रांची, ड‍िज‍िटल डेस्‍क। भारतीय स्‍वतंत्रता संग्राम में ज‍िन नेताओं का नाम बेहद सम्‍मान के साथ ल‍िया जाता है, उनमें एक नाम है- नेताजी सुभाषचंद्र बोस। 23 जनवरी 1897 को जन्‍मे नेताजी सुभाषचंद्र बोस को आज पूरा देश याद कर रहा है। देश की राजधानी द‍िल्‍ली से सुदूर गांवों तक नेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रत‍िमाओं पर लोग पुष्‍पांजल‍ि अर्प‍ित कर रहे हैं। भारत में यह पहला मौका है जब गणतंत्र द‍िवस समारोह इस साल 23 जनवरी से ही शुरू कर द‍िया गया है। ऐसा नेताजी सुभाषचंद्र बोस के सम्‍मान में ही क‍िया गया है।

झारखंड में टाटा स्‍टील कंपनी में रहे मजदूर नेता

नेताजी सुभाषचंद्र बोस का र‍िश्‍ता केवल पश्‍च‍िम बंगाल से नहीं रहा है। उनका जन्‍म ओड‍िशा के कटक में एक संपन्‍न बंगाली पर‍िवार में हुआ। कोलकाता में उन्‍होंने इंटरमीड‍िएट की पढ़ाई की। झारखंड में टाटा स्‍टील कंपनी में टाटा वर्कर्स यून‍ियन के अध्‍यक्ष भी रहे। यानी मजदूरों की लड़ाई भी लड़ी। इस तरह देखा जाए तो झारखंड से भी वह जुड़े हुए हैं। झारखंड में उनके नाम पर नेताजी सुभाषचंद्र बोस गोमो स्‍टेशन भी है।

आइए, जानते हैं उनसे जुड़ी कुछ महत्‍वपूर्ण जानकार‍ियां

  • नेताजी सुभाषचंद्र बोस का जन्मदिन इस बार पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। गणतंत्र द‍िवस समारोहों की आज से शुरुआत हो जाएगी।
  • नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प‍िता का नाम जानकीनाथ बोस और माता का नाम प्रभावती देवी था।
  • नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने 1913 में कोलकाता के प्रेसिडेंट कॉलेज में दाखिला लेकर पढ़ाई की शुरुआत की थी।
  • नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने 1915 में इंटरमीडिएट की परीक्षा प्रथम श्रेणी से पास की थी।
  • एक ब्रिटिश प्रोफेसर के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप में नेताजी सुभाषचंद्र बोस को 1916 में निलंबित कर दिया गया था।
  • नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने वर्ष 1917 में स्कॉटिश चर्च कॉलेज में फिलासफी ऑनर्स में दाखिला लिया था।
  • वर्ष 1919 में फिलासफी ऑनर्स में प्रथम स्थान से पास होने के बाद वह आइसीएस की परीक्षा देने के लिए इंग्लैंड चले गए थे।
  • वर्ष 1920 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने अंग्रेजी व‍िषय में सबसे अधिक अंक के साथ आइसीएस की परीक्षा पास की थी। उन्‍हें चौथा स्थान म‍िला था।
  • वर्ष 1920 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस कैंब्रिज विश्वविद्यालय की डिग्री से नवाजे गए।
  • वर्ष 1921 में ब्र‍िट‍िश सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को गिरफ्तार कर लिया था। अगस्‍त 1922 में वह जेल से छूटे थे।
  • नेताजी सुभाषचंद्र बोस देशबंधु चितरंजन दास की अगुवाई में स्वराज दल में शामिल हो गए थे।
  • नेताजी सुभाषचंद्र बोस भारतीय युवक कांग्रेस के अध्यक्ष और बंगाल कांग्रेस के सचिव भी रह चुके थे।
  • नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने देशबंधु च‍ितरंजन दास की पत्रिका फॉरवर्ड का संपादन कार्य भी किया था।
  • वर्ष 1927 में पंड‍ित जवाहरलाल नेहरू के साथ कांग्रेस के वह साधारण सचिव बनाए गए थे।
  • वर्ष 1930 में नेताजी सुभाषचंद्र बोस जेल में रहने के दौरान कोलकाता नगर न‍िगम के मेयर चुन ल‍िए गए थे।
  • वर्ष 1932 से 1936 के बीच नेताजी सुभाषचंद्र बोस भारत की आजादी के लिए विदेशी नेताओं से म‍िलने के ल‍िए व‍िश्‍व भ्रमण करते रहे।
  • भारत की आजादी के ल‍िए इटली में मुसोल‍िन, जर्मनी में फील्डर, आयरलैंड में वालेरा और फ्रांस में रुमाल से उन्‍होंने मुलाकात की थी।
  • 23 मार्च को भगत स‍िंंह को फांसी दे दी गई। इस बात को लेकर महात्‍मा गांधी से उनके मतभेद हो गए थे।
  • आज भी टाटा स्‍टील कंपनी में नेताजी सुभाषचंद्र बोस की पहल के कारण ही मजदूर कभी हड़ताल पर नहीं जाते हैं।

नेताजी सुभाषचंद्र बोस के क्रांतिकारी विचार

  • संघर्ष ने मुझे मनुष्य बनाया, मुझमें आत्मविश्वास उत्पन्न हुआ, जो पहले मुझमें नहीं था।
  • उच्च विचारों से कमजोरियां दूर होती हैं। हमें हमेशा उच्च विचार पैदा करते रहना चाहिए।
  • याद रखिए सबसे बड़ा अपराध, अन्याय सहना और गलत के साथ समझौता करना है।
  • अगर जीवन में संघर्ष न रहे, किसी भी भय का सामना न करना पड़े, तो जीवन का आधा स्वाद ही समाप्त हो जाता है।

Edited By: M Ekhlaque