झारखंड के तोरपा में रोमांचक रेस्क्यू: कुएं में गिरा हाथी का बच्चा, आक्रामक मादा हाथियों के बीच वन विभाग ने बचाई जान
तोरपा के गिडुंग में खेत के कुएं में गिरे एक हाथी के बच्चे को वन विभाग ने चार घंटे के ...और पढ़ें

कुएं में गिरा हाथी का बच्चा, रात में चार घंटे तक चला रेस्क्यू।
HighLights
तोरपा के गिडुंग में हाथी का बच्चा कुएं में गिरा।
दो मादा हाथियों ने बचाव कार्य में बाधा डाली।
चार घंटे के अभियान के बाद दो जेसीबी से निकाला।
संवाद सूत्र, तोरपा (रांची)। शनिवार की देर रात जंगली हाथियों के झुंड के साथ चल रहा एक हाथी का बच्चा अचानक खेत में बने कुएं में गिर गया। बच्चे के कुएं में गिरते ही झुंड की दो मादा हाथी मौके पर पहुंच गईं और कुएं के आसपास डेरा डाल दिया।
मादा हाथियों के आक्रामक तेवर के कारण वन विभाग की टीम को रेस्क्यू अभियान में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। करीब चार घंटे तक चले अभियान के बाद रविवार तड़के लगभग तीन बजे हाथी के बच्चे को सुरक्षित कुएं से बाहर निकाल लिया गया।
घटना तोरपा थाना क्षेत्र के गिडुंग का है। जानकारी के अनुसार शनिवार की शाम कर्रा क्षेत्र से आठ जंगली हाथियों का झुंड निकला था। झुंड में एक हाथी का बच्चा भी शामिल था। झुंड तोरपा के कुलडा जंगल पहुंचने के बाद उकड़िमाड़ी होते हुए गिडुंग की ओर बढ़ रहा था।
इसी दौरान झुंड के साथ चल रहा हाथी का बच्चा सिलास भेंगरा के खेत में बने कुएं में जा गिरा। रात करीब 11 बजे ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कुएं में गिरे हाथी के बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने की कवायद शुरू की।
मादा हाथियों ने बढ़ाई रेस्क्यू टीम की परेशानी
प्रभारी वनपाल अविनाश लुगुन ने बताया कि घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद जेसीबी की मदद से हाथी के बच्चे को निकालने का प्रयास शुरू किया गया। लेकिन कुएं के पास मौजूद दो मादा हाथी बच्चे को अकेला छोड़ने को तैयार नहीं थीं।
दोनों लगातार कुएं के आसपास घूमकर बच्चे की निगरानी कर रही थीं। ऐसे में रेस्क्यू टीम के लिए सीधे कुएं के पास जाकर अभियान चलाना जोखिम भरा था। जहां दो जेसीबी मंगानी पड़ी। इसके बाद दोनों जेसीबी को अलग-अलग काम में लगाया गया।
एक जेसीबी से कुएं में फंसे हाथी के बच्चे को बाहर निकालने का प्रयास किया गया, जबकि दूसरी जेसीबी की मदद से दोनों मादा हाथियों को सुरक्षित दूरी पर रखने की कोशिश की गई। जिसके बाद रात करीब 11 बजे शुरू हुई कवायद करीब चार घंटे बाद रविवार तड़के तीन बजे सफल हुई।
हाथी के बच्चे को सुरक्षित कुएं से बाहर निकाल लिया गया। वन विभाग के अविनाश लुगुन,राहुल कुमार,आनंद मुंडा,कमलेश सिंह बिझिया,अजय होरो,सुनीत तोपनो तथा 8 जवान सहित गांव के ग्रामीणों का सहयोग रहा।
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