नेपाल त्रासदी : आवश्यक सामग्रियों की कालाबाजारी पर रोक को नेपाल में 17 कमेटियां करेंगी काम
नेपाल में बाढ़ त्रासदी के बीच आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने 17 कमेटियां बनाई हैं। राहत ...और पढ़ें

नेपाल में आई आपदा के बाद प्रधानमंत्री राहत कोष में बीस लाख की मदद का चेक नेपाल की उद्योग, वाणिज्य व आपूर्ति मंत्री गौरी कुमारी को चेक सौंपते डेविड ईंग। सौजन्य-मंत्रालय
HighLights
कालाबाजारी रोकने के लिए नेपाल में 17 कमेटियां गठित।
बाढ़ पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंचाने के प्रयास जारी।
भारत से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी।
संजय कुमार उपाध्याय, काठमांडू (नेपाल)। नेपाल के चार जिलों रसुवा, नुवाकोट, धादिंग व गोरखा में भोटे कोशी व त्रिशूली नदियों से मची तबाही के बीच देश में कही भी किसी भी जरूरी वस्तु की किल्लत नहीं हो इसके लिए सरकार के उद्योग-वाणिज्य व आपूर्ति मंत्रालय ने जरूरी कदम उठाए हैं।
मंत्रालय ने देश के सात राज्यों में किसी भी स्थिति में कालाबाजारी को रोकने के लिए 17 कमेटियां बनाई हैं। सबके कार्यक्षेत्र तय किए गए हैं।
बताया गया है कि अक्सर आपदा व त्योहार के अवसर पर आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी करनेवाले लोग सक्रिय हो जाते हैं। इस स्थिति में आम लोगों को परेशानी होती है।
इस स्थिति पर मंत्रालय सीधी नजर रखेगा। साथ ही इसके लिए बनाईं गईं नई कमेटियां सूचना संग्रह कर रिपोर्ट देंगी। इस आधार पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजा जाएगा।
श्री वन सैन्य तालिम केंद्र त्रिशूली में बने राहत कैंप को लगातार भेजी जा रहीं जरूरी चीजें
मंत्रालय बाढ़ पीड़ितों को किसी भी स्तर पर परेशानी नहीं हो, इसको लेकर सक्रिय रहे। दिन-रात मंत्री गौरी कुमारी व मंत्रालय के अधिकारी काम कर रहे हैं।
आपदा प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने व जरूरी काम करने के सभी संसाधन श्री वन सैन्य तालिम केंद्र त्रिशूली व नुवाकोट में राहत के लिए बनाए गए बेस कैंप तक पहुंचाए जा रहे।
राहत सामग्री के अलावा सैन्य तालिम केंद्र से लगातार उड़ान भर रहे हेलीकाप्टर के लिए ईंधन व अन्य चीजों की भी आपूर्ति लगातार की जा रही है।
नेपाल सरकार की ओर से साफ कर दिया गया है कि कहीं कोई परेशानी नहीं हो इसके लिए जरूरी इंतजाम करनेवाले सभी मंत्रालय चौबीस घंटे सक्रिय रहेंगे।
प्रधानमंत्री राहत कोष में पहुंच रही मदद
नेपाल के लिए अबतक की बड़ी त्रासदी के तौर पर उभरकर सामने आए जल-प्रलय के शिकार लोगों तक मदद पहुंचाने के लिए विभिन्न देश व संस्थाओं ने मदद को आगे हाथ बढ़ाया है।
इस क्रम में नेपाल सरकार के अलग-अलग वेबसाइट पर क्यू-आर कोड जारी किए गए हैं। लोग स्कैन कर मदद भेज रहे। पूर्वी चंपारण के डा. आशुतोष कुमार ने मदद भेजी है।
वहीं नेपाल में काम करनेवाली विभिन्न कंपनियों की ओर से भी यहां के विभागीय मंत्री को प्रधानमंत्री राहत कोष के लिए चेक सौंपा जा रहा है।
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भारत की ओर से आनेवाली सामग्रियों की हो रही निर्बाध आपूर्ति
भारत से नेपाल आनेवाली सभी आवश्यक सामग्रियों की निर्बाध आपूर्ति हो रही है। नेपाल सरकार की उद्योग व वाणिज्य मंत्री गौरी कुमारी भारत नेपाल को जरूरत के अनुरूप वो सारी चीजें दे रहा, जिसकी जरूरत है। या फिर जिसके लिए दोनों देशों के बीच करार है। आपदा की इस स्थिति में भी भारत से रसोई गैस व पेट्रो उत्पाद की आपूर्ति निर्बाध हो रही।
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नेपाल त्रासदी में अब भी 583 पर्यटक अब भी लापता, 315 बचाए गए
काठमांडू (नेपाल) । नेपाल त्रासदी में लापता विभिन्न देशों के पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए नेपाल सरकार लगातार काम कर रही है। लापता व प्रभावित क्षेत्र से निकाले गए पर्यटकों के बारे में नेपाल पर्यटन बोर्ड की साइट पर सोमवार की शाम छह बजे तक का अपडेट जारी किया गया है।
बोर्ड की ओर से जारी अपडेट के मुताबिक विभिन्न देशों के 583 पर्यटक लापता हैं। कुल बारह देशों के 315 पर्यटक प्रभावित इलाके से निकाल लिए गए हैं। जबकि तीन देशों के पांच पर्यटक नेपाल सरकार की एजेंसियों के संपर्क में आए हैं। राहत व बचाव दल उनको सुरक्षित निकालने का काम कर रहा है।
देश-बचाए गए पर्यटकों की संख्या
- भारत-187
- चाइना-108
- बुल्गारिया-01
- जर्मनी-04
- इटली-02
- माल्टा-04
- ओमान-01
- पुर्तगाल-01
- रसिया-02
- स्विटजरलैंड-01
- टर्की-01
- यूएसए-02
