राजा राम शर्मा सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

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