स्टील उत्पादन से देश को मजबूती दे रही कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) रांची और बोकारो समेत अपनी सभी परियोजना क्षेत्रों में अपने सीएसआर कार्यों से भी लोगों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान की दिशा में काम कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, आधारभूत संरचना और रोजगार के क्षेत्र में निरंतर उल्लेखनीय कार्य कर कंपनी ने समाज के विकास में अहम भूमिका निभाई है।

भारतीय संस्कृति के विकास और संरक्षण के साथ आधुनिक तकनीक और ज्ञान-विज्ञान को प्रोत्साहन देना भी हमारा मकसद है। निरंतर प्रयास और अभियान के जरिए कंपनी लोगों के जीवन में सार्थक बदलाव के लिए भी प्रतिबद्ध है।

सेल भारत के एक जिम्मेदार नागरिक की तरह अपनी जिम्मेदारी समाज और देश के विकास के लिए निभाने में तत्पर रही है। इसमें हमें काफी हद तक सफलता मिली है। कई प्रतिष्ठित सम्मान भी कंपनी को इन कार्यों के लिए मिले हैं।

गांवों को गोद लेकर उनका समग्र विकास
झारखंड समेत पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, बिहार, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु आदि राज्यों में भी कंपनी ने 79 गांवों को विकास के लिए गोद लिया है। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, स्वच्छता, खेल, जागरूकता आदि के लिए कार्यक्रम चलाकर और विकास कार्य कर यहां के लोगों के जीवनस्तर को बेहतर बनाने की दिशा में कंपनी काम कर रही है।

अस्पतालों के माध्यम से लोगों का इलाज

परिवार कल्याण और स्वास्थ्य की दिशा में सेल का उल्लेखनीय योगदान रहा है। सरकार के स्वास्थ्य विभाग के कार्यक्रमों में सहयोग कर और कंधे से कंधा मिलाकर अपने अस्पतालों में भी हम महिलाओं और शिशुओं के इलाज, जांच, ऑपरेशन, टीकाकरण के अभियान चलाकर लोगों को लाभ पहुंचाते हैं। 4 राज्यों में 24 अस्पतालों के माध्यम से हम सभी तरह की स्वास्थ्य सेवाएं लोगों को उपलब्ध कराते हैं।

टीबी, मलेरिया, कुष्ठ रोग आदि का भी निःशुल्क इलाज किया जाता है। अपने इन बड़े अस्पतालों के अलावा भी सेल ने 54 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 17 आरसीएच सेंटर की स्थापना की है, जिनका लोगों को लाभ मिल रहा है।

बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा देने का प्रयास
रांची और झारखंड के विभिन्न इलाकों समेत देशभर में 145 अपने स्कूलों और सहयोग से चल रहे 636 स्कूलों के माध्यम से हजारों बच्चों को सेल आधुनिक तरीके से गुणवत्ता युक्त शिक्षा दे रही है। इसमें बच्चों को सभी तरह की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार के कार्यक्रमों के साथ भी सभी स्कूलों को जोड़ा गया है।

रांची में इस्पात महिला समाज की ओर से बाल शिक्षा केंद्र चलाए जा रहे हैं। वहीं हटिया में महात्मा गांधी स्मारक उच्च विद्यालय कंपनी के सौजन्य से चलाया जा रहा है। विभिन्न स्कूलों में समय-समय पर पठन-पाठन सामग्री और जरूरत के अन्य सामान का वितरण कंपनी की ओर से किया जाता है। विद्यार्थियों के बीच जागरूकता के कार्यक्रम भी चलाए जाते हैं।

लोगों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की कोशिश
स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग देकर कंपनी लोगों को रोजगार से जोड़ रही है। इसके अलावा आधुनिक ढंग से खेती से लेकर प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन, बेहतर व्यवसाय, गांवों और मुहल्लों की आधारभूत संरचना के विकास को लेकर भी कंपनी लगातार काम कर रही है।

पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम
पौधरोपण कर पेड़ों, पार्क आदि का संरक्षण कर कंपनी पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी काफी काम कर रही है। सेल कॉलोनियों के विकास में भी इसका ध्यान रखा जाता है। कंपनी जल संरक्षण से लेकर कचरा प्रबंधन तक के क्षेत्र में लगातार उल्लेखनीय काम कर रही है।

आदिवासियों और जनजातियों के उत्थान के लिए कार्य
बोकारो में कंपनी की ओर से बिरहोर जनजातियों के बच्चों के उत्थान के लिए अलग से - ज्ञान ज्योति योजना - चलाई जा रही है। इसमें बिरहोर बच्चों को गोद लेकर उन्हें सभी तरह की सुविधाएं देते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश हो रही है।

- उज्जवल भास्कर, जनसंपर्क पदाधिकारी, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया, रांची

By Nandlal Sharma