रांची, जेएनएन। Omicron NEW Variant देश के अलग-अलग राज्‍यों में कोरोना संक्रमण के घटते-बढ़ते मामलों के बीच कोरोना की चौथी लहर का खतरा बरकरार है। इस बीच जीनोम रिसर्च करने वाली संस्‍था INSACOG ने ओमिक्रॉन के एक नए वेरिएंट BA.4 की पुष्टि की है। इससे स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई है।   भारत में ओमिक्रॉन और डेल्‍टा के मेल से बने नए-नए वेरिएंट पकड़ में आने से इसके फिर से व्‍यापक फैलाव की संभावना बनी हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन आधारित BA.4 और BA.5 वेरिएंट की पुष्टि की गई है। इसके खास लक्षणों में सिरदर्द, नाक बहना, गले में खरास और उल्‍टी के साथ पेट दर्द शामिल है।

इससे पहले कोरोना वायरस के BA.4 की पुष्टि तमिलनाडु और हैदराबाद में हुई थी। कोरोना वायरस के अलग-अलग वेरिएंट पर नजदीकी नजर रखने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि यह वायरस हमारे आसपास ही मंडरा रहा है। कमजोर इम्‍यूनिटी वाले शरीर पर यह तुरंत अटैक करता है। यह वायरस लगातार अपने रूप-रंग बदल रहा है। यह बेहद तेजी से म्‍यूटेंट हो रहा है। कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन और डेल्‍टा वेरिएंट ही नए-नए सबवेरिएंट के लिए जिम्‍मेवार हैं। हमें कोरोना से सुरक्षा के लिए जरूरी सुरक्षा एहतियात बरतते रहना चाहिए। बूस्‍टर डोज लेकर अपने शरीर की इम्‍यूनिटी को दृढ़ रखना चाहिए।

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झारखंड में कोरोना वैक्‍सीनेशन 4 करोड़ के पार

झारखंड ने कोरोना टीकाकरण का आंकड़ा चार करोड़ डोज पार कर गया है। यहां खबर लिखे जाने तक 4,00,11,684 डोज का टीकाकरण हो चुका है। इनमें 2,33,42,281 पहली डोज, 1,63,23,724 दूसरी डोज तथा 3,45,679 सतर्कता डोज शामिल हैं। इन सबके बीच यह चिंता की बात है कि यहां अभी भी लगभग एक चौथाई वयस्कों को कोरोना टीका की दोनों डोज लग सकी है। यहां भले ही लक्ष्य के विरुद्ध सौ प्रतिशत वयस्कों को पहली डोज का टीका लग चुका है, लेकिन इस आयु वर्ग के दोनों डोज का टीकाकरण अभी तक लगभग 74 प्रतिशत का ही हो सका है।

झारखंड के आधे जिले ऐसे हैं जहां लक्ष्य के विरुद्ध 70 प्रतिशत से कम वयस्कों को दोनों डोज का टीका लग सका है। इनमें गढ़वा (59 प्रतिशत), कोडरमा (60 प्रतिशत), चतरा (61 प्रतिशत), जामताड़ा (62 प्रतिशत) बोकारो, धनबाद (65 प्रतिशत), हजारीबाग, रामगढ़ (66 प्रतिशत), साहिबगंज, पश्चिमी सिंहभूम (67 प्रतिशत), गिरिडीह, लोहरदगा (68 प्रतिशत) शामिल हैं।

हेल्थ केयर, फ्रंटलाइन बुजुर्गों में 10 प्रतिशत को ही लग सकी है सतर्कता डोज

वयस्कों को लगाई जानेवाली सतर्कता (प्रिकाशन) डोज की बात करें तो अभी तक लगभग दो प्रतिशत को ही यह डोज लग सकी है। फिलहाल हेल्थ केयर वर्कर्स, फ्रंटलाइन वर्कर्स तथा 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को सरकारी टीका केंद्रों पर मुफ्त सतर्कता डोज लगाई जा रही है। इनमें लक्ष्य के विरुद्ध 39 प्रतिशत हेल्थ केयर वर्कर्स तथा 29 प्रतिशत फ्रंटलाइन वर्कर्स को यह डोज लग चुकी है। बुजुर्गों की बात करें तो महज चार प्रतिशत को ही सतर्कता डोज लग सकी है। इनमें भी तीनों श्रेणी में महज लगभग 10 प्रतिशत को सतर्कता डोज लग सकी है।

किस आयु वर्ग का कितना टीकाकरण (आंकड़े प्रतिशत में)

आयु वर्ग - पहली डोज - दूसरी डोज - सतर्कता डोज

  • 12-14 वर्ष 46 12 -
  • 15-17 वर्ष 60 34 -
  • 18 वर्ष से अधिक 100 74 02

Edited By: Alok Shahi