रांची रिम्स में 171 नए पदों पर नियुक्ति का रास्ता साफ, प्रशासनिक मंजूरी मिली; अब वित्तीय स्वीकृति का इंतजार
राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ देने और प्रशासनिक तंत्र को मजबूत करने के लिए 171 ...और पढ़ें

रिम्स में कुल 171 नए पदों का सृजन प्रस्तावित है।
HighLights
रिम्स में कुल 171 नए पदों का सृजन प्रस्तावित है।
56 ICU और 53 एनेस्थीसिया तकनीशियन पद प्रमुखता से शामिल।
जागरण संवाददाता, रांची। राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और अस्पताल के प्रशासनिक एवं तकनीकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में 171 नए पदों के सृजन का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसमें 26 श्रेणियों के पद शामिल हैं।
सबसे अधिक 56 पद आईसीयू तकनीशियन और 53 पद एनेस्थीसिया तकनीशियन के हैं। इसके अलावा अस्पताल प्रबंधन, मेडिकल रिकर्ड, उपकरणों के रखरखाव, खरीद व्यवस्था, सूचना प्रौद्योगिकी और मरीजों की काउंसलिंग से जुड़े पद भी प्रस्तावित हैं। सभी पदों को अंतिम प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है और अब वित्तीय मंजूरी मिलना बाकी है। जिसके बाद नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होगी।
आईसीयू और ऑपरेशन थिएटर पर सबसे अधिक जोर
प्रस्ताव में आईसीयू तकनीशियन के 56 और एनेस्थीसिया तकनीशियन के 53 पद शामिल हैं। दोनों श्रेणियों को मिलाकर 109 पद होते हैं, जो प्रस्तावित कुल पदों का लगभग 64 प्रतिशत है। आईसीयू तकनीशियन के पदों की जरूरत वेंटिलेटर बेड बढ़ने के बाद लिया गया है। जबकि एनेस्थीसिया तकनीशियन के पद नए आपरेशन थिएटर शुरू करने की आवश्यकता से जुड़े हैं।
आईसीयू तकनीशियन गहन चिकित्सा इकाइयों में वेंटिलेटर और अन्य जीवनरक्षक उपकरणों के संचालन में चिकित्सा दल की सहायता करते हैं। वहीं, एनेस्थीसिया तकनीशियन आपरेशन से पहले, आपरेशन के दौरान और बाद में बेहोशी देने से संबंधित उपकरणों तथा निगरानी व्यवस्था तैयार रखने में सहयोग करते हैं।
इन पदों पर नियुक्ति होने से, यदि संबंधित इकाइयों में उपकरण, चिकित्सक और अन्य जरूरी संसाधन भी उपलब्ध हों, तो आइसीयू और आपरेशन थिएटर की कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
मरीजों के प्रबंधन और रिकॉर्ड व्यवस्था में भी बदलाव की उम्मीद
रिम्स में अस्पताल प्रबंधक अथवा सहायक अधीक्षक (गैर-चिकित्सकीय) के 12 पद और मेडिकल रिकॉर्ड तकनीशियन के 10 पद प्रस्तावित हैं। अस्पताल प्रबंधक मरीजों की आवाजाही, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, शिकायतों के निस्तारण और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में भूमिका निभा सकते हैं।
इससे मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों के बीच समन्वय की समस्याओं को कम करने में मदद मिल सकती है। मेडिकल रिकॉर्ड तकनीशियनों की नियुक्ति से मरीजों के उपचार संबंधी दस्तावेजों को व्यवस्थित रखने, पुराने रिकॉर्ड खोजने और अस्पताल के आंकड़ों के संधारण में सहायता मिलेगी।
विशेषज्ञ विभागों को भी मिलेंगे जरूरी सहयोगी
प्रस्ताव में स्वास्थ्य शिक्षक (सामाजिक मनोवैज्ञानिक) के दो, लोक स्वास्थ्य नर्स के दो, श्रवण जांच तकनीशियन का एक, स्पीच चिकित्सक का एक, बाल मनोवैज्ञानिक का एक, आनुवंशिक परामर्शदाता का एक और मातृ एवं शिशु परामर्शदाता का एक पद शामिल है। योग प्रशिक्षक का भी एक पद प्रस्तावित है।
उपकरणों की खरीद और रखरखाव के लिए अलग व्यवस्था
अस्पताल में चिकित्सा उपकरणों की खरीद और उनके रखरखाव को व्यवस्थित करने के लिए तीन जैव-चिकित्सा अभियंता, एक खरीद अधिकारी, चार सहायक खरीद अधिकारी और पांच कनिष्ठ भंडार अधिकारी के पद प्रस्तावित हैं।
जैव-चिकित्सा अभियंता चिकित्सा उपकरणों की तकनीकी जांच, रखरखाव, मरम्मत और उनकी कार्यक्षमता सुनिश्चित करने में भूमिका निभा सकते हैं। खरीद अधिकारी और उनके सहयोगी उपकरणों एवं अन्य जरूरी सामग्री की खरीद प्रक्रिया को व्यवस्थित करने में मदद करेंगे।
डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत करने की योजना
इसके अलावे वरिष्ठ प्रोग्रामर, एक प्रोग्रामर, एक सहायक प्रोग्रामर और दो पीएसीएस प्रशासक के पद भी शामिल हैं। इनके अलावा एक प्रोटोकाल सहायक, संपर्क अधिकारी और चार निजी सचिव के पद प्रस्तावित हैं। सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े कर्मचारी अस्पताल के साफ्टवेयर, डिजिटल रिकार्ड, तकनीकी सहायता और संबंधित प्रणालियों के संचालन में सहयोग कर सकते हैं।
लेखा, सुरक्षा और खरीद व्यवस्था के लिए भी पद
प्रशासनिक व्यवस्था के तहत एक वरिष्ठ लेखा अधिकारी, एक मुख्य रोकड़पाल और एक अग्निशमन अधिकारी का पद भी प्रस्तावित है।
वरिष्ठ लेखा अधिकारी का पद लेखा अधिकारी के पद से पदोन्नति संबंधी आवश्यकता के रूप में दर्शाया गया है, जबकि मुख्य रोकड़पाल का पद रोकड़पाल के लिए पदोन्नति पद बताया गया है। अग्निशमन अधिकारी की जरूरत अस्पताल में अग्नि सुरक्षा की निगरानी के लिए होगी, जो अभी तक नहीं है।
