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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jharkhand Liquor Scam: शराब घोटाले में अब ओम साईं कंपनी के निदेशक अतुल कुमार सिंह और मुकेश मनचंदा गिरफ्तार

Published: Mon, 07 Jul 2025 10:05 PM (IST)

रांची में एसीबी ने शराब घोटाला मामले में छत्तीसगढ़ की शराब कंपनी के दो निदेशकों को गिरफ्तार किया है। श्री ...और पढ़ें

शराब घोटाले में अब ओम साईं कंपनी के निदेशक अतुल कुमार सिंह व मुकेश मनचंदा गिरफ्तार
शराब घोटाले में अब ओम साईं कंपनी के निदेशक अतुल कुमार सिंह व मुकेश मनचंदा गिरफ्तार

HighLights

  1. शराब घोटाले में दो और गिरफ्तार
  2. छत्तीसगढ़ के निदेशक शामिल
  3. एसीबी कर रही है जांच

राज्य ब्यूरो, रांची। शराब घोटाला मामले में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत जांच कर रही झारखंड एसीबी ने सोमवार की शाम छत्तीसगढ़ की शराब आपूर्ति कंपनी के दो निदेशकों को गिरफ्तार कर लिया है। इन निदेशकों में श्री ओम साईं ब्रिवरीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशक अतुल कुमार सिह व मुकेश मनचंदा शामिल हैं। दोनाें ही आरोपित छत्तीसगढ़ के निवासी हैं।

एसीबी ने सोमवार को उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था। पूछताछ के बाद देर शाम इन्हें गिरफ्तार किया गया है। एसीबी इन दोनों ही आरोपितों को मंगलवार को रांची स्थित एसीबी की विशेष अदालत में पेश करेगी। इन दोनों की गिरफ्तारी के साथ ही शराब घोटाला मामले में अब तक कुल दस गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

इससे पहले, एसीबी ने उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग झारखंड के पूर्व प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे, संयुक्त आयुक्त उत्पाद गजेंद्र सिंह, पूर्व महाप्रबंधक वित्त सुधीर कुमार दास, पूर्व महाप्रबंधक वित्त सह अभियान सुधीर कुमार, प्लेसमेंट एजेंसी मार्शन के स्थानीय प्रतिनिधि नीरज कुमार सिंह, पूर्व उत्पाद आयुक्त अमित प्रकाश, छत्तीसगढ़ का शराब कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया, मेसर्स प्रिज्म होलोग्राफी के प्रबंध निदेशक विधु गुप्ता को गिरफ्तार किया था। सभी न्यायिक हिरासत में रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद हैं।

सिद्धार्थ सिंघानिया व विधु गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद सामने आई इन दोनों की भूमिका

झारखंड में मई 2022 में तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय कुमार चौबे के कार्यकाल में लागू नई उत्पाद नीति में छत्तीसगढ़ के कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया के प्रवेश के साथ ही छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के सभी संदिग्धों का भी झारखंड में प्रवेश हो गया।

सिद्धार्थ सिंघानिया का शराब आपूर्ति कंपनियों में भी पकड़ थी। उसने अपने अनुसार तत्कालीन उत्पाद नीति में कुछ नियम व शर्तें भी जुड़वाईं। झारखंड में शराब की आपूर्ति कर रही कंपनियों को प्रभावित किया और छत्तीसगढ़ की कंपनियों का प्रवेश कराया। इन्हीं कंपनियों में एक नाम श्री ओम साईं ब्रिवरीज प्राइवेट लिमिटेड का आया।

इस कंपनी ने भी छत्तीसगढ़ के साथ-साथ झारखंड में भी नियम विरुद्ध शराब की आपूर्ति कर शराब घोटाले में अपनी भूमिका निभाई और इससे जुड़े अधिकारियों को कमीशन देकर मालामाल किया।

एसीबी की जांच में इस कंपनी की संलिप्तता सामने आने के बाद इसके दोनों निदेशकों को एसीबी ने समन कर पूछताछ के लिए बुलाया था। सोमवार को पूछताछ के बाद दोनों ही गिरफ्तार हुए। अब इनसे पूछताछ में कई और नाम जुड़ेंगे, जिनकी भविष्य में गिरफ्तारी हो सकती है।