रांची, राज्य ब्यूरो। कोरोना महामारी की दूसरी प्रचंड लहर का प्रकाेप अब कुछ हद तक थमता दिखाई दे रहा है। हम कह सकते हैं कि महामारी अब काफी हद तक काबू में है। आंकड़े भी इसकी पुष्टि कर रहे हैं। इस महामारी के दौरान सिर्फ कारोबारी गतिविधियां ही नहीं, राजनीतिक गतिविधियां भी काफी हद तक थमी रहीं। कोरोना काल में दफ्तरों और नेताओं के घरों तक ही राजनीतिक गतिविधियां सिमटी रहीं। अब कोरोना की गति मंद पड़ने के साथ ही सियासी हलचल एक बार फिर तेज होगी।

हालांकि ऐसा नहीं कि कोराेना काल में राजनीतिक दल शांत रहे। इंटरनेट मीडिया इनकी सक्रियता के साक्षी रहे। इसके माध्यम से राज्य में सत्ता पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर लगातार हमलावर रहे। कई प्रकरण राजभवन की दहलीज तक भी पहुंचे। इन मुद्दों को लेकर दोनों ही तरफ से बयानबाजी का लंबा दौर चला। पेट्रोल-डीजल को लेकर कांग्रेसियों ने भी तेवर दिखाई। जीएसटी कंपनसेशन और अन्य मुद्दे पर झामुमो मुखर है। ये तमाम मसले अब भी जीवित हैं और लॉकडाउन खत्म होने के साथ ही इन्हें लेकर राजनीतिक सक्रियता देखने को मिलेगी।

महंगाई को लेकर कांग्रेस के सड़क पर उतरने से ही यह स्पष्ट है कि जमीनी लड़ाई की खाका तैयार हो रहा है। वहीं, भाजपा टीएसी जैसे संवेदनशील मुद्दे को इतनी आसानी से छोड़ने वाली नहीं, यह तय है। राज्य हितोंं को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों का अपना एजेंडा है। इन एजेंडों पर आने वाले समय में टकराव चरम पर पहुंचता दिखाई दे सकता है। सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भी कोरोना काल में लगातार अपने तेवर दिखाए। अब स्थिति सामान्य होने पर मोर्चा की गतिविधि भी तेज होगी।

टीकाकरण को लेकर ग्रामीणों को जागरुक करेंगे कांग्रेसी

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण की स्थिति, टीकाकरण को लेकर भ्रम और अफवाह को दूर करने तथा संक्रमण से बचाव को लेकर ग्रामीणों के बीच जनजागरुकता का संदेश देने के लिए राज्यव्यापी अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य की स्थिति और अन्य समस्याओं को लेकर गहन सर्वे कर पार्टी की ओर से विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी। पार्टी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य की स्थिति को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं। शिकायत भी मिल रही है। पार्टी ने अपने स्तर से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य की स्थिति को लेकर अध्ययन कराकर रिपोर्ट तैयार करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने भी पिछले दिनों ग्रामीण क्षेत्रों की सच्चाई का पता लगाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया था।

Edited By: Sujeet Kumar Suman