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रांची में मेदांता और पारस अस्पताल में भी किडनी ट्रांसप्लांट को मंजूरी, RIMS में सुविधा विकसित करने पर जोर

Published: Thu, 22 Oct 2026 07:52 PM (GMT+05:30)

रांची में पारस और मेदांता अस्पतालों को गुर्दा प्रत्यारोपण की अनुमति मिल गई है, जबकि रिम्स में भी यह सुविधा ...और पढ़ें

ब्रेन-डेड मरीजों के अंगदान और ट्रांसप्लांट के लिए नए दिशा-निर्देश मंजूर। (विजुअल: एआई जेनरेटेड)

ब्रेन-डेड मरीजों के अंगदान और ट्रांसप्लांट के लिए नए दिशा-निर्देश मंजूर। (विजुअल: एआई जेनरेटेड)

HighLights

  1. रांची के पारस और मेदांता को गुर्दा प्रत्यारोपण की स्वीकृति।

  2. रिम्स में गुर्दा प्रत्यारोपण सुविधा विकसित करने पर विशेष जोर।

  3. मस्तिष्क-मृत व्यक्तियों के अंगदान हेतु नए दिशा-निर्देश स्वीकृत।

राज्य ब्यूरो, रांची। रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) के अलावा निजी अस्पतालों में रांची के ही पारस तथा मेदांता अस्पताल में शीघ्र ही गुर्दा (किडनी) प्रत्यारोपण की सेवा बहाल की जाएगी। गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में अंग प्रत्यारोपण सलाहकार समिति की अहम बैठक हुई।

जिसमें रिम्स में गुर्दा प्रत्यारोपण की सुविधा बहाल करने के लिए आवश्यक तैयारी करने पर जोर दिया गया, वहीं पारस (एचईसी) और मेदांता के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में अंग प्रत्यारोपण के लिए अस्पतालों के पंजीकरण, रिम्स में गुर्दा प्रत्यारोपण की सुविधा विकसित करने तथा मस्तिष्क-मृत मरीजों के अंगदान और प्रत्यारोपण की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई।

समिति की बैठक में नेत्र की पुतली एवं गुर्दा प्रत्यारोपण के लिए अस्पतालों के पंजीकरण तथा नवीकरण से संबंधित प्रस्तावों की समीक्षा की गई। इस दौरान जमशेदपुर आई हॉस्पिटल, रांची के मेदांता अब्दुर रज्जाक अंसारी मेमोरियल वीवर्स हॉस्पिटल, पारस एचईसी हास्पिटल धुर्वा तथा आर्किड मेडिकल सेंटर, रांची से संबंधित प्रस्तावों पर विचार किया गया।

इन अस्पतालों को निर्धारित मानकों एवं आवश्यक प्रक्रियाओं के अनुरूप पंजीकरण के संबंध में आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा। बैठक में पारस और मेदांता के प्रस्ताव को गुर्दा प्रत्यारोपण के लिए के लिए स्वीकृति दी गई।

बैठक में निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं डाॅ. सिद्धार्थ सान्याल, रिम्स के हृदय रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. हेमंत नारायण राय, गुर्दा रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डाॅ. प्रज्ञा घोष पंत, नेत्र रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. सुनील कुमार, झारखंड उच्च न्यायालय की अधिवक्ता निरुपमा, क्यूरेस्टा अस्पताल के निदेशक डाॅ. संजय कुमार, उप सचिव ध्रुव प्रसाद तथा राज्य अंग एवं
ऊतक प्रत्यारोपण संगठन के पदाधिकारी उपस्थित थे।

रिम्स में गुर्दा प्रत्यारोपण सुनिश्चित करने के लिए गठित होगी टीम

बैठक में अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि रिम्स में गुर्दा प्रत्यारोपण की सुविधा विकसित करने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रशिक्षित संकाय सदस्यों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। अनुभवी शल्य चिकित्सकों को जोड़ने के साथ-साथ राज्य के तीन से चार योग्य चिकित्सकों का चयन कर विशेष दल गठित करने की दिशा में कार्रवाई की जाए।

आवश्यकता के अनुसार बाहर से भी एक-दो विशेषज्ञ चिकित्सक बुलाए जा सकते हैं। उन्होंने सीएमसी, वेल्लोर के विशेषज्ञों से समन्वय स्थापित करने की संभावनाओं पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अनुभवी विशेषज्ञों के सहयोग से रिम्स के चिकित्सकों को प्रशिक्षित करने तथा प्रत्यारोपण के लिए आवश्यक संसाधनों और व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।

मस्तिष्क-मृत व्यक्तियों के अंगदान के लिए दिशा-निर्देश को स्वीकृति

झारखंड सरकार ने अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण की प्रक्रिया को व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए ‘झारखंड मृत अंगदाता अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण दिशा-निर्देश’ जारी करने की स्वीकृति दी है।

इनमें मस्तिष्क मृत्यु की अनिवार्य घोषणा, गैर-प्रत्यारोपण केंद्रों से मस्तिष्क-मृत व्यक्तियों के अंग प्राप्त करने की प्रक्रिया, चिकित्सकीय-कानूनी मामलों में मृत्यु के बाद शव परीक्षण तथा अंगों के परिवहन के लिए हरित गलियारा स्थापित करने से संबंधित दिशा-निर्देश भी सम्मिलित हैं। बैठक में इसपर भी चर्चा हुई। 

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