यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 19, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Puja Bharti Jharkhand: मेडिकल छात्रा पूजा की हत्या का राज गहराया, पुलिस ने साधी चुप्पी; अफसर मौन
Puja Bharti News पतरातू डैम में हाथ-पैर बांधकर जिंदा डुबोकर मारी गई गोड्डा की रहने वाली हजारीबाग मेडिकल कॉलेज की ...और पढ़ें

रांची, जेएनएन। Puja Bharti News, Puja Bharti Godda, Puja Bharti Hazaribagh, Puja Bharti Death पतरातू डैम में हाथ-पैर बांधकर जिंदा डुबोकर मारी गई गोड्डा की रहने वाली हजारीबाग मेडिकल कॉलेज की छात्रा पूजा भारती पूर्वे हत्याकांड का राज गहरा गया है। अब तक पुलिस इस मामले का खुलासा नहीं कर सकी है। इस लिहाज से झारखंड के प्रभारी डीजीपी एमवी राव के 72 घंटे में हत्या की गुत्थी सुलझाने का दावा भी फेल हो गया। बीते 12 जनवरी को पतरातू डैम में उसकी हाथ-पैर बंधी लाश मिली थी। तब पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की तफ्तीश के लिए स्पेशल टीम बनाकर हत्याकांड की जांच शुरू की थी। हालांकि मेडिकल छात्रा का शव मिलने के 8 दिन बाद भी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।
इधर मंगलवार को मृतका पूजा भारती का मोबाइल खोजने के लिए पतरातू डैम के समीप पुलिस ने फिर से बारीक जांच की। लेकिन फोन को नहीं ढूंढा जा सका। छात्रा के मोबाइल फोन को हत्या की गुत्थी सुलझाने में अहम सुराग के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, अबतक इस मामले में हजारीबाग मेडिकल कॉलेज से लेकर रांची आने तक हर जगह की पड़ताल की जा चुकी है। बावजूद इस मर्डर मिस्ट्री से पर्दा नहीं हट सका है।
इससे पहले रामगढ़ पुलिस के डीएसपी प्रकाश चंद्र ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि छात्रा की हत्या कहीं और की गई और बाद में शव को लाकर पतरातू डैम में डाल दिया गया। बहरहाल, पुलिस के आला अधिकारी अभी पूजा भारती हत्याकांड में आगे कुछ भी बताने से बच रहे हैं। इस बीच राज्यभर में हजारीबाग मेडिकल कॉलेज की छात्रा पूजा भारती पूर्वे को न्याय दिलाने और सीबीआइ से मामले की जांच कराने के लिए प्रदर्शन का दौर जारी है।
पुलिस के लिए पहेली बनी मेडिकल छात्रा की मौत
प्रभारी डीजीपी एमवी राव की घोषणा के बावजूद पुलिस हजारीबाग मेडिकल कालेज की छात्रा की हत्या का 72 घंटे में कोई सुराग नहीं तलाश पाई है। 12 जनवरी को पतरातू डैम के उच्चरिंगा से छात्रा का शव मिला था। पानी से मिले शव के हाथ-पैर बंधे हुए थे। पुलिस के लिए यह हत्या अब पहेली बन गई है। डीपीजी ने दावा किया था कि 72 घंटे के अंदर मामले को सुलझा लिया जाएगा, पर ऐसा नहीं हुआ।
पोकलेन मशीन लगाकर डैम की हुई सफाई, नहीं मिला छात्रा का मोबाइल
डीजीपी ने तीन दिन पहले रामगढ़ में मीडिया के समक्ष यह दावा किया था। घटना के आठ दिन गुजर जाने के बाद भी पुलिस खाली हाथ है। पुलिस मंगलवार को भी छात्रा के गायब मोबाइल को खोजने में जुटी रही। पुलिस का दावा है कि मोबाइल मिलने के बाद कई राज खुल सकते हैं। गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस के आला अधिकारियों से लेकर चौकीदार तक लगातार मेहनत कर रहे हैं।
डीजीपी के दावे के बावजूद 72 घंटे में पुलिस नहीं सुलझा सकी गुत्थी
पुलिस की एक टीम हजारीबाग मेडिकल कालेज और हॉस्टल से सुराग खोज रही है। दूसरी टीम बस से रांची पहुंचने की गुत्थी सुलझा रही है। तीसरी टीम पतरातू डैम के उस स्थान की जांच कर रही है, जहां से शव बरामद हुआ था। पुलिस हर कड़ी को जोड़ कर जांच में जुटी है। उधर, इस हत्याकांड को लेकर झारखंड के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन का दौर भी जारी है। मंगलवार को भी पुलिस ने शव मिलने वाले स्थान की पोकलेन से सफाई कराई, इस उम्मीद में कि कहीं मोबाइल मिल जाए। लेकिन पुलिस के हाथ कुछ भी नहीं लगा। अधिकारी भी अब इस मामले में कुछ बोलने से कतरा रहे हैं।
