रांची, (संजय कुमार)। Rashtriya Swayamsevak Sangh Campaign : देश में पर्यावरण संरक्षण (Environment Protection) को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) (आरएसएस) की पर्यावरण संरक्षण गतिविधि (Environmental Protection Activity) लगातार काम कर रही है। अब स्कूली बच्चों (School Children) को इसके प्रति जागरूक करने का निर्णय लिया गया है। योजना के तहत केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय (Union Ministry of Forest and Environment) के साथ मिलकर देश के सभी स्कूली बच्चों के बीच प्रतियोगिता (Competition) का आयोजन किया जा रहा है।

पूरे देश में आनलाइन और बड़े पर्दे पर दिखाने की योजना

प्रतियोगिता का नाम आल इंडिया स्कूल पर्यावरण कंपीटीशन रखा गया है। इसके लिए मंत्रालय की ओर से सभी स्कूलों को पत्र भी भेजा गया है। आनलाइन निबंधन चल रहा है। 26 जनवरी तक निबंधन कराने की अंतिम तिथि है। सोमवार तक देश के 29000 से अधिक स्कूलों ने निबंधन करा लिया है। वहीं झारखंड में 620 स्कूलों ने निबंधन करा लिया है। इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले बच्चों का परिणाम सात फरवरी को जारी किया जाएगा। इसे एक साथ पूरे देश में आनलाइन और बड़े पर्दे पर दिखाने की योजना है।

निबंधन शुल्क के रूप में बच्चों को इको ब्रिक्स जमा करना है

झारखंड की पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के प्रांत संयोजक प्रवीण दुबे ने कहा कि इस प्रतियोगिता में स्कूल के माध्यम से ही बच्चे भाग ले सकते हैं। शुल्क के रूप में उन्हें एक इको ब्रिक्स जमा करना है। यह बोतल में भर कर उस पालीथिन से तैयार किया जाता है, जिसे हम कचरा के रूप में बाहर फेंकते हैं।

जो बच्चे निबंधन कराएंगे उन्हें इको मित्रम एप डाउनलोड करना होगा। उसी एप पर प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रश्न पर्यावरण से संबंधित पूछे जा रहे हैं। उसी समय बच्चों को ई-प्रमाणपत्र मिल जाएगा। 26 जनवरी तक निबंधन के साथ-साथ प्रतियोगिता भी चलेगी।

कक्षा एक से लेकर 12वीं तक के बच्चे ले सकते हैं भाग

झारखंड प्रांत के सह प्रांत संयोजक सच्चिदानंद मिश्र ने कहा कि इस प्रतियोगता में कक्षा एक से लेकर 12वीं तक के बच्चे भाग ले सकते हैं। प्रश्न कक्षा एक से पांच, छह से आठ और नौ से 12वीं तक के बच्चों के लिए अलग-अलग तय किए गए हैं। प्रतियोगिता आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य बच्चों के साथ-साथ उनके माता-पिता और परिवार के दूसरे लोगों को भी पर्यावरण के प्रति जागरूक करना है। इसके तहत घर में लाए गए पालीथिन को कचरा में नहीं फेंक कर उसे बोतल में बंद कर देना, पानी की बर्बादी नहीं करना, अनावश्यक बिजली की खपत नहीं करना और घर के कचरा से खाद बनाने के प्रति लोगों को सजग करना है।

अब तक किस राज्य में कितने स्कूलों ने कराया निबंधन

  • दिल्ली- 4818
  • उत्तर प्रदेश-3348
  • हरियाणा-2480
  • मध्य प्रदेश-1567
  • पंजाब-1336
  • राजस्थान-1176
  • जम्मू-कश्मीर-841
  • हिमाचल प्रदेश-742
  • झारखंड-613
  • केरल-561
  • बिहार-367
  • छत्तीसगढ़-204

वीडियो बनाकर लोगों को किया जा रहा जागरूक

घरों में लाए गए पालीथीन को कचरा में नहीं फेंकने और उसका इको ब्रिक्स बनाने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए वीडियो बनाकर बच्चों को बताया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के प्रांत टोली से जुड़े गोपीनाथ घोष की लङकी ने इससे संबंधित एक वीडियो बनाई है।

Edited By: Sanjay Kumar