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रांची में रात गुजारने के लिए पैसे नहीं हैं? खादगढ़ा आश्रयगृह में मुफ्त ठहरने की सुविधा, जानें क्या है नियम

By Satyendra GuptaEdited By: Mansi Kumari
Published: Wed, 30 Sep 2026 12:24 PM (IST)

रांची के कांटाटोली स्थित खादगढ़ा बस स्टैंड के पीछे नगर निगम द्वारा संचालित आश्रयगृह जरूरतमंदों को मुफ्त में ठहरने की ...और पढ़ें

नगर निगम द्वारा संचालित आश्रयगृह में मुफ्त ठहरने की सुविधा। जागरण

नगर निगम द्वारा संचालित आश्रयगृह में मुफ्त ठहरने की सुविधा। जागरण

HighLights

  1. नगर निगम द्वारा संचालित आश्रयगृह में मुफ्त ठहरने की सुविधा।

  2. आधार कार्ड अनिवार्य, सुरक्षा और स्वच्छता का विशेष ध्यान।

  3. रोजगार, इलाज हेतु रांची आने वालों के लिए उपयोगी।

सत्येन्द्र गुप्ता, रांची। राजधानी आने वाले ऐसे जरूरतमंद लोगों को अब रात गुजारने के लिए फुटपाथ या खुले आसमान के नीचे रहने की मजबूरी नहीं है, जिनके पास होटल या अन्य जगह ठहरने के लिए पैसे नहीं हैं।

कांटाटोली स्थित खादगढ़ा बस स्टैंड के पीछे नगर निगम की ओर से संचालित आश्रयगृह में जरूरतमंद लोगों को मुफ्त में ठहरने की सुविधा मिल रही है। यहां रहने के लिए किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाता है।

आश्रय गृह में लोगों के सोने के लिए बेड, साफ-सुथरे बाथरूम और शौचालय की व्यवस्था है। बिजली और पानी की सुविधा भी उपलब्ध है। जरूरत के अनुसार, लोग यहां दो से तीन दिन तक ठहर सकते हैं।

आश्रयगृह में एक साथ करीब 50 लोगों के रहने की व्यवस्था है। प्रतिदिन औसतन 20 से 25 जरूरतमंद यहां पहुंच रहे हैं। यहां सुरक्षा को लेकर सीसीटीवी भी लगाया गया है। इस आश्रयगृह पहली प्राथमिकता स्वच्छता व सफाई है। यहां तीन टाइम सफाई होती है।

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दिव्यांगों के लिए अलग कमरे की व्यवस्था

आश्रयगृह दो तल्ले की इमारत में संचालित है। भूतल पर पांच कमरे हैं। इनमें तीन कमरे दिव्यांग लोगों के लिए निर्धारित हैं। एक कमरे में कार्यालय तथा एक कमरे में कर्मचारियों के लिए किचेन सहित व्यवस्था है। प्रथम और द्वितीय तल पर दो-दो बड़े कमरे और एक-एक हाल है। दोनों तलों पर 22-22 बेड लगाए गए हैं। सभी फ्लोर पर शौचालय और बाथरूम की व्यवस्था है। पीने के लिए प्रत्येक तल पर पानी की सुविधा उपलब्ध है।

बिना आधार कार्ड का प्रवेश वर्जित

आश्रयगृह में प्रवेश से पहले लोगों से गहन पूछताछ की जाती है। कहीं कोई अपराधी प्रवृत्ति के व्यक्ति तो नहीं है। बिना आधार कार्ड के प्रवेश नहीं दिया जाता। प्रबंधन की ओर से पहचान की जांच के बाद ही लोगों को ठहरने की अनुमति दी जाती है। इसका उद्देश्य आश्रय स्थल में आने वाले लोगों की पहचान सुनिश्चित करने के साथ सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना है। यहां 24 घंटे दो केयरटेकर तैनात रहते हैं।

गरीब और जरूरतमंदों के लिए बना सहारा

रांची जैसे शहर में रोजगार, इलाज, परीक्षा, आधार कार्ड में सुधार या अन्य जरूरी काम से आने वाले कई लोग आर्थिक परेशानी के कारण होटल या गेस्टहाउस में नहीं ठहर पाते। ऐसे लोगों के लिए यह आश्रयगृह काफी उपयोगी साबित हो रहा है। बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन के नजदीक होने के कारण बाहर से आने वाले जरूरतमंद लोगों के लिए यहां पहुंचना भी आसान है।

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डोमेट्री में ठहरने के लिए बाहर देना पड़ता है 250 रुपये

खादगढ़ा बस स्टैंड में यात्रियों के लिए एक बिरसा मुंडा गेस्ट हाउस व चालक-खलासी के लिए भी आश्रय बना हुआ है। ये दोनों गेस्टहाउस में पैसा देना पड़ता है। बिरसा मुंड गेस्ट हाउस में यात्रियों को एक रात के लिए 250 रुपये चुकाने होते हैं। वहीं, आश्रय गृह में मुफ्त सुविधा मिलती है। इसके अलावा जरूरत के अनुसार यहां लोग दो से तीन भी ठहर सकते हैं। पैसे नहीं देना पड़ता है।

आश्रयगृह में आने वाले लोगों की हर सुविधाओं को ख्याल रखा जाता है। ताकि कोई परेशानी नहीं हो। जिसको यहां आना हो आधार कार्ड के साथ आए। रात 11 बजे के बाद प्रवेश वर्जित है।

-चंद्रशेखर पांडेय, केयर टेकर, आश्रयगृह।

इलाज कराने चक्रधरपुर आया था। बस छूट गई और पास में पैसे भी नहीं थे। ऐसे में आश्रय गृह का सहारा मिला।

-जयराम जामुवा, चक्रधरपुर।

एक मरीज को देखने आया था। रात में अस्पताल में रुकने नहीं दिया गया। इसलिए आश्रयगृह में आकर रात गुजारनी पड़ी।

-ढुलू कांडेदांग, चक्रधरपुर।

अग्निवीर में चयन हुआ है। नामकुम में प्री-मेडिकल के लिए बुलाया गया है। रात में आश्रयगृह में रुका हूं, क्योंकि यहां रहने के लिए कोई पैसा नहीं लगता।

-जौन लकड़ा, बसिया, गुमला।

आधार कार्ड में नाम ठीक करवाने आया हूं। सुबह मंगल टावर में लाइन लगानी है। इसलिए रात में आश्रयगृह में रुक गया। सुबह लाइन में लगनी है।

-राहुल हंसदा, घाटशिला।

भाई रांची में काम करते हैं। पुरुलिया का नाम सुनकर गेस्टहाउस में जगह देने से मना कर दिया। इसलिए आश्रयगृह में रुकना पड़ा।

-प्रदीप महतो, पुरुलिया, बंगाल।

तारीख रुकने वालों की संख्याः

  • 21 सितंबर- 20
  • 22 सितंबर- 24
  • 23 सितंबर- 20
  • 24 सितंबर- 24
  • 25 सितंबर- 27
  • 26 सितंबर- 14
  • 27 सितंबर- 25
  • 28 सितंबर- 26

आश्रयगृह खादगढ़ा का नंबर

  • 7654306034- चंद्रशेखर पांडेय
  • 8114524856 -संचु खाखा 

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