लातेहार, जागरण संवाददाता। प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के सक्रिय सदस्य निर्मल उरांव उर्फ निर्मल कुजुर उर्फ निर्मल मिंज को गारू थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। लातेहार पुलिस ऑफिस में प्रेसवार्ता के दौरान महुआडांड़ एसडीपीओ राजेश कुजूर ने बताया कि लातेहार एसपी अंजनी अंजन को गुप्त सूचना मिली थी कि माओवादी नक्सली गारू थाना क्षेत्र के डबरी ग्राम में छुपा हुआ है।

पुलिस को देखते ही भागने लगा नक्सली

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर सघन छापेमारी अभियान चलाया। गांव में पुलिस टीम को देखते ही नक्सली निर्मल ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस जवानों ने उसे भागने का कोई मौका नहीं दिया। गांव से नक्सली को गिरफ्तार करने के बाद गारू थाना लाकर उससे पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान नक्सली ने कई अपराधिक घटनाओं में खुद की संलिप्तता की बात स्वीकार की और कई अहम जानकारियां पुलिस टीम को दी। नक्सली की निशानदेही पर जंगल में जमीन के अंदर डाल कर रखे गए दो राइफल समेत कई सजीव कारतूस भी बरामद किए गए। गिरफ्तार नक्सली निर्मल कुजूर गारू थाना क्षेत्र के डबरी गांव निवासी स्व. लूंदा उरांव का पुत्र है।

एक वर्ष से गुमला व लातेहार जिले में दस्ता बनाकर कर रहा था कार्य

प्रेसवार्ता के दौरान एसडीपीओ ने बताया कि गिरफ्तार नक्सली माओवादियों के हथियारबंद दस्ते का सक्रिय सदस्य था। बीते एक वर्ष से लातेहार, लोहरदगा व खास तौर पर गुमला जिले में 9 लोगों का अपना विशेष दस्ता बना कर अपराधिक घटनाओं को अंजाम देने में लगा रहता था। एसडीपीओ ने यह भी बताया कि गिरफ्तार नक्सली युवाओं को झूठे प्रलोभन देकर अपने दस्ते में शामिल करता था।

नक्सली पर अधिकांश मामले गुमला जिले में हैं दर्ज

एसडीपीओ ने बताया कि गिरफ्तार नक्सली पर लातेहार जिले के गारू थाना के अलावा अधिकांश अपराधिक मामले गुमला जिले के डुमरी थाना क्षेत्र में दर्ज हैं। जिससे साफ पता चलता है कि नक्सली गुमला जिले को टारगेट कर डुमरी थाना क्षेत्र में अधिक सक्रिय रहता था।

छापेमारी टीम में यह थे शामिल 

इस छापेमारी अभियान में गारू थाना प्रभारी रंजीत यादव, पुलिस अवर निरीक्षक शाहिद अंसारी, सहायक अवर निरीक्षक तारापद महतो, हवलदार सोना पासवान, अंकित कुमार, लव दुबे सत्येंद्र सिंह समेत पुलिस बल के जवान शामिल थे।

Edited By: Madhukar Kumar