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दोस्ती, नौकरी और एक फाइल... रांची में ठगी के तीन अलग-अलग तरीके, लोगों के खातों से उड़े 8.65 लाख रुपये

Published: Tue, 27 Oct 2026 08:41 AM (IST)

रांची में साइबर ठगी के तीन बड़े मामले सामने आए हैं, जिनमें कुल 8.65 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी ...और पढ़ें

रांची में ठगी के तीन मामले, 8.65 लाख रुपये से अधिक की चपत।

रांची में ठगी के तीन मामले, 8.65 लाख रुपये से अधिक की चपत।

HighLights

  1. रांची में ठगी के तीन मामले, 8.65 लाख रुपये से अधिक की चपत।

  2. विदेशी महिला से फेसबुक पर दोस्ती कर प्रबंधक से 3.54 लाख की ठगी।

  3. विधानसभा में नौकरी के झांसे में महिला ने गिरवी रखे सोने के गहने।

जागरण संवाददाता, रांची। साइबर ठग लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए हर दिन नए-नए तरीके अपना रहे हैं। कभी सोशल मीडिया पर दोस्ती का हाथ बढ़ाकर तो कभी मोबाइल पर संदिग्ध फाइल भेजकर लोगों की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ कर रहे हैं। वहीं, नौकरी दिलाने के नाम पर भी लोगों की उम्मीदों का फायदा उठाया जा रहा है। ऐसे ही तीन मामले रांची से सामने आए हैं।

एक मामले में सोशल मीडिया पर विदेशी महिला से दोस्ती हुई। महिला ने रांची घूमने आने का भरोसा दिलाया और फिर कस्टम अधिकारी बनकर एक प्रबंधक से 3.54 लाख रुपये ठग लिए गए। दूसरे मामले में आरटीओ चालान के नाम पर व्हाट्सएप से भेजी गई एपीके फाइल को छूते ही एक दंपती के बैंक खातों से 2.36 लाख रुपये निकल गए। वहीं, तीसरे मामले में विधानसभा में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक महिला से 2.74 लाख रुपये लेने का आरोप है।

साइबर ठगी और धोखाधड़ी के इन तीन मामलों में कुल 8.65 लाख रुपये से अधिक की रकम गंवाने की शिकायत सामने आई है। तीनों मामलों में ठगी के तरीके भले ही अलग-अलग रहे हों, लेकिन सभी में लोगों के भरोसे का फायदा उठाया गया।

कहीं विदेशी महिला से दोस्ती और उसके रांची आने की बात पर एक प्रबंधक ठगों के जाल में फंस गया, तो कहीं दोस्त के व्हाट्सएप अकाउंट से आई फाइल एक दंपती के लिए भारी पड़ गई। वहीं, नौकरी पाने की उम्मीद में एक महिला ने अपने सोने के गहने तक गिरवी रख दिए।

फेसबुक पर विदेशी महिला से दोस्ती, कस्टम अधिकारी बनकर 3.54 लाख रुपये की ठगी

सोशल मीडिया पर विदेशी महिला से दोस्ती कर एक अधिकारी को साइबर ठगी का शिकार बनाया गया। महिला ने खुद को लंदन की निवासी रेजिना डेसमंड बताया था। इसके बाद मुंबई एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारी बनकर फोन करने वाले व्यक्ति ने अतिरिक्त सामान और मनी लान्ड्रिंग शुल्क के नाम पर पैसे वसूले। पीड़ित प्रकाश कुमार दास ने 3,54,287 रुपये की ठगी की शिकायत की है।

प्रकाश कुमार दास स्वर्णरेखा जन विद्युत परियोजना में प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं और देवघर जिले के स्थायी निवासी हैं। उनके अनुसार, उनके मोबाइल नंबर और फेसबुक अकाउंट के माध्यम से रेजिना डेसमंड नाम की महिला ने दोस्ती की। महिला ने भारत घूमने आने और रांची आने की बात कही। उसने फ्लाइट टिकट से संबंधित दस्तावेज भी व्हाट्सएप पर भेजे।

शिकायत के मुताबिक, 22 अक्टूबर को महिला ने मुंबई एयरपोर्ट से शहर घूमने आने के लिए संपर्क किया। इसके बाद एक मोबाइल नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को कस्टम अधिकारी बताते हुए कहा कि रेजिना उनसे मिलने आई है और अतिरिक्त सामान के शुल्क तथा रांची की फ्लाइट टिकट के लिए पैसे देने होंगे। इसके बाद आरबीआइ और मनी लान्ड्रिंग शुल्क के नाम पर भी यूपीआइ से रकम ली गई।

एपीके फाइल भेजकर की ठगी

आरटीओ चालान के नाम पर व्हाट्सएप से भेजी गई एपीके फाइल साइबर ठगी का माध्यम बन गई। सिल्ली निवासी वीरेंद्र प्रमाणिक (41) और उनकी पत्नी जयन्ती देवी के बैंक खातों से कुल 2,36,199 रुपये की अवैध निकासी कर ली गई। पीड़ित ने साइबर अपराध थाना में शिकायत दर्ज कराते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

वीरेंद्र प्रमाणिक के अनुसार, उनके मोबाइल नंबर पर दोस्त के मोबाइल नंबर से व्हाट्सएप संदेश आया था। संदेश में आरटीओ चालान के नाम पर एक एपीके फाइल भेजी गई थी। उन्होंने फाइल को टच किया, लेकिन वह खुली नहीं।

इसके बाद दोस्त को फोन किया तो उसने बताया कि उसका व्हाट्सएप अकाउंट साइबर अपराधियों ने हैक कर लिया है। उसके अकाउंट से अपने आप दूसरे मोबाइल नंबरों पर संदेश भेजे जा रहे हैं। पीड़ित को बाद में पता चला कि वह और उनकी पत्नी साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।

नौकरी का झांसा देकर 2.74 लाख रुपये की ठगी

विधानसभा में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक महिला से 2.74 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया गया है। डोरंडा थाना में अनुराधा शर्मा की शिकायत पर डोरंडा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपित अकरम डोरंडा के दर्जी मोहल्ला का निवासी बताया गया है।

मामले का अनुसंधान पुलिस अवर निरीक्षक रीना दास कर रही हैं। अनुराधा शर्मा (31) के अनुसार, अकरम ने खुद को बड़े अधिकारियों और नेता,मंत्रियों से अच्छे संबंध रखने वाला बताया था। उसने विधानसभा में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उनसे पैसे लिए।

शिकायत के मुताबिक, फोनपे के माध्यम से छह लेनदेन में कुल 1,24,499 रुपये दिए गए। इनमें 24,999 रुपये, 25 हजार रुपये, 50 हजार रुपये, दो हजार रुपये, 2,500 रुपये और 20 हजार रुपये के भुगतान शामिल हैं।

इसके अलावा 1.50 लाख रुपये नकद देने का आरोप है। इस तरह शिकायत में कुल रकम 2,74,499 रुपये बताई गई है। महिला ने कहा कि नौकरी नहीं मिली और अब आरोपित पैसे लौटाने से भी इंकार कर रहा है। उसने उन्हें फोन और अन्य माध्यमों से ब्लाक कर दिया है।

अनुराधा के अनुसार, वह अकेली अपने दो छोटे बच्चों की परवरिश कर रही हैं। नौकरी की उम्मीद में उन्होंने अपने सोने के गहने गिरवी रखकर रकम जुटाई थी और अब हर महीने ब्याज चुकाने में परेशानी हो रही है। उनके पास व्हाट्सएप संदेश और रिकार्डिंग जैसे साक्ष्य होने का दावा है।

ठगी से बचने के पांच उपाय

- सोशल मीडिया पर अंजान लोगों से सतर्क रहें।

- कस्टम, आरबीआई या पुलिस के नाम पर पैसे भेजने के निर्देश पर भुगतान न करें।

- व्हाट्सएप पर आई एपीके फाइल डाउनलोड या इंस्टाल न करें।

- नौकरी के नाम पर पैसे मांगने वालों की जांच करें।

- ठगी होते ही बैंक और साइबर हेल्पलाइन 1930 से संपर्क करें। 

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