झारखंड सहायक आचार्य भर्ती: पारा शिक्षकों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी, महिला सुपरवाइजरों नियुक्ति में अहम निर्णय
झारखंड प्रशिक्षित सहायक आचार्य परीक्षा के लिए आवेदन की समय सीमा बढ़ा दी गई है, अब पारा शिक्षक 4 नवंबर ...और पढ़ें

महिला सुपरवाइजर नियुक्ति मामले में एकल पीठ के आदेश पर लगी रोक को हाई कोर्ट ने बरकरार रखा है।
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड प्रशिक्षित सहायक आचार्य (पारा कोटि) संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2026 में सम्मिलित होने के लिए आवेदन की समय सीमा बढ़ा दी गई है। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा जारी सूचना के अनुसार, इस परीक्षा में भाग लेने के लिए पारा शिक्षक (सहायक अध्यापक) अब चार नवंबर तक आनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
परीक्षा शुल्क का भुगतान छह नवंबर तक होगा। इसी अवधि तक फोटो एवं हस्ताक्षर भी अपलोड होगा। आनलाइन आवेदन में किसी प्रकार का संशोधन सात से नौ नवंबर तक होगा।
बताते चलें कि इस परीक्षा में भाग लेने के लिए आनलाइन आवेदन 29 सितंबर से 18 अक्टूबर तक ही होना था। अब आवेदन के लिए अवधि विस्तार दिया गया है। यह प्रतियोगिता परीक्षा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर समग्र शिक्षा अभियान के तहत अनुबंध पर कार्यरत पारा शिक्षकों के लिए आयोजित की जा रही है।
महिला सुपरवाइजर नियुक्ति मामले में एकलपीठ के आदेश पर रोक बरकरार
हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस मनोज प्रसाद की अदालत में महिला सुपरवाइजर नियुक्ति मामले एकल पीठ के आदेश के खिलाफ जेएसएससी की अपील पर मंगलवार को सुनवाई हुई।
इस दौरान अदालत ने एकल पीठ के आदेश पर लगी रोक को बरकरार रखा है। मामले में अगली सुनवाई 27 जनवरी 2027 को निर्धारित की गई है। जेएसएससी ने हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की कोर्ट द्वारा आकांक्षा कुमारी एवं अन्य के मामले में 15 मई को पारित आदेश के विरुद्ध अपील दाखिल कर हाई कोर्ट की खंडपीठ में चुनौती दी है।
महिला सुपरवाइजर नियुक्ति मामले में जेएसएससी द्वारा अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन में त्रुटि निकालकर उनकी उम्मीदवारी रद कर दी थी। एकल पीठ ने जेएसएससी द्वारा प्रार्थियों के दस्तावेज वेरिफिकेशन के दौरान उनके उम्मीदवारी रद करने के आदेश को निरस्त कर दिया था।
अदालत ने प्रार्थियों को नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल कराने का आदेश जेएसएससी को दिया था। एकल पीठ में आकांक्षा कुमारी एवं अन्य की ओर से मामले में याचिका दाखिल की गई थी। एकल पीठ में सुनवाई के दौरान प्रार्थियों की ओर से अदालत को बताया गया था कि महिला सुपरवाइजर के 444 पदों के लिए विज्ञापन निकला था।
