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आरएसएस शताब्दी समारोह संपन्न, चार लाख से अधिक स्थानों पर लगी शाखा; अब नशामुक्ति पर जोर

Published: Tue, 13 Oct 2026 01:32 AM (IST)

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शताब्दी समारोह 10 अक्टूबर को संपन्न हुआ, जिसमें 20 सितंबर से 10 अक्टूबर के बीच देशभर में चार लाख से अधिक स्थानों पर शाखाएं लगाई गईं।

आरएसएस की शाखा में भाग लेते स्वंय सेवक। फोटो जागरण

आरएसएस की शाखा में भाग लेते स्वंय सेवक। फोटो जागरण

संजय कुमार, रांची। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर पिछले एक वर्ष से चल रहे शताब्दी समारोह का 10 अक्टूबर को समापन हो गया। समारोह के अंतिम चरण में 20 सितंबर से 10 अक्टूबर के बीच देशभर में एक सप्ताह तक अधिकतम स्थानों पर शाखाएं लगाने का अभियान चलाया गया। इस दौरान चार लाख से अधिक स्थानों पर नियमित शाखाएं लगीं।

इससे पहले देश में लगभग 89 हजार स्थानों पर नियमित, 32 हजार साप्ताहिक और 13,211 स्थानों पर मासिक शाखाएं संचालित हो रही थीं। अंतिम आंकड़ों की घोषणा दो नवंबर से इंदौर में आयोजित अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में होगी।

शताब्दी समारोह के आयोजन में वर्ष भर से व्यस्त रहने वाले सभी स्वयंसेवक अब समाज के बीच पंच परिवर्तन और नशामुक्ति के लिए काम करेंगे। विजयादशमी पर सरसंघचालक मोहन भागवत के संबोधन से आगामी कार्ययोजना की दिशा तय होने की उम्मीद है।

पिछले वर्ष विजयादशमी उत्सव से प्रारंभ शताब्दी समारोह के तहत सात कार्यक्रम तय थे। इनमें पूर्ण गणवेश में एकत्रीकरण, सामाजिक सदभाव बैठक, गृह संपर्क अभियान, प्रबुद्धजन गोष्ठी, युवाओं के साथ संवाद, हिंदू सम्मेलन व अधिकतम स्थानों पर शाखा लगाना था।

जिलों और विभागों के परिसीमन को लेकर चल रहा प्रवास

शताब्दी समारोह के समापन के बाद सभी प्रांतों व क्षेत्रों के अधिकारी जिलों और विभागों के परिसीमन को लेकर जगह-जगह बैठकें कर रहे हैं। अगले वर्ष से पूरे देश में प्रांत की जगह 85 संभाग हो जाएंगे। इसके साथ ही जिलों और विभागों की संख्या भी काफी बढ़ जाएगी।

झारखंड में ही संघ की रचना से 28 की जगह 53 जिले हो जाएंगे। पूरे देश में वर्तमान जिलों को कितने भागों में बांटना है, कौन सा भाग किस जिले में और किस विभाग में होगा, इसको लेकर जमीन पर काम शुरू है। सरसंघचालक मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले का प्रवास भी चल रहा है। अंतिम घोषणा दो से चार नवंबर तक मध्यप्रदेश के इंदौर में आयोजित कार्यकारी मंडल की बैठक में होगी।

झारखंड में 3200 से अधिक स्थानों पर लगी शाखा

शताब्दी समारोह के अंतिम चरण में अधिकतम स्थानों पर शाखा लगाने के तहत झारखंड में 2400 से अधिक स्थानों पर नई शाखाएं लगाई गई। उससे पहले लगभग 800 स्थानों पर नियमित शाखाएं लग रही थी। इस तरह कुल 3200 से अधिक स्थानों पर एक सप्ताह तक शाखाएं लगी। अब यह सभी शाखाएं आगे भी चलती रहे, इस प्रयास में सभी स्वयंसेवक लगे हैं।