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देश की मौजूदा स्थिति पर संघ प्रमुख मोहन भागवत रखेंगे विचार, विजयादशमी की सुबह 7.40 बजे पर होगा संबोधन 

Published: Mon, 19 Oct 2026 01:06 PM (IST)

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत विजयादशमी उत्सव में संघ के शताब्दी वर्ष और देश की वर्तमान स्थिति पर संबोधित करेंगे।

संघ प्रमुख मोहन भागवत। फाइल फोटो

संघ प्रमुख मोहन भागवत। फाइल फोटो

HighLights

  1. मोहन भागवत विजयदशमी उत्सव में करेंगे मुख्य संबोधन।

  2. संघ शताब्दी वर्ष और देश की स्थिति पर विचार रखेंगे।

  3. नागपुर के रेशिमबाग में होगा यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम।

जागरण संवाददाता, रांची। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत मंगलवार को नागपुर में आयोजित विजयादशमी उत्सव को संबोधित करेंगे।

रेशिमबाग स्थित संघ कार्यालय के मैदान में सुबह 7:40 बजे से आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दैनिक जागरण के प्रधान संपादक संजय गुप्त होंगे।

लगभग एक घंटे के संबोधन में भागवत संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों, देश की वर्तमान स्थिति और आगामी एक वर्ष की कार्ययोजना पर विचार रख सकते हैं।

जिस तरह से एसआइआर को लेकर देश में अराजकता फैलाने का प्रयास किया जा रहा है, युवाओं को भड़काया जा रहा है।

निर्वाचित सरकार को हटाने की बात कही जा रही है। इन सभी विषयों को लेकर सरसंघचालक मोहन भागवत क्या बोलते हैं, सभी को इंतजार है।

कार्यक्रम में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ सहित कई प्रमुख लोगों को आमंत्रित किया गया है। समारोह के शुरुआत में भागवत मुख्य अतिथि के साथ संघ संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की प्रतिमा और द्वितीय सरसंघचालक माधव राव सदाशिव राव गोलवलकर की समाधी पर पुष्प अर्पित करेंगे।

उसके बाद विधिवत कार्यक्रम की शुरुआत होगी। पूरे कार्यक्रम का आरएसएस के प्रचार विभाग की ओर से इंटरनेट मीडिया के सभी माध्यमों से सीधा प्रसारण किया जाएगा।

कार्यक्रम की शुरुआत विजयादशमी उत्सव के अवसर पर शस्त्र पूजन से होगा। फिर स्वयंसेवकों द्वारा घोष और शारीरिक प्रदर्शन किया जाएगा। उसके बाद मुख्य अतिथि का संबोधन होगा। फिर सरसंघचालक मोहन भागवत संबोधित करेंगे।

उल्लेखनीय है कि समाज में संघ का प्रभाव बढ़ने के बाद आरएसएस के स्वयंसेवकों के साथ-साथ सरकार और विश्व के कई देशों को सरसंघचालक के विजयादशमी उत्सव के संबोधन का इंतजार रहता है।

इसके साथ ही विजयादशमी उत्सव के दिन सरसंघचालक अपने संबोधन में जो भी बातें रखते हैं, अगले एक वर्ष तक संघ उस पर कार्य करता हैं।

समाज क्या सोचता है, इस पर प्रबुद्ध लोगों से चर्चाएं की जाती है। फिर कार्यकारी मंडल की बैठक में सभी बिंदुओं पर चर्चाएं होती है।

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