रात के सन्नाटे में तड़ातड़ चलीं गोलियां, रांची में 6 राउंड फायरिंग से मचा हड़कंप; गवाह ने लगाए गंभीर आरोप
डोरंडा, रांची में रविवार रात उर्दू लाइब्रेरी के पास दो गुटों के बीच विवाद के बाद छह राउंड फायरिंग से ...और पढ़ें

डोरंडा में छह राउंड फायरिंग।
HighLights
रांची के डोरंडा में रविवार रात छह राउंड फायरिंग हुई।
अल्ताफ हत्याकांड के गवाह जावेद ने डराने का आरोप लगाया।
जागरण संवाददाता, रांची। रांची के डोरंडा थाना क्षेत्र के धोबी घाट स्थित उर्दू लाइब्रेरी के पास रविवार रात दो गुटों के बीच विवाद के बाद हुई फायरिंग से इलाके में दहशत फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के दौरान करीब छह राउंड गोलियां चलने की बात सामने आई है। फायरिंग के बाद लोग वाहनों पर सवार होकर मौके से फरार हो गए।
पुलिस मामले की जांच में जुटी है और घटनास्थल व आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। इधर, दरगाह कमेटी के महासचिव जावेद ने इस घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें डराने के उद्देश्य से उनके घर के पास फायरिंग की गई है।
जावेद का दावा है कि वह अल्ताफ मर्डर केस के मुख्य गवाह हैं और इस मामले में आगामी 17 तारीख को कोर्ट में उनकी तारीख है। उनका आरोप है कि मामले से जुड़े आरोपित उन्हें डराकर-धमकाकर कोर्ट जाने और गवाही की प्रक्रिया से दूर रखने का प्रयास कर रहे हैं।
जावेद ने एक अन्य मामले का भी हवाला दिया है। उनके अनुसार, एक जमीन विवाद को लेकर हुई हिंसक झड़प के मामले में उनकी पत्नी भी सूचक हैं। उनका आरोप है कि इन दोनों मामलों को लेकर उन्हें और उनके परिवार को लगातार दबाव में लाने की कोशिश की जा रही है।
छोटू अफाक और संजर पर गोली चलाने का शक
फायरिंग की घटना को लेकर जावेद ने छोटू ,अफाक और संजर पर गोली चलाने का शक जताया है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी घटना के पीछे अली, आजम और अन्य लोगों का हाथ हो सकता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि फायरिंग में कौन लोग शामिल थे और घटना के पीछे वास्तविक वजह क्या थी।
विवाद के बाद अचानक शुरू हुई फायरिंग
बताया जाता है कि रविवार रात उर्दू लाइब्रेरी के पास किसी बात को लेकर दो गुटों के लोगों के बीच कहासुनी शुरू हुई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। इसी दौरान फायरिंग शुरू हो गई।
लगातार गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग सहम गए और कई लोग अपने घरों तथा दुकानों के अंदर चले गए। कुछ देर तक इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। घटना की सूचना मिलने के बाद डोरंडा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया।
सीसीटीवी से खुलेगा फायरिंग का राज
पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। फुटेज के जरिए घटनास्थल पर मौजूद लोगों और फायरिंग करने वालों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि फायरिंग में कितने हथियारों का इस्तेमाल हुआ और वास्तव में कितनी गोलियां चलाई गईं।
पुलिस आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है, ताकि विवाद की शुरुआत से लेकर फायरिंग और उसके बाद आरोपितों के भागने तक की पूरी कड़ी सामने आ सके। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से कोई विवाद चल रहा था या रविवार शाम एक युवक के साथ मारपीट करने के बाद यह मामला हिंसक हुआ।
17 तारीख की कोर्ट डेट को लेकर बढ़ी गंभीरता
जावेद के आरोपों के बाद मामले का एक अहम पहलू आगामी 17 तारीख की कोर्ट डेट भी है। उनका कहना है कि अल्ताफ हत्याकांड में मुख्य गवाह होने के कारण उन्हें कोर्ट जाने से रोकने के लिए धमकाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि फायरिंग का संबंध कोर्ट की तारीख या गवाही से है अथवा इसके पीछे कोई अन्य विवाद है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर बिंदु पर जांच कर रही है। फायरिंग में शामिल लोगों की पहचान, हथियारों के इस्तेमाल, विवाद की वजह और जावेद की ओर से लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
