विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

रांची में दूर होगी पानी की किल्लत, पेयजल विभाग ने बनाया प्लान; ₹1.51 करोड़ की लागत से सुधरेगी पेयजल आपूर्ति

Published: Thu, 24 Sep 2026 09:47 PM (IST)

रांची में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था सुधारने और पुरानी पाइपलाइन में लीकेज की समस्या कम करने के लिए 1.51 करोड़ रुपये की तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी मिली है।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

HighLights

  1. रांची में 1.51 करोड़ की पेयजल परियोजनाओं को मंजूरी।

  2. बीआईटी मोड़ से जेएनवी तक नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी।

  3. रुक्का और जुमार में वैकल्पिक जल आपूर्ति व्यवस्था होगी।

वीरेंद्र रावत, रांची। राजधानी में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर करने और पुरानी पाइपलाइन में लीकेज की समस्या के कारण होने वाले जलापूर्ति संकट को कम करने की दिशा में विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है।

पेयजल एवं स्वच्छता स्वर्णरेखा शीर्षकार्य प्रमंडल, रांची की ओर से तीन महत्वपूर्ण कार्यों का प्राक्कलन तैयार किया गया है। इन तीनों कार्यों की अनुमानित लागत करीब 1.51 करोड़ रुपये है।

विभाग की ओर से प्राक्कलन की तकनीकी स्वीकृति के संबंध में पत्र जारी कर आगे की कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। वहीं, पहले चरण के तहत बीआइटी मोड़ से जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी), रांची तक डीआई (डक्टाइल आयरन) डिस्ट्रीब्यूशन पाइपलाइन बिछाई जाएगी।

यह काम वित्तीय वर्ष 2026-27 में किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने 68 लाख 76 हजार 584 रुपये का प्राक्कलन तैयार किया है। नई पाइपलाइन बिछने से संबंधित क्षेत्र में पेयजल वितरण नेटवर्क को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।साथ ही भविष्य में पाइपलाइन से जुड़ी समस्या को कम करने के उद्देश्य से यह काम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

रुक्का चेकपोस्ट से विकास रोटरी रिंग रोड तक वैकल्पिक व्यवस्था

दूसरे कार्य में पुराने डब्ल्यूटीपी को बार-बार पूरी तरह बंद करने की समस्या को दूर करने के लिए क्लियर वाटर राइजिंग मेन लाइन में वैकल्पिक व्यवस्था तैयार की जाएगी।

इसका उद्देश्य लीकेज की मरम्मत और राइजिंग लाइन के रखरखाव के दौरान जलापूर्ति पूरी तरह बंद होने से बचाना है। इसके तहत रुक्का सेक्शन कार्यालय में 36 इंच व्यास का एक स्लूइस वाल्व, रुक्का ओल्ड डब्ल्यूटीपी में 30 इंच का एक वाल्व, भास जोर में 8 इंच के चार वाल्व तथा रुक्का में चरणबद्ध तरीके से वाल्व लगाने और पुराने क्षतिग्रस्त चैंबर के जीर्णोद्धार का काम किया जाएगा।

यह कार्य रुक्का चेकपोस्ट से विकास रोटरी रिंग रोड के बीच किया जाएगा। इसके लिए 34 लाख 62 हजार 655 रुपये की राशि तय की गई है।

नर्सिंग होम से जुमार ब्रिज तक भी होगा काम

तीसरे चरण के तहत भी क्लियर वाटर राइजिंग मेन लाइन में वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। जुमार बस स्टैंड के पास दोनों तरफ 36 इंच व्यास के स्लूइस वाल्व लगाने और पुराने क्षतिग्रस्त चैंबर के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव है।

यह काम विकास नर्सिंग होम, नेवरी रिंग रोड से बीएसएनएल कार्यालय, जुमार ब्रिज तक किया जाएगा। इसके लिए 48 लाख 37 हजार 830 रुपये का प्राक्कलन तैयार किया गया है। तीनों योजनाओं की कुल अनुमानित लागत 1 करोड़ 51 लाख 77 हजार 69 रुपये है।

यह भी पढ़ें- जमशेदपुर हादसा: चार मेधावी छात्रों की मौत पर कार्मेल जूनियर कॉलेज में शोक, रांची में होगा मंत्री दीपिका पांडेय की बेटी तृषा का अंतिम संस्कार

पाइपलाइन मरम्मत के दौरान वैकल्पिक जलापूर्ति व्यवस्था उपलब्ध कराने और शहर की पेयजल आपूर्ति को अधिक सुचारु बनाने में मदद मिलेगी। शहर में शहरी जलापूर्ति पर शहर की लगभग 8 लाख से अधिक की आबादी निर्भर है। लोगों को पानी पहुंचाना विभाग का कर्तव्य है। इसके लिए विभागीय स्तर पर कार्य जारी है।

-

सुमित कुमार, कार्यपालक अभियंता, स्वर्णरेखा शीर्ष प्रमंडल बूटी रांची।