रांची में मच्छर हो गए 'सुपर स्ट्रॉन्ग'! अब पुरानी दवा नहीं कर रही असर, नगर निगम बदलेगा कैमिकल
रांची के मच्छर पुरानी दवा डेल्टा मेथरिन के प्रति प्रतिरोधी हो गए हैं, जिससे इसका असर केवल 50% रह गया ...और पढ़ें

एआई जेनरेटेड इमेज।
HighLights
पुरानी दवा डेल्टा मेथरिन के प्रति मच्छरों में प्रतिरोधक क्षमता।
अगले सप्ताह से मालाथिआन आधारित नई दवा का प्रयोग।
आदिल हसन, रांची। राजधानी के मच्छरों ने अब खुद को इतना ताकतवर बना लिया है कि उन्हें मारने के लिए रांची नगर निगम वर्षों से जिस दवा का इस्तेमाल कर रहा है, उसका असर लगातार कम होता जा रहा है।
हालात यह हैं कि फागिंग के दौरान निकलने वाले धुएं से मच्छर कुछ देर के लिए सुस्त या बेहोश जरूर हो जाते हैं, लेकिन थोड़ी देर बाद फिर से उड़ने लगते हैं। यही वजह है कि नगर निगम अब मच्छर मारने वाले कैमिकल को बदलने की तैयारी में है।
रांची नगर निगम की स्वास्थ्य पदाधिकारी डा किरण कुमारी ने बताया कि वर्तमान में थर्मल फागिंग के दौरान डीजल में 1.23 प्रतिशत डेल्टा मेथरिन यूएलवी दवा मिलाकर छिड़काव किया जाता है।
लेकिन कई वर्षों से लगातार एक ही रसायन के उपयोग के कारण मच्छरों ने इसके प्रति प्रतिरोधक क्षमता (रेजिस्टेंस) विकसित कर ली है। इसका परिणाम यह है कि अब यह दवा केवल करीब 50 प्रतिशत मच्छरों पर ही प्रभावी रह गई है।
उन्होंने बताया कि मलेरिया नियंत्रण की गाइडलाइन के अनुसार अब नगर निगम मालाथिआन आधारित दवा का इस्तेमाल शुरू करेगा। अगले सप्ताह से नई दवा के उपयोग की योजना है। उम्मीद है कि इससे 80 प्रतिशत से अधिक मच्छरों और उनके लार्वा को खत्म करने में सफलता मिलेगी।
नई दवा गंदे और साफ दोनों तरह के पानी में पनपने वाले लार्वा पर प्रभावी होगी, जिससे मच्छरों की संख्या पर बेहतर नियंत्रण संभव होगा। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि केवल फागिंग से मच्छरों पर पूरी तरह नियंत्रण संभव नहीं है। इसके लिए जलजमाव रोकना, घरों के आसपास साफ-सफाई रखना और लार्वा बनने वाले स्रोतों को खत्म करना भी जरूरी है।
क्या है थर्मल फागिंग?
थर्मल फागिंग में डीजल के साथ 1.25 प्रतिशत डेल्टा मेथरिन यूएलवी मिलाकर मशीन से सफेद धुआं छोड़ा जाता है। यह धुआं वातावरण में फैलकर वयस्क (बड़े) मच्छरों को मारने का काम करता है। हालांकि लंबे समय से एक ही दवा के इस्तेमाल के कारण इसकी प्रभावशीलता कम हो गई है।
क्या है कोल्ड फागिंग?
कोल्ड फागिंग में पानी में दो प्रतिशत डेल्टा मेथरिन मिलाकर मशीन से महीन फुहार के रूप में छिड़काव किया जाता है। यह धीरे-धीरे जमीन और आसपास की सतह पर जमता है तथा मच्छरों के लार्वा को खत्म करने में अधिक कारगर माना जाता है। थर्मल फागिंग की तुलना में अधिक प्रभावी तकनीक है।
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