JEE Mains Scam: रामगढ़ में 500 अभ्यर्थियों की सेटिंग का था दावा, पुलिस खंगाल रही है अभिभावकों की लिस्ट
रामगढ़ में जेईई मेंस परीक्षा में गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद उच्चस्तरीय जांच शुरू हो गई है। अनुमंडल ...और पढ़ें

रामगढ़ में जेईई मेंस परीक्षा में बड़ा घोटाला उजागर, उच्चस्तरीय जांच जारी। (फोटो: सांकेतिक)
HighLights
हर दिन 70 परीक्षार्थियों को पास कराने की थी योजना।
रामगढ़ की राधा गोविंद यूनिवर्सिटी में गड़बड़ी का खुलासा।
अंतरराज्यीय रैकेट में तीन गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी।
जागरण संवाददाता, रामगढ़। राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित जेईई मेंस परीक्षा में गड़बड़ी का मामला सामने आते ही रामगढ़ जिले में उच्चस्तरीय जांच शुरू हो गई है। अनुमंडल पदाधिकारी ने पूरे घटनाक्रम की जांच रिपोर्ट उपायुक्त को सौंप दी है।
इसमें राधा गोविंद यूनिवर्सिटी में दो से आठ अप्रैल तक होने वाले जेईई मेंस परीक्षा में कंप्यूटर सेट बदलने की योजना बनाने की पुष्टि हुई है। उपायुक्त ने आगे की कार्रवाई के लिए पूरी रिपोर्ट राज्य सरकार के साथ-साथ नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) को भेज दी है।
विदित हो कि रामगढ़ के राधा गोविंद यूनिवर्सिटी में जेईई मेंस परीक्षा दो अप्रैल से शुरू होने वाली थी। आठ अप्रैल तक प्रतिदिन यहां दो सौ परीक्षार्थियों को सम्मिलित होना है। इसमें चुनिंदा परीक्षार्थियों को लाभ पहुंचाने के लिए यूनिवर्सिटी के टेक्निशियन की मिलीभगत से टीसीएस के कर्मचारियों द्वारा कंप्यूटर सेट को बदला जा रहा था।
70 कंप्यूटर में हुआ था खेल
इसी दौरान मामले का भंडाफोड़ हुआ। तीन लोग गिरफ्तार हुए, 70 कंप्यूटर सेट एवं अन्य उपकरण जब्त किए गए हैं। मामले में तीन लोगों को पुलिस ने जेल भेजा है। जबकि अंतरराज्यीय रैकेट में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।
पुलिसिया जांच में यह बात सामने आई है कि पूरे रैकेट का तार बिहार और झारखंड से जुड़ा हुआ है। जांच में यह बात सामने आई है कि आठ दिनों तक आयोजित होने वाली दो पालियों की परीक्षा में कुल 1600 परीक्षार्थियों को शामिल होना था।
मालूम चल रहा है कि इनमें से पांच सौ परीक्षार्थियों को पास कराने का ठेका लिया गया था। इसके बदले निर्धारित रकम भी परीक्षार्थियों के अभिभावकों से तय की गई थी।
हर दिन 70 परीक्षार्थियों को कराना था पास
आठ दिनों तक आयोजित होने वाली जेईई मेंस परीक्षा में प्रत्येक दिन 70 परीक्षार्थियों को पास कराने का जिम्मा रैकेट में शामिल लोगों को मिला था। इसी लिए 70 कंप्यूटर सेट के साथ ही बदलाव करने की तैयारी की गई थी।
व्यवस्था के तहत ही सीपीयू के हार्ड डिस्क में बदलाव किया जा रहा था। ऑलाइन परीक्षा शुरू होते ही जवाब भी तय परीक्षार्थियों को उनके मानिटर में ही आसानी से मिल जाता। हालांकि यूनिवर्सिटी प्रबंधन व रामगढ़ पुलिस की सक्रियता से इस पूरे रैकेट का खुलासा हो गया।
पूरे मामले की रिपोर्ट राज्य सरकार व संबंधित एजेंसी को भेज दी गई है। मामले को लेकर पुलिस काम कर रही है।रामगढ़ एसपी खुद मामले को देख रहे हैं। जल्द ही पूरे रैकेट का पर्दाफाश पुलिस करेंगी।
-फैज अक अहमद मुमताज
उपायुक्त, रामगढ़।
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