रांची, राज्य ब्यूरो। Saturday Holiday In Jharkhand Schools झारखंड के सरकारी स्कूलों में अब हर महीने के तीसरे शनिवार को छुट्टी रहेगी। अन्य शनिवार को पूरी अवधि के लिए स्कूल खुलते रहेंगे। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव राजेश शर्मा ने इसे लेकर आदेश जारी कर दिया है। शिक्षक संघों की मांग पर यह नई व्यवस्था लागू की गई है। राज्य के सभी सरकारी स्कूल पांच सितंबर 2007 से प्रत्येक शनिवार को सुबह आठ बजे से 11 बजे (गर्मी के दिनों में प्रातःकालीन व्यवस्था में प्रत्येक शनिवार को सुबह साढ़े छह बजे से साढ़े नौ बजे तक) तक संचालित होते थे।

अन्य दिवसों में स्कूल सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक संचालित होते थे। लेकिन बच्चों के शिक्षण अधिगम में सुधार के लिए उनके सीखने के समय में वृद्धि और निश्शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 द्वारा निर्धारित शिक्षण दिवसों की अनिवार्यता को लागू करने को लेकर दो नवंबर 2021 को अधिसूचना जारी कर प्रत्येक शनिवार को पूर्ण कार्य दिवस घोषित कर दिया गया था। अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ सहित कई संघों ने केंद्रीय विद्यालय की तर्ज पर प्रत्येक माह कम से कम एक शनिवार को अवकाश निर्धारित करने का अनुरोध शिक्षा सचिव से किया था। इसपर विचार करने के बाद दो नवंबर, 2021 को जारी अधिसूचना को संशोधित करते हुए प्रत्येक माह के तीसरे शनिवार को स्कूलों में अवकाश लागू करने का निर्णय लिया गया।

सभी पदाधिकारी, कर्मचारी घरों में फहराएं तिरंगा : मुख्य सचिव

उधर, सभी विभागों व कार्यालयों में कार्यरत पदाधिकारी, कर्मचारी, अनुबंध कर्मचारी 13 से 15 अगस्त तक 'हर घर तिरंगा अभियान' के तहत अपने-अपने घरों में तिरंगा झंडा फहराएं। राज्य के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने इसे लेकर सभी विभागाध्यक्षों, आयुक्तों, उपायुक्तों आदि को पत्र भेजकर इसे सुनिश्चित कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है। उन्होंने केंद्रीय गृह सचिव द्वारा भेजे गए पत्र के आलोक में हाल ही में भारतीय झंडा संहिता, 2002 में हुए संशोधन तथा राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 की जानकारी देते हुए इसका अनुपालन भी कराने को कहा है।

दिन हो या रात दोनों समय फहरा सकते हैं तिरंगा

हाल ही में देश की झंडा संहिता में किए गए संशोधन के तहत अब नियमानुसार तिरंगा दिन और रात दोनों समय फहराया जा सकेगा। भारतीय झंडा संहिता, 2002 के भाग-दो के पैरा 2.2 के खंड (11) में हुए संशोधन में कहा गया है कि, ‘जहां झंडा खुले में प्रदर्शित किया जाता है या किसी नागरिक के घर पर प्रदर्शित किया जाता है, इसे दिन-रात फहराया जा सकता है।’ इससे पहले, तिरंगे को केवल सूर्योदय से सूर्यास्त तक फहराने की अनुमति थी। साथ ही अब पालिएस्टर और मशीन से बने तिरंगा का भी उपयोग किया जा सकता है। ‘आजादी के अमृत महोत्सव’ के तहत भारत सरकार ने 13 से 15 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा अभियान’ की शुरुआत करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत यह संशोधन किया गया है। इधर, केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने राज्य सरकार को भेजे गए पत्र में कहा है कि भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का फहराना और उपयोग भारतीय झंडा संहिता, 2002 और राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के तहत आता है।

Edited By: M Ekhlaque