रांची, जेएनएन। मामा-भांजी के पवित्र रिश्ते को कलंकित कर दुष्कर्म व शादीशुदा जिंदगी बर्बाद करने के मामले में अभियुक्त इंद्रजीत जायसवाल को पॉक्सो की विशेष अदालत ने दोषी ठहराया है। सजा की बिंदु पर 13 फरवरी को सुनवाई होगी। मामला बुंडू का है।

अभियुक्त मूलत: पलामू के चैनपुर के शाहपुर गांव का रहने वाला है। पीडि़ता के चचेरा भाई का मामा लगता है। पीडि़ता के चाचा की 2007 में मौत हो गई थी। इसके बाद से ही बराबर बुंडू आता जाता था। नवंबर 2011 में जब पीडि़ता 13 वर्ष की थी तभी उसके साथ गलत हरकत करता था।

जुलाई 2016 में पिस्तौल के बल पर उसके साथ दुष्कर्म किया। फोटो खींच ली। पीडि़ता जब मैट्रिक पास कर आगे की पढ़ाई करने रांची आयी तो यहां भी पीछा करने लगा। हद तो तब हो गई जब 30 अप्रैल 2018 को शादी के एक दिन बाद से ही अभियुक्त पीडि़ता और उसके पति को परेशान करने लगा।

पति को व्हाटसऐप के माध्यम से दुष्कर्म के दौरान खींची गई फोटो भेज दी। इससे उसका वैवाहिक रिश्ता टूट गया। पति ने उसे मायके पहुंचा दिया। 16 मई 2018 को पीडि़ता ने बुंडू थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी। 28 जून को पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। 

पीडि़ता का कहना है कि उसकी मां की मौत हो गई थी। इस कारण चाची के साथ ही रहती थी। अभियुक्त बार-बार यह कहता था कि घटना के बारे में किसी को बताओगी तो पिता और भाई को जान से मार देंगे

Posted By: Alok Shahi

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