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कांटाटोली बस स्टैंड से 7 दिनों में हटानी होंगी लावारिस बसें, वरना होगी नीलामी

Published: Wed, 23 Sep 2026 06:58 PM (IST)

रांची नगर निगम ने कांटाटोली खादगढ़ा बस टर्मिनल से लावारिस और अनुपयोगी बसों को हटाने के लिए सात दिन का अल्टीमेटम दिया है।

कांटाटोली बस स्टैंड से 7 दिनों में हटानी होंगी लावारिस बसें (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

कांटाटोली बस स्टैंड से 7 दिनों में हटानी होंगी लावारिस बसें (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

जागरण संवाददाता, रांची। कांटाटोली खादगढ़ा बस टर्मिनल में अब व्यवस्था को लेकर रांची नगर निगम ने सख्ती शुरू कर दी है। टर्मिनल में लंबे समय से खड़ी लावारिस और अनुपयोगी बसों को सात दिनों के भीतर हटाना होगा। 

तय समय में बसें नहीं हटाने पर निगम एमवीआइ से उनका मूल्यांकन कराकर नियमानुसार नीलामी की कार्रवाई करेगा। बुधवार को रांची नगर निगम के अपर नगर आयुक्त संजय कुमार की अध्यक्षता में टर्मिनल परिसर में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया।

बैठक में सबसे अहम निर्देश पूर्व संवेदक को लेकर रहा। उसे टर्मिनल से संबंधित सभी दस्तावेज, अभिलेख और अन्य विवरण 24 सितंबर तक निगम को सौंपने का आदेश दिया गया है। वहीं बस एसोसिएशन से भी टर्मिनल से परिचालित सभी बसों की सूची, समय-सारणी और प्रवेश-निकास से जुड़ी जानकारी मांगी गई है। बैठक से अपर नगर आयुक्त ने पूरे टर्मिनल परिसर का निरीक्षण भी किया।

शुल्क वसूली में नहीं चलेगी मनमानी

बस टर्मिनल की बंदोबस्ती प्रक्रिया पूरी होने तक टोल शुल्क की वसूली निगम अपने स्तर से करेगा। इसके लिए निगमकर्मियों की दो पालियों में ड्यूटी लगाई जाएगी। पहली पाली सुबह चार बजे से दोपहर एक बजे और दूसरी पाली दोपहर एक बजे से रात 10 बजे तक रहेगी।

राजस्व निरीक्षक, लेखा सहायक, स्वच्छता निरीक्षक और परिसंपत्ति अधीक्षक शुल्क वसूली का काम संभालेंगे। खास बात यह है कि प्रवर्तन दल और होमगार्ड को शुल्क वसूली से पूरी तरह अलग रखा गया है। इनकी जिम्मेदारी बसों के प्रवेश-निकास, परिचालन और टर्मिनल की निगरानी तक सीमित रहेगी।

यात्रियों की सुविधाओं पर भी नजर

बैठक के बाद अपर नगर आयुक्त ने टर्मिनल का स्थल निरीक्षण किया। अग्निशमन विभाग से समन्वय कर परिसर में अग्निशमन उपकरण और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया। यात्रियों को अटल क्लीनिक की जानकारी आसानी से मिल सके, इसके लिए संकेतक लगाने को कहा गया।

बसों की धुलाई के लिए अलग स्थान तय करने, खराब सीसीटीवी कैमरे दुरुस्त कराने और बंद पड़ी पथ बत्तियों को चालू कराने का भी निर्देश दिया गया। निगम अधिकारियों को स्वच्छता, सुरक्षा, राजस्व संग्रहण और यात्री सुविधाओं की नियमित निगरानी करने को कहा गया।