रिम्स में 15 सितंबर से मोबाइल पर मिलेगी लैब रिपोर्ट, हाई स्पीड इंटरनेट से जुड़ेंगे झारखंड के स्वास्थ्य संस्थान
रांची के रिम्स में अब मरीजों को 15 सितंबर से लैब रिपोर्ट सीधे उनके मोबाइल पर मिलेगी, जिसे आभा ऐप ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर
HighLights
रिम्स में 15 सितंबर से मोबाइल पर मिलेगी लैब रिपोर्ट।
आभा ऐप के माध्यम से भी रिपोर्ट प्राप्त की जा सकेगी।
अस्पतालों में इंटरनेट और पावर बैकअप में होगा सुधार।
राज्य ब्यूरो, रांची। रांची के रिम्स में लैब रिपोर्ट अब मरीजों या उनके परिजनों के मोबाइल पर मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई बैठक में सी-डैक के पदाधिकारियों ने बताया कि रिम्स, रांची की प्रयोगशाला को डिजिटल प्रणाली से लाइव करने का कार्य अंतिम चरण में है।
कार्य पूरा होने के बाद मरीजों को अपनी लेबोरेटरी रिपोर्ट ऑनलाइन प्राप्त हो सकेगी। साथ ही एबीडीएम के आभा ऐप के माध्यम से भी रिपोर्ट प्राप्त की जाएगी। अपर मुख्य सचिव ने सभी संबंधित कार्यों को 15 सितंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ मिशन योजना एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) के क्रियान्वयन पर चर्चा हुई।
सबसे पहले मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ मिशन के सफल क्रियान्वयन के लिए सबसे पहले अस्पतालों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में कनेक्टिविटी की स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही बीएसएनएल की इंटरनेट स्पीड को लेकर विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों से मिल रही शिकायतों पर चर्चा हुई।
सभी जिलों में हाई स्पीड इंटरनेट
अधिकारियों ने बताया कि कम स्पीड के कारण अस्पतालों में डिजिटल सेवाओं के संचालन में कठिनाई आ रही है। इसपर बीएसएनएल के प्रतिनिधियों ने बताया कि सभी जिलों में 100 एमबीपीएस क्षमता वाला वाई-फाई कनेक्टिविटी सिस्टम शुरू किया जा रहा है।
अधिसंख्य जिलों में यह कार्य पूरा हो चुका है। इसी प्रकार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) स्तर पर 60 एमबीपीएस क्षमता वाला वाइफाइ उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिससे मरीजों एवं स्वास्थ्य संस्थानों को बेहतर डिजिटल सुविधा मिल सके। सभी मेडिकल कॉलेजों में भी यह व्यवस्था लागू कर दी गई है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) स्तर पर भी इसे लागू करने की योजना है। समीक्षा के दौरान पीएचसी एवं अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में बिजली की समस्या तथा पावर फ्लक्चुएशन के कारण इंटरनेट एवं डिजिटल सेवाओं में व्यवधान का मुद्दा भी सामने आया।
बीएसएनएल ने बताया कि अगले 15 से 20 दिनों में आवश्यक पावर बैकअप की व्यवस्था कर ली जाएगी। अपर मुख्य सचिव ने जिला स्तर से लेकर सीएचसी स्तर तक अतिरिक्त पावर बैकअप की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने पीएचसी स्तर पर कम से कम 12 घंटे का पावर बैकअप उपलब्ध कराने को कहा, जिसकी अवधि आवश्यकता के अनुसार बढ़ाई जा सके।
30 सितंबर से संविदा कर्मियों को बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर मानदेय
बैठक में ई-गवर्नेंस से संबंधित प्रस्तुतीकरण भी दिया गया। इसके अलावा 104 पोर्टल के माध्यम से ह्यूमन रिसोर्स इंफार्मेशन सिस्टम की प्रगति की समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदाकर्मियों के भुगतान को बायोमेट्रिक उपस्थिति से जोड़ने की दिशा में तैयारी की जा रही है। संभावना है कि 30 सितंबर तक एनएचएम के संविदाकर्मियों को बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर भुगतान की व्यवस्था लागू की जा सकेगी।
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