रांची, राज्य ब्यूरो। चतरा जिले के टंडवा स्थित मगध व आम्रपाली कोल परियोजना से टेरर फंडिंग मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने 14 आरोपितों के विरुद्ध चार्जशीट फाइल किया है। सिविल कोर्ट परिसर स्थित एनआइए की विशेष अदालत में एनआइए के कांड के अनुसंधानकर्ता ने यह चार्जशीट दाखिल की है। जिनके विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई है, उनमें आधुनिक पावर के महाप्रबंधक संजय कुमार जैन, ट्रांसपोर्टर सुधांशु रंजन उर्फ छोटू सिंह, मास्टरमाइंड सुभान खान, तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (टीपीसी) के उग्रवादी बिंदेश्वर गंझू उर्फ बिंदु गंझू, आक्रमण उर्फ कोहराम जी उर्फ नेता जी, प्रदीप राम आदि शामिल हैं।

एनआइए ने अब तक टेरर फंडिंग के इस मामले में सात आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। एनआइए ने दाखिल चार्जशीट में बताया है कि आरोपितों ने कोयला तस्करी करवाकर टीएसपीसी के उग्रवादियों को फंड मुहैया कराने में सहयोग किया। टीएसपीसी के उग्रवादियों को लेवी देने के लिए ही उग्रवादी आक्रमण जी उर्फ नेता जी की अनुशंसा पर ऊंची दर पर ट्रांसपोर्टर सुधांशु रंजन उर्फ छोटू ने कोयला ढुलाई का ठेका लिया। ऊंची दर पर ली गई राशि का अधिकांश हिस्सा ठेकेदार के माध्यम से टीएसपीसी के नक्सलियों तक पहुंच रही थी।

टेरर फंडिंग के रूप में मोटी रकम के ट्रांजेक्शन की हुई है पुष्टि : एनआइए के अनुसंधान में इस बात का खुलासा हुआ है कि टंडवा के मगध व आम्रपाली कोयला परियोजना से टेरर फंडिंग के रूप में मोटी रकम का ट्रांजेक्शन हुआ। सीसीएल, पुलिस, उग्रवादी और शांति समिति के बीच समन्वय बैठाने की आड़ में करोड़ों रुपये की हेराफेरी हुई। इस मामले में पूर्व में टंडवा थाने में एक प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी। इसी केस को एनआइए ने टेकओवर करते हुए नई प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद से ही एनआइए एक-एक कर इस टेरर फंडिंग में शामिल आरोपितों की गिरफ्तारी और उनके विरुद्ध कार्रवाई कर रही है।

Posted By: Alok Shahi

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