जासं, रांची : भादो की बारिश ने मूर्तिकारों की जान सांसत में डाल दी है। लगातार बारिश से मूर्ति निर्माण का काम प्रभावित हो रहा है। 13 सितंबर को गणेश पूजा है और 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा। शहर में करीब दो दर्जन स्थानों पर गणेश पूजा का आयोजन होता है और करीब कर तकनीकी संस्थान, दुकानदार और कंपनियां भगवान विश्वकर्मा की पूजा करती हैं। विश्वकर्मा प्रतिमा की मांग भी ज्यादा है, लेकिन मूर्तिकार परेशान हैं। मूर्तियां सूख नहीं पा रही हैं। इसके लिए रूम हीटर का सहारा लिया जा रहा है। थड़पकना में इसी तरह से मूर्तिकार प्रतिमाओं को सूखा रहे हैं। प्रतिमाएं जब तक सूखेंगी नहीं, रंग चढ़ेगा नहीं। इसके लिए तरह-तरह के उपाय भी किए जा रहे हैं। मूर्तिकार रामचंद्र कहते हैं कि बारिश के कारण मिट्टी को सूखाना मुश्किल हो रहा है। छोटी-छोटी प्रतिमाएं रूम हीटर से सुखाई जा रही हैं। बिजली की गर्मी से किसी तरह सूखाकर काम किया जा रहा है। यहां दर्जन भर मूर्तिकार काम पर लगे हैं। अक्टूबर में दुर्गा पूजा है। मां दुर्गा की प्रतिमाएं भी बन रही हैं। बारिश कलाकारों की भी परीक्षा ले रहा है। वहीं बकरी बाजार में पंडाल का कार्य शुरू हुआ है, लेकिन बारिश के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है। बॉक्स

बकरी बाजार में बन रहा इस्कॉन मंदिर का प्रारूप

40 कलाकार रात-दिन कर रहे काम, लगेगी 40 लाख की लागत

शहर के सौ से ऊपर पंडाल बनाए जाते हैं, लेकिन बकरी बाजार और रेलवे स्टेशन का पंडाल दो महीने पहले से बन रहा है। बकरी बाजार का पंडाल पचास प्रतिशत पूरा हो गया है। यहां पूरा काम थर्माकोल का है। यहां बेंगलूर के इस्कान मंदिर का प्रारूप बनाया जा रहा है। कोलकाता से करीब चालीस कलाकार दिन रात काम कर रहे हैं। पूजा समिति के राहुल अग्रवाल ने बताया कि अभी वालपुट्टी और रंग-रोगन का काम बाकी है। फिनिशिंग का काम नहीं हुआ है। बारिश के कारण काम प्रभावित हो रहा है। रांची स्टेशन में दिखेगी झारखंडी संस्कृति

रांची में स्टेशन पर सबसे खूबसूरत पंडाल बनता है। यहां इस बार झारखंड की संस्कृति दिखेगी। दो महीने से यहां भी काम चल रहा है। मीडिया प्रभारी राहुल शर्मा ने बताया कि काम हो रहा है, लेकिन इधर बारिश के कारण कलाकार सुस्त हो गए हैं। धूप के कारण कई काम लटका हुआ है, लेकिन उम्मीद है समय से पहले यहां का पंडाल बनकर तैयार हो जाएगा। अभी समय है। दस अक्टूबर से नवरात्र प्रारंभ हो रहा है।

Posted By: Jagran