विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

रांची: 9 महीने में 33 मोबाइल टावरों से चोरी करने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार, कार और टावर बैटरी समेत सामान बरामद

Published: Mon, 27 Jul 2026 09:15 AM (IST)

रांची पुलिस ने मोबाइल टावरों से चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसने 9 महीनों में 33 टावरों को निशाना बनाया था।

टावरों से चोरी करने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार

टावरों से चोरी करने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार

HighLights

  1. रांची पुलिस ने मोबाइल टावर चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया।

  2. नौ महीने में 33 टावरों से चोरी करने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार।

  3. गिरोह के सरगना सहित चोरी का सामान भी बरामद किया गया।

जागरण संवाददाता, रांची। राजधानी और ग्रामीण इलाकों में मोबाइल टावरों को लगातार निशाना बना रहे एक संगठित गिरोह का रांची पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। 

पुलिस का दावा है कि गिरोह ने बीते नौ महीनों में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में 33 मोबाइल टावरों में चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया। चूंकि मोबाइल टावरों पर लगे उपकरण संचार व्यवस्था और नेशनल सिक्योरिटी से भी जुड़े होते हैं, इसलिए पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। 

चार आरोपितों को गिरफ्तार किया

कार्रवाई में चार आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। ग्रामीण एसपी ने बताया कि चान्हों थाना कांड संख्या 55/26 की जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल नंबरों के विश्लेषण और लगातार निगरानी के आधार पर तौफिक अंसारी तक पुलिस पहुंची। 

पूछताछ में उसने अपने साथियों अकमल अंसारी, मुबारक अंसारी और कबाड़ी कारोबारी गौरी कुमार के साथ मिलकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया। 

जियो टेलीकॉम कंपनी में काम करता था आरोपी

पुलिस के अनुसार तौफिक अंसारी पहले जियो टेलीकॉम कंपनी में साइट मैनेजर के रूप में काम कर चुका था। इसी वजह से उसे टावरों में लगे महंगे और महत्वपूर्ण उपकरणों की पूरी जानकारी थी। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर ऐसा गिरोह तैयार किया, जो चोरी से पहले टावरों की रेकी करता था और फिर सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देता था। 

चोरी के बाद सामान को कांके थाना क्षेत्र स्थित एक कबाड़ी के पास बेच दिया जाता था। पुलिस के अनुसार इस गिरोह में एक दर्जन से अधिक लोग शामिल हैं और जल्द ही अन्य आरोपितों की भी गिरफ्तारी की जाएगी। 

एसआईटी लगातार जांच में जुटी

ग्रामीण एसपी ने बताया कि राजधानी में लगातार हो रही टावर चोरी की घटनाओं के बाद पिछले एक माह से एसआईटी लगातार जांच में जुटी थी। तौफिक पहले भी जेल जा चुका है। पुलिस के अनुसार गिरोह हर चोरी में करीब एक से डेढ़ लाख रुपये की कमाई करता था। 

चोरी के लिए आरोपित कार से मौके पर पहुंचते थे और उसी वाहन में चोरी का सामान लादकर फरार हो जाते थे। गौरी कुमार चोरी के सामान की खरीद कर गिरोह के सदस्यों को भुगतान करता था। 

पुलिस को कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले

पुलिस ने आरोपितों के पास से टावरों में इस्तेमाल होने वाली तीन आरएम मशीनें, बैटरी चार्जिंग मशीन, पांच टावर बैटरियां, तीन मोबाइल फोन, करीब 75 फीट केबल, लगभग 20 किलोग्राम केबल तथा घटना में प्रयुक्त कार बरामद की है। बरामद मोबाइल फोन से भी पुलिस को कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं।

पुलिस अब आरोपितों को रिमांड पर लेकर गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी के नेटवर्क के बारे में पूछताछ करेगी। तौफिक गिरोह का सरगना है। अकमल उसका भाई है जो कि गैरेज में काम करता है।

यह भी पढ़ें- झारखंड के 16 कुख्यात माओवादी आज करेंगे सरेंडर, कुल 60 लाख रुपये का इनाम था घोषित


देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।