रांची रेल मंडल में RPF का बड़ा क्रैकडाउन, 9 महीनों में 328 किलो गांजा जब्त; 26 तस्कर गिरफ्तार
रांची रेल मंडल में आरपीएफ ने 'ऑपरेशन नारकोस' के तहत नौ महीनों में 328.6 किलोग्राम गांजा जब्त किया है और ...और पढ़ें

रांची रेल मंडल में RPF का बड़ा क्रैकडाउन (एआई जेनरेटेड तस्वीर)
HighLights
आरपीएफ ने 'ऑपरेशन नारकोस' के तहत 328.6 किलो गांजा जब्त किया।
रांची, हटिया, मुरी स्टेशनों से 26 तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
ओडिशा से बिहार तक रेलवे के रास्ते गांजा तस्करी होती थी।
जागरण संवाददाता, रांची। रेलवे के रास्ते नशे की खेप पहुंचाने की कोशिशों पर आरपीएफ की नजर है। रांची रेल मंडल में चलाए जा रहे ऑपरेशन नारकोस के तहत इस वर्ष नौ महीनों में अब तक रांची, हटिया और मुरी स्टेशनों से जुड़ी कार्रवाई में कुल 328.6 किलो गांजा बरामद किया जा चुका है। इन मामलों में 26 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से 22 सितंबर तक तीनों आरपीएफ पोस्ट की ओर से गांजा तस्करी के खिलाफ कुल 21 कार्रवाई की गईं।
इनमें सबसे अधिक बरामदगी आरपीएफ रांची की कार्रवाई में हुई है। रांची पोस्ट की ओर से 10 मामलों में कुल 183.2 किलो गांजा बरामद किया गया। 31 मई को हुई कार्रवाई में अकेले 61 किलो गांजा पकड़ा गया था।
इसके अलावा 3 जनवरी को 17 किलो, 30 जनवरी को आठ किलो, 11 फरवरी को 12 किलो, 24 फरवरी को 16 किलो, छह मई को 13 किलो, तीन जुलाई को 16.5 किलो, 20 जुलाई को 12 किलो, नौ अगस्त को 16 किलो और 22 सितंबर को 12.7 किलो गांजा बरामद किया गया।
हटिया में नौ कार्रवाई, 107.4 किलो बरामद
आरपीएफ हटिया की ओर से भी लगातार अभियान चलाया गया। यहां इस वर्ष अब तक नौ कार्रवाई में कुल 107.4 किलो गांजा बरामद किया गया। 15 जनवरी को 16 किलो, 12 फरवरी को 7.5 किलो, 21 फरवरी को 14 किलो, 13 मार्च को पांच किलो, आठ अप्रैल को 16.9 किलो, 22 मई को 10 किलो, 30 जून को 14 किलो, 25 जुलाई को आठ किलो और 30 जुलाई को 16 किलो गांजा पकड़ा गया।
मुरी में दो कार्रवाई में 37 किलो गांजा
आरपीएफ मुरी की ओर से 13 मार्च को 22 किलो और पांच मई को 15 किलो गांजा बरामद किया गया। दोनों कार्रवाई में कुल 37 किलो गांजा पकड़ा गया। इस तरह रांची, हटिया और मुरी आरपीएफ पोस्ट की कार्रवाई को मिलाकर बरामद गांजे की कुल मात्रा 328.6 किलो पहुंच गई है।
ट्रेनों के जरिए पहुंचाई जा रही थी खेप
आरपीएफ की इन कार्रवाइयों से यह सामने आया है कि तस्करों की ओर से ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों का इस्तेमाल मादक पदार्थों की आवाजाही के लिए किया जा रहा था। अभियान के तहत संदिग्ध यात्रियों और सामान की जांच के दौरान गांजे की खेप पकड़ी गई।
ओडिशा से गांजा की तस्करी होती है, जो झारखंड होते हुए बिहार पहुंचती है। तस्कर ओडिशा से रांची तक गांजा लाने के बाद उसे ट्रेन या बस के माध्यम से ले जाते हैं।
यह भी पढ़ें- कांटाटोली बस स्टैंड से 7 दिनों में हटानी होंगी लावारिस बसें, वरना होगी नीलामी
