रांची, राज्य ब्यूरो। भाकपा माओवादी के रिजनल कमांडर छोटू खेरवार उर्फ सुजीत खेरवार उर्फ छोटू उर्फ बिरजू सिंह उर्फ छोटे सिंह उर्फ ब्रिजमोहन सिंह उर्फ बिरजू गंझू उर्फ छोटू दा की पत्नी ललिता देवी को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने शुक्रवार को लातेहार के बालूमाथ से गिरफ्तार कर लिया। ललिता देवी टेरर फंडिंग के मामले में फरार चल रही थी। उसपर लेवी के 12 लाख रुपये को अपने खाते में जमा करने की पुष्टि हुई थी। उसका पति छोटू खेरवार अब भी फरार है।

राज्य में टेरर फंडिंग मामले की जांच कर रही एनआइए ने लातेहार के बालूमाथ थाने में 21 दिसंबर 2016 को दर्ज प्राथमिकी को गत वर्ष ही टेकओवर किया था। तब लातेहार पुलिस ने चार कुख्यात नक्सलियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की थी। उनके पास से तीन लाख रुपये नकदी व 26 लाख 34 हजार 470 रुपये 62 पैसे के डिपॉजिट स्लिप मिले थे।

अनुसंधान में यह हुआ खुलासा

एनआइए के अनुसंधान में यह खुलासा हुआ कि ललिता देवी व उनके बच्चों के नाम पर भारी मात्रा में नकदी जमा की गई है। इस मामले में 14 सितंबर 2018 को एनआइए ने तीन गिरफ्तार आरोपित चंदन कुमार, संतोष उरांव व रौशन उरांव तथा दो फरार आरोपित ललिता देवी तथा छोटू खेरवार के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल किया था। अनुसंधान में यह खुलासा हुआ है कि माओवादियों के नेता व उनके सहयोगियों ने लेवी के रुपयों को सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी और म्यूचुअल फंड में निवेश किया। छानबीन में चंदन कुमार के पास से तीन लाख रुपये जब्त किए गए थे। वहीं, ललिता देवी के खाते में 12 लाख रुपये जमा होने के सबूत मिले। चंदन कुमार सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी का मैनेजर है, जिसने संतोष उरांव व रोशन उरांव से उक्त राशि ली थी।

 

Posted By: Sujeet Kumar Suman

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप