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पैनम कोल खनन मामले में 600 करोड़ की अनियमितता के साक्ष्य; झारखंड हाईकोर्ट ने 30 अक्टूबर तक मांगा ACB का शपथ पत्र

Published: Wed, 28 Oct 2026 12:15 PM (IST)

एसीबी ने झारखंड हाई कोर्ट को बताया कि पैनम कोल कंपनी के अवैध खनन मामले में प्रारंभिक जांच में 600 ...और पढ़ें

झारखंड हाईकोर्ट की फाइल फोटो। जागरण

झारखंड हाईकोर्ट की फाइल फोटो। जागरण

HighLights

  1. एसीबी को 600 करोड़ की अनियमितता के साक्ष्य मिले।

  2. हाई कोर्ट ने एसीबी से शपथ पत्र दाखिल करने को कहा।

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाई कोर्ट में पाकुड़ जिले में पैनम कोल कंपनी के अवैध खनन मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई।

सुनवाई के दौरान पैनम कोल कंपनी के निदेशक की ओर से आवेदन देकर अदालत को बताया गया कि एंटी करप्शन ब्यूरो ने उनका बयान दर्ज करने के लिए बुलाया है, लेकिन अस्वस्थता के कारण वह वीडियो कान्फ्रेंसिंग या अपने किसी प्रतिनिधि के माध्यम से एसीबी के समक्ष उपस्थित हो सकते हैं।

अदालत ने कहा कि इस स्टेज पर कंपनी के निदेशक को एसीबी के यहां उपस्थित होने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि एसीबी की प्रारंभिक जांच में अनियमितता मिली है।

एसीबी की ओर से अदालत को बताया गया कि एसीबी इस मामले की प्रारंभिक जांच कर रही है। अभी तक के अनुसंधान में प्रथम दृष्टया करीब 600 करोड़ रुपये की अनियमितता के साक्ष्य मिले हैं, जिसके आधार पर एसीबी प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी कर रही है।

ऐसे में पैनम कोल कंपनी के निदेशक का तत्काल बयान लेना जरूरी नहीं है। अदालत ने एसीबी को कोर्ट में रखे गए पक्ष को शपथ पत्र के माध्यम से 30 अक्टूबर तक कोर्ट में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। मामले में अगली सुनवाई पांच नवंबर को निर्धारित की गई है। एसीबी का पक्ष सुनने के बाद अदालत ने पैनम कोल इंडिया लिमिटेड की आवेदन को निष्पादित कर दिया।

इस संबंध में प्रार्थी राम सुभग सिंह ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। उनकी ओर से याचिका में कहा है कि वर्ष 2015 में पैनम कोल माइंस कंपनी को पाकुड़ व दुमका जिले में कोयला खनन का लीज मिला था। उसपर यह आरोप है कि उसने लीज से अधिक कोयले का खनन किया है। इससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा है।

मामले में जांच भी की गई है, लेकिन उस जांच रिपोर्ट के आधार पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है। बता दें कि पाकुड़ जिले में पैनम कोल कंपनी के अवैध खनन से संबंधित मामले की प्रारंभिक जांच हाई कोर्ट ने एसीबी को सौंपा है।

पैनल कोल माइंस को लेकर दुमका के प्रमंडल आयुक्त की 19 अक्टूबर 2015 के रिपोर्ट के आलोक में राज्य सरकार की कार्रवाई नहीं होने से अदालत असंतुष्ट था। 

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