रांची में सब्जी लेने निकले युवक को 12 घंटे बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा, वेंटिलेटर से भागकर बचाई जान
रांची में सब्जी खरीदकर लौट रहे 29 वर्षीय युवक लक्ष्मण गोप को अगवा कर 12 घंटे तक बेरहमी से पीटा ...और पढ़ें

युवक को बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा (एआई जेनरेटेड तस्वीर)
HighLights
युवक को सब्जी खरीदने के बाद धोखे से अगवा किया गया।
12 घंटे तक बेल्ट, पाइप और डंडों से बेरहमी से पीटा।
आरोपियों के सोते ही वेंटिलेटर से निकलकर जान बचाई।
जागरण संवाददाता, रांची। रातू थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। कमड़े चौक से सब्जी खरीदकर घर लौट रहे 29 वर्षीय युवक लक्ष्मण गोप को धोखे से अगवा कर करीब 12 घंटे तक कमरे में बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा गया।
आरोप है कि शत्रुधन सिंह, उसके भगिना छोटू सिंह और प्रकाश गिरी ने युवक को बेल्ट, रसोई गैस के पाइप और बांस के डंडों से रातभर पीटा। इतना ही नहीं, साक्ष्य मिटाने के लिए उसके कपड़े भी जला दिए।
विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू
आरोपियों की योजना उसकी हत्या कर शव को सेप्टिक टैंक में डालने की थी। हालांकि, देर रात आरोपियों के सो जाने पर युवक कमरे के वेंटिलेटर से बाहर निकलकर भागने में सफल रहा। पीड़ित लक्ष्मण गोप (29), पिता स्व. कालू गोप, निवासी दुर्गा कॉलोनी (रवि स्टील, कमड़े) की शिकायत पर रातू थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस ने शत्रुधन सिंह, छोटू सिंह और प्रकाश गिरी के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सब्जी लेकर लौटते समय बहाने से घर ले गए आरोपी
लक्ष्मण गोप ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि बुधवार सुबह करीब 10 बजे वह घर के लिए कमड़े चौक सब्जी खरीदने गया था। करीब 11 बजे लौटने के दौरान शत्रुधन सिंह, छोटू सिंह और प्रकाश गिरी उसे बहला-फुसलाकर अपने घर ले गए। वहां पहुंचते ही तीनों ने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर दिया और बेल्ट, गैस के रबर पाइप तथा बांस के डंडों से पिटाई शुरू कर दी।
आरोप है कि करीब 12 घंटे तक उसे बंधक बनाकर पीटा गया। इससे उसके पूरे शरीर पर गंभीर चोटें आईं।
हत्या कर सेप्टिक टैंक में शव छिपाने की कही बात
पीड़ित का आरोप है कि पिटाई के दौरान आरोपी आपस में उसकी हत्या करने और शव को लैट्रिन की टंकी में डालकर ठिकाने लगाने की बात कर रहे थे। आरोपियों ने उसके कपड़े फाड़ दिए और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उन्हें जला दिया। इसके अलावा मोबाइल फोन, चांदी का ब्रेसलेट और जेब में रखे 550 रुपये भी छीन लिए।
आरोपियों के सोते ही वेंटिलेटर से निकला बाहर
लक्ष्मण के अनुसार, देर रात आरोपी उसे दूसरे कमरे में बंद कर सोने चले गए। इसी दौरान उसने वहां रखी ईंटों को एक-दूसरे के ऊपर रखकर वेंटिलेटर तक पहुंचने का रास्ता बनाया। फिर रोशनदान से किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि आरोपित दबंग और आपराधिक प्रवृत्ति के हैं। उसने अपने और परिवार की सुरक्षा को लेकर आशंका जताते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी और सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है।
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