मां के डांटने पर घर से भागे थे भाई-बहन; 48 घंटे में रांची पुलिस ने ढूंढा तो सामने आई चौंकाने वाली कहानी
रांची के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र से लापता हुए दो बच्चों को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सकुशल बरामद कर लिया है।

चंगाई प्रार्थना सभा स्थल से दोनों बच्चों को सुरक्षित लाया गया वापस।

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जागरण संवाददाता, रांची/तुपुदाना। जगरनाथपुर थाना क्षेत्र से लापता हुए मासूम भाई-बहन को पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस की सक्रियता, लगातार सीसीटीवी फुटेज की जांच और अलग-अलग टीमों की मेहनत के बाद दोनों बच्चों को तुपुदाना ओपी क्षेत्र स्थित चांद गांव में चल रही चंगाई प्रार्थना सभा से सुरक्षित वापस लाया गया।
बच्चों के मिलने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। जानकारी के अनुसार पटेल नगर सेक्टर वन पानी टंकी के पास किराये के मकान में रहने वाले चिरंजीव महतो की 10 वर्षीय बेटी रोशनी कुमारी और छह वर्षीय बेटा ध्रुवाश महतो सोमवार की दोपहर अचानक घर से लापता हो गए थे।
काफी खोजबीन के बाद भी जब दोनों का कोई पता नहीं चला तो पिता ने जगरनाथपुर थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई।
परिजनों के अनुसार बच्चों की मां ने किसी बात को लेकर रोशनी को डांट दिया था। इसी बात से नाराज होकर रोशनी अपने छोटे भाई को साथ लेकर घर से निकल गई थी।
पुलिस ने कई टीम बनाकर शुरू की तलाश
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई। हटिया के डीएसपी नीरज कुमार के नेतृत्व में डोरंडा, धुर्वा, जगन्नाथपुर, डेली मार्केट और तुपुदाना थाना क्षेत्र के पुलिसकर्मियों की अलग-अलग टीम बनाई गई।
मंगलवार से ही पुलिस ने हटिया रेलवे स्टेशन, बिरसा चौक और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। घंटों की जांच के बाद पुलिस को दोनों बच्चे बिरसा चौक से हवाई नगर, सिंह मोड़ और हटिया की ओर जाते दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने तुपुदाना क्षेत्र में सर्च अभियान तेज कर दिया।
लगातार प्रयास के बाद बुधवार दोपहर करीब दो बजे पुलिस को सफलता मिली। दोनों बच्चे तुपुदाना ओपी क्षेत्र के चांद गांव में चल रही चंगाई प्रार्थना सभा स्थल पर मिले।
पुलिस टीम बच्चों के माता-पिता को भी साथ लेकर गई थी। वहां पहुंचते ही माता-पिता ने बच्चों को पहचान लिया और बच्चों ने भी अपने परिजनों को देखते ही उनसे लिपट गए। इसके बाद पुलिस दोनों को लेकर जगन्नाथपुर थाना पहुंची।
तीन दिनों तक चंगाई सभा में ही रहे बच्चे
पूछताछ में रोशनी ने पुलिस को बताया कि वह अपनी मां के डांटने से नाराज थी। उसे चांद गांव में लगने वाली चंगाई सभा का रास्ता याद था, क्योंकि उसकी मां वहां अक्सर जाती थी।
इसी वजह से वह अपने छोटे भाई को लेकर पैदल ही घर से निकल गई। दोनों बच्चे बिरसा चौक से खूंटी रोड की ओर पैदल चलते रहे।
रास्ते में जहां प्यास लगी वहां पानी पी लिया और होटल के आसपास खड़े रहने पर किसी ने कुछ खाने को दिया तो खा लिया। धीरे-धीरे चलते हुए दोनों शाम तक चांद गांव पहुंच गए।
वहां चंगाई सभा में खाना खाने के बाद दोनों भाई-बहन रात में टेंट के पास ही सो गए। अगले दिन भी दोनों वहीं रहे, खाना खाते और आसपास खेलते रहे। सभा में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ लगी रहती थी, इसलिए किसी को उन पर विशेष संदेह नहीं हुआ।
पूछने पर बच्चों ने बताई दूसरी कहानी
चंगाई सभा के संचालक पास्टर वीरेंद्र कुजूर ने बताया कि सोमवार शाम दोनों बच्चे अकेले वहां पहुंचे थे। खाना खाने के बाद रात में टेंट में ही सो गए।
उन्होंने बताया कि पूछताछ करने पर बच्चों ने कहा था कि उनके माता-पिता नहीं हैं और वे नानी के यहां रहते हैं। बच्चों ने अपना सही पता या माता-पिता का नाम नहीं बताया। इसी कारण वहां मौजूद लोगों को लगा कि दोनों आसपास के गांव के ही बच्चे हैं।
सभा में मौजूद आशीष तिर्की ने बताया कि दोनों बच्चे लगातार वहीं खेलते और खाना खाते रहे। कभी उन्होंने घर लौटने की बात नहीं कही। पुलिस जब वहां पहुंची तो दोनों बच्चे छिपने का प्रयास करने लगे।
2023 में घर से निकलकर भटक गई थी रोशनी
परिजनों ने बताया कि इससे पहले वर्ष 2023 में रोशनी घर से निकलकर भटक गई थी। उस समय काफी खोजबीन के बाद उसे डोरंडा थाना क्षेत्र के मनीटोला इलाके से बरामद किया गया था।
बच्चों के पिता चिरंजीव महतो ने बताया कि बच्चों की मां अक्सर डांट-फटकार करती है, जिससे बच्चे मानसिक रूप से परेशान हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को समझाने और बेहतर देखभाल की जरूरत है।
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