MS धोनी के घर भी पहुंचा बिन बुलाया मेहमान, अब सांपों को रास आ रहा रांची का माहौल; रेस्क्यू के लिए रोजाना 10 कॉल
रांची के आवासीय क्षेत्रों में सांप निकलने की घटनाएं बढ़ी हैं, अगस्त-सितंबर में औसतन दस कॉल प्रतिदिन आ रहे हैं। ...और पढ़ें

एआई जेनरेटेड इमेज।
HighLights
रांची में सांप रेस्क्यू के लिए प्रतिदिन दस कॉल आ रहे हैं।
शहरीकरण, बारिश से प्राकृतिक आवास खत्म होने से सांप शहर में।
राज्य ब्यूरो, रांची। रांची के आवासीय क्षेत्रों में इन दिनों सांप निकलने की घटनाएं बढ़ी हैं। अगस्त और सितंबर के महीने में प्रतिदिन औसतन दस फोन काल आए जिनमें लोगों ने घर में सांप आने की सूचना दी। सूचना देने के लिए लोगों ने आपातकालीन नंबर 112 और वन विभाग के हेल्पलाइन नंबर 1800889263 का प्रयोग किया।
इसके अलावा बिरसा मुंडा जू में भी फोन कर सांप निकलने और उसे रेस्क्यू करने की जानकारी दी गई। रांची के प्रमंडलीय वन पदाधिकारी श्रीकांत वर्मा ने बताया कि वन विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर सूचना मिलते ही सांप पकड़ने वाली टीम भेजी जाती है। लेकिन रांची के आसपास ग्रामीण क्षेत्रों में हमेशा स्नेक कैचर को भेजना संभव नहीं हो पाता। जबकि शहरी क्षेत्र में सांप पकड़ने के लिए विशेषज्ञ मौजूद हैं।
खास बात यह है कि पिछले साल की तुलना में इसबार आवासीय क्षेत्रों में सांप निकलने की घटनाएं बढ़ी हैं। 2025 में इन्हीं दो महीनों में औसतन तीन से पांच फोन आते थे जिसमें लोग सांप पकड़ने के लिए आग्रह करते थे।
प्राकृतिक आवास खत्म होने और बरसात की वजह से बढ़ी आवाजाही
हाल ही में महेंद्र सिंह धोनी और आजसू प्रमुख सुदेश महतो के घर पर सांप निकला तो उन्हें पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम पहुंची। अशोक नगर, बरियातू के प्रोफेसर कॉलोनी में भी घरों में सांप निकले।
पिछले चार पांच सालों में ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। सांप बचाने के विशेषज्ञ मणिप्रताप सिंह ने बताया कि रांची के आसपास आवासी क्षेत्र का विस्तार हो रहा है। ऐसे में उनका प्राकृतिक अधिवास खत्म हो रहा है। बारिश की वजह से पानी भर रहा है और सांप बेघर हो रहे हैं। इस वजह से ये शहर की ओर आ जाते हैं।
झारखंड में रसेल वाइपर भी निकल रहे
झारखंड में आम तौर पर कोबरा, करैत और रेट स्नेक जैसे सांप पाए जाते हैं। लेकिन इस साल पहली बार रामगढ़ में रसेल वाइपर सांप पकड़ा गया है। रांची के आसपास भी एक रसेल वाइपर मिला है। भारत में पाए जाने वाले सांपों में यह सबसे जहरीला और खतरनाक माना जाता है।
वर्जन, मणिप्रताप सिंह, सांप बचाने वाले विशेषज्ञ
इस साल सांप पकड़ने के लिए आने वाले फोन काल की संख्या पिछले कई सालों से ज्यादा है। हमें प्रतिदिन दस या उससे भी अधिक फोन आते हैं। शहरी क्षेत्र में अपार्टमेंट तक में सांप निकल रहे हैं।

वन विभाग की तरफ से भी हमें सांप निकलने की सूचना मिलती है और लोग सीधे भी फोन करते हैं। अच्छी बात यह है कि लोग सांपों को मारना नहीं चाहते। हमें बुलाकर सांपों को सुरक्षित जंगलों में छोड़ने के लिए कहते हैं।
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