'मिनटों का खेल और हजारों की कमाई!' रांची में तत्काल टिकटों की कालाबाजारी करने वाला युवक गिरफ्तार
रांची में रेलवे टिकट दलाल प्रवीण कुमार वर्मा को पकड़ा गया है, जो फर्जी आईडी की जगह अलग-अलग स्टेशनों से ...और पढ़ें

रांची में रेलवे टिकट दलाल प्रवीण कुमार वर्मा को पकड़ा गया। जागरण
HighLights
रांची में रेलवे टिकट दलाल प्रवीण कुमार वर्मा को पकड़ा गया।
दलाल फर्जी आईडी की जगह काउंटर से टिकट बुक करता था।
जागरण संवाददाता, रांची। तत्काल रेलवे टिकट की दलाली का तरीका बदल गया है। फर्जी आइडी के जरिए टिकट बनाने पर आधार लिंक की व्यवस्था ने रोक लगा दी तो दलालों ने अब काउंटर पर खड़े होकर टिकट कटाने का रास्ता अपना लिया।
रांची रेलवे स्टेशन में पकड़ा गया टिकट दलाल भी इसी तरीके से काम कर रहा था। वह एक ही स्टेशन से लगातार टिकट नहीं कटाता था, बल्कि शक से बचने के लिए अलग-अलग स्टेशनों पर जाकर टिकट बनवाता था। उसके नेटवर्क में दूसरे मंडलों के स्टेशनों पर भी लोग काउंटर से टिकट कटाने का काम करते थे।
एक सीट पर एक हजार का खेल
आरपीएफ पोस्ट रांची और सीआइबी रांची की कार्रवाई में पकड़े गए प्रवीण कुमार वर्मा, उम्र करीब 25 वर्ष, पिता महावीर प्रसाद वर्मा, निवासी रामूसरन, डाकघर मांद्रो, थाना देवरी, जिला गिरिडीह से पूछताछ में टिकट दलाली के इस नेटवर्क का पता चला। वह ग्राहकों के लिए तत्काल टिकट की व्यवस्था करता था और प्रत्येक सीट पर करीब एक हजार रुपये अतिरिक्त लेता था।
यानी एक टिकट में पांच यात्रियों की सीट कंफर्म कराने पर वह पांच हजार रुपये तक अतिरिक्त वसूलता था। तत्काल टिकट खुलने के कुछ ही मिनटों में कई यात्रियों के टिकट बन जाने पर उसकी कमाई 15 से 20 हजार रुपये तक पहुंच जाती थी। खास बात यह थी कि इसके लिए उसे किसी दुकान या साइबर कैफे में बैठने की जरूरत नहीं थी। वह रेलवे आरक्षण काउंटर पर ही खड़ा होकर टिकट कटाता था।
स्टेशन बदलता था, ताकि न हो शक
जांच में सामने आया कि दलाल एक ही आरक्षण केंद्र पर लगातार टिकट कटाने से बचता था। वह अलग-अलग स्टेशनों पर जाकर टिकट कटाता था। इसके पीछे उद्देश्य यह था कि रेलवे कर्मचारियों और सुरक्षा बलों को उस पर संदेह न हो। रांची के अलावा दूसरे मंडलों के स्टेशनों पर भी उसके संपर्क में रहने वाले लोग काउंटर पर खड़े होकर इसी तरह तत्काल टिकट कटाते थे।
इस तरह एक स्थान से टिकटों की व्यवस्था कराने के बजाय अलग-अलग स्टेशनों का इस्तेमाल कर नेटवर्क को चलाया जा रहा था। तत्काल टिकट की मांग अधिक होने के कारण जरूरतमंद यात्रियों से टिकट के वास्तविक मूल्य के अलावा मोटी रकम वसूलकर दलाल आर्थिक लाभ कमाते थे।
आधार लिंक होने के बाद बदला तरीका
रेलवे आरक्षण व्यवस्था में आधार से लिंक की प्रक्रिया मजबूत होने के बाद फर्जी पहचान के आधार पर टिकट बनाने की गुंजाइश काफी कम हुई है। ऐसे में टिकट दलालों ने टिकट बुक करने के लिए नई तरकीब अपनाई है। अब वे अलग-अलग लोगों को काउंटर पर खड़ा कर तत्काल टिकट कटवाने की कोशिश करते हैं और बाद में जरूरतमंद यात्रियों को अतिरिक्त राशि लेकर टिकट उपलब्ध कराते हैं।
इसी सूचना के आधार पर आरपीएफ पोस्ट रांची और सीआइबी रांची की टीम ने रेलवे बुकिंग काउंटर रांची में छापेमारी-सह-तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान प्रवीण कुमार वर्मा को पीआरएस काउंटर संख्या पांच से तत्काल टिकट खरीदने के बाद हिरासत में लिया गया।
तलाशी में उसके पास से कुल चार लाइव पीआरएस रेलवे टिकट बरामद हुए, जिनका कुल मूल्य 29,275 रुपये था। इसके अलावा एक मोबाइल फोन, तीन भरे हुए और चार खाली टिकट आरक्षण मांग-पत्र बरामद किए गए। पूछताछ में उसने ग्राहकों के लिए रेलवे टिकट की व्यवस्था कर अतिरिक्त शुल्क लेने की बात स्वीकार की।
बरामद टिकट और अन्य सामग्री जब्त कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके विरुद्ध आरपीएफ पोस्ट रांची में केस दर्ज किया गया।
वर्ष 2026 में 6 लोग गिरफ्तार
इस वर्ष 2026 में रेलवे सुरक्षा बल रांची मंडल के द्वारा अवैध रेलवे टिकट का कारोबार करने वाले 06 लोगों को गिरफ्तार किया गया जिसके लिए केस दर्ज कर कानूनी कार्यवाही की गई।
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