ई-कचरे से मिट्टी-पानी में घुल सकता है जहर, रांची एयरपोर्ट पर सुरक्षित निपटारा की तैयारी
रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर विशेष अभियान 6.0 के तहत अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों (ई-कचरे) की पहचान की गई है। ...और पढ़ें

रांची एयरपोर्ट की फाइल फोटो। जागरण
HighLights
रांची एयरपोर्ट पर अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की पहचान की गई।
विशेष अभियान 6.0 के तहत ई-कचरा निस्तारण की पहल।
जागरण संवाददाता, रांची। खराब कंप्यूटर, प्रिंटर और अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों को सामान्य कचरे में फेंकना पर्यावरण के साथ मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
इनमें मौजूद सीसा, पारा और कैडमियम जैसे जहरीले तत्व मिट्टी और भूजल को प्रदूषित कर सकते हैं। इसी खतरे को देखते हुए रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर ई-कचरे के सुरक्षित निस्तारण की पहल की गई है।
केंद्र सरकार के विशेष अभियान 6.0 के तहत सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता, अनुपयोगी सामान की पहचान और निर्धारित नियमों के अनुसार उसके निस्तारण पर जोर दिया जा रहा है।
इसी क्रम में रांची एयरपोर्ट पर आईटी से संबंधित ई-कचरे की पहचान कर उसे अन्य सामान से अलग किया गया है। अब निर्धारित सरकारी प्रक्रियाओं के तहत इसका सुरक्षित निस्तारण किया जाएगा।
ई-कचरा जलाने से निकलती हैं जहरीली गैसें
एयरपोर्ट निदेशक विनोद कुमार के अनुसार ई-कचरे को खुले में जलाने से जहरीला धुआं निकल सकता है, जिससे सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ता है। इसके हानिकारक तत्व तंत्रिका तंत्र और किडनी को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में आमलोगों को पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अधिकृत ई-कचरा संग्रह केंद्रों पर ही जमा करने चाहिए।
