रांची, राज्य ब्यूरो। चुनावी मौसम में घोषणाओं की बौछार हो रही है। विभिन्न दलों के नेता जनता को लुभाने के लिए लगातार तरह-तरह के वादे कर रहे हैं। इसमें सबसे आगे पूर्व मुख्यमंत्री सह झारखंड विकास मोर्चा के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी चल रहे हैं। अन्य दलों का भी कमोबेश यही हाल है। वहीं, मुख्यमंत्री रघुवर दास अपने जन चौपालों तथा अन्य कार्यक्रमों में नई घोषणाओं के बजाए अपनी उपलब्धियां बताने पर अधिक जोर दे रहे हैं।

झाविमो प्रमुख बाबू लाल मरांडी ने सोमवार को बोकारो के सिटी पार्क में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार सत्ता में लौटी तो बोकारो इस्पात की खाली जमीन विस्थापितों को वापस किया जाएगा। इसी तरह, धनबाद के तोपचांची, में कहा कि अगर झाविमो की सरकार बनती है तो नया कानून बनाकर स्थानीय के हर हाथ को काम दिया जाएगा। चतरा के प्रतापपुर में कहा कि यदि उनकी सरकार बनती है तो सरकारी विभागों में ही नहीं, बल्कि निजी कंपनियों के भी 85 प्रतिशत सीटों पर झारखंड के स्थानीय निवासियों को बहाल किया जाएगा।

गढ़वा के मेराल में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने पारा शिक्षकों तथा आंगनबाड़ी कर्मियों की समस्याओं के निपटारे की भी बात कही। साथ ही राज्य में पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने का वादा किया। घोषणाएं करने में कांगे्रस भी पीछे नहीं है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव ने गोड्डा में किसानों का ऋण माफी, भूमिहीनों के बीच जमीन का वितरण, अधिक से अधिक रोजगार सृजन के कार्य, सरकारी कर्मियों को समय पर वेतन सहित अन्य सुविधाएं देने का वादा किया। पार्टी के प्रदेश प्रभारी आरपीएन सिंह ने एक जनसभा में किसानों का कर्ज पूरी तरह माफ करने की घोषणा की।

Posted By: Alok Shahi

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