रामगढ़ में JEE Mains 2026 परीक्षा से पहले गड़बड़ी की जांच जारी, अब तक 3 गिरफ्तार; 70 मॉनिटर जब्त
झारखंड के रामगढ़ स्थित राधा गोविंद विश्वविद्यालय में जेईई-मेंस 2026 परीक्षा से पहले कंप्यूटर सिस्टम में छेड़छाड़ की बड़ी साजिश ...और पढ़ें

रामगढ़ में जेईई-मेंस 2026 परीक्षा से पहले सिस्टम में छेड़छाड़ की साजिश में तीन गिरफ्तारी। (फोटो: जागरण)
HighLights
जेईई-मेंस 2026 परीक्षा से पहले छेड़छाड़ का खुलासा।
रामगढ़ विश्वविद्यालय में कंप्यूटर सिस्टम से हुई छेड़छाड़।
पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, 70 मॉनिटर जब्त।
डिजिटल डेस्क, रांची। झारखंड के रामगढ़ जिले के राधा गोविंद विश्वविद्यालय में जेईई-मेंस 2026 परीक्षा से पहले कंप्यूटर सिस्टम में छेड़छाड़ की बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। उपायुक्त ने जांच रिपोर्ट सरकार को भेज दी है।
पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि कुछ अन्य फरार हैं। मौके से 70 कंप्यूटर मॉनिटर, एक फॉर्च्यूनर कार और अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं। 500 परीक्षार्थियों को पास कराने का ले रखा था ठेका।
घटना क्या हुई?
29 मार्च 2026 को विश्वविद्यालय के कंप्यूटर लैब (ब्लॉक-C) में संदिग्ध गतिविधियां देखी गईं। कुछ लोग टीसीएस का हवाला देकर बिना अनुमति लैब में घुसे और मॉनिटर बदलने तथा सिस्टम में छेड़छाड़ करने की कोशिश कर रहे थे। इसका मकसद चुनिंदा उम्मीदवारों को परीक्षा में फायदा पहुंचाना था।
विश्वविद्यालय के कर्मचारी उमेश कुमार बराव की सतर्कता से मामला सामने आया। उन्होंने देखा कि लोग फॉर्च्यूनर कार में मॉनिटर लोड कर रहे थे और अन्य उपकरण लैब में ले जा रहे थे।
अब तक तीन गिरफ्तारी
विश्वविद्यालय के कुलसचिव निर्मल कुमार मंडल ने रामगढ़ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। लगभग 500 परीक्षार्थियों को पास करनी बात सामने आ रही है। गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं।
- दिनेश कुमार महतो (विश्वविद्यालय का टेक्नीशियन, कोठार निवासी)
- सुरज कुमार सिंह (बिहार के सारण जिले के भाठा गांव निवासी)
- शकीर अंसारी (ओरमांझी निवासी)
फरार आरोपियों में टीसीएस कर्मचारी बताए जा रहे राजेश ठाकुर और दो अन्य (रविशंकर तथा काकू, बिहार के छपरा से) शामिल हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
बरामद सामान: पुलिस ने मौके से 70 कंप्यूटर मॉनिटर, 3-4 मोबाइल फोन, 3 राउटर, 1 सीपीयू और 1 फॉर्च्यूनर कार बरामद की है।
जांच अधिकारी ने क्या कहा
रामगढ़ एसपी अजय कुमार ने बताया कि आरोपियों ने चुनिंदा उम्मीदवारों को पास कराने के लिए मोटी रकम वसूली थी। यह साजिश परीक्षा को प्रभावित करने के लिए रची गई थी। डिप्टी कमिश्नर के निर्देश पर जांच समिति गठित की गई है।
टीसीएस ने स्पष्ट किया कि कंपनी ने किसी भी केंद्र पर मॉनिटर बदलने या सिस्टम छेड़छाड़ का कोई निर्देश नहीं दिया था। एनटीए को भी सूचित कर दिया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। जांच में यह भी पता चला है कि यह एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। जेईई मेन्स 2026 सेशन-2 की परीक्षा 2 अप्रैल से 8 अप्रैल 2026 तक निर्धारित है। एनटीए ने केंद्र की सुरक्षा बढ़ा दी है और अभी तक परीक्षा कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
यह घटना बड़े परीक्षा आयोजनों में सिस्टम सुरक्षा की जरूरत को फिर से रेखांकित करती है। अधिक जानकारी के लिए रामगढ़ पुलिस या एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
