जागरण संवाददाता, रांची। मनी लांड्रिंग मामले में पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा सहित नौ अभियुक्तों पर लगे आरोप में सुधार करते हुए बुधवार को आरोप गठित किया गया। मामले में ट्रायल फेस कर रहे अभियुक्त मनोज बाबूलाल पुनामिया की दो कंपनियों के शामिल होने के बाद आरोप में सुधार किया गया। इसके बाद बुधवार को ईडी के विशेष न्यायाधीश एके मिश्रा की अदालत में आरोप गठित किया गया। पुनामिया की दो कंपनियों को मिलाकर अदालत ने 3633 करोड़ 11 लाख रुपये व 24.30 लाख यूएस डॉलर मनी लांड्रिंग के आरोप में चार्जफ्रेम किया है।

ईडी ने जिन अभियुक्तों पर चार्जफ्रेम किया है, उनमें पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, उनके करीबी मनोज बाबूलाल पुनामिया और उनकी कंपनी मुंबई स्थित मेसर्स बालाजी लाइफ स्टाइल रियलटॉर्स प्राइवेट लिमिटेड और बालाजी यूनिवर्सल ट्रेड लिंग्स प्राइवेट लिमिटेड, विनोद सिन्हा, विकास सिन्हा, विजय जोशी, अनिल आदिनाथ वस्तावड़े, अरविंद व्यास शामिल हैं। वस्तावड़े को छोड़कर सभी अभियुक्त अदालत में हाजिर हुए थे। वस्तावड़े की ओर से अधिवक्ता ने अदालत में हाजिरी दी थी। कंपनी की ओर से मनोज बाबूलाल पुनामिया ने हाजिरी दी, क्योंकि दोनों कंपनियों के मैनेजिंग डायरेक्टर पुनामिया ही हैं। ईडी के वरीय विशेष लोक अभियोजक एसआर दास ने बताया कि अदालत ने पीएमएल एक्ट की धारा-4 के तहत आरोपों में सुधार करते हुए चार्जफ्रेम किया है।पुनामिया की दोनों कंपनियों को भी अभियुक्तों की सूची में शामिल किया गया। मामले की अगली सुनवाई दो जुलाई को निर्धारित है।

2012 में हुआ था सात पर चार्जफ्रेम

इसके पूर्व पुनामिया की दो कंपनियों को छोड़कर सितंबर 2012 और जुलाई 2013 में मधु कोड़ा सहित सात अभियुक्तों पर आरोप गठित किया गया था। उस समय 3549 करोड़ 72 लाख व 24.30 लाख यूएस डॉलर मनी लांड्रिंग के आरोप में चार्जफ्रेम हुआ था। इस समय कोड़ा पर 1340 करोड़, विकास सिन्हा पर 45 करोड़, विनोद कुमार सिन्हा पर 915 करोड़, मनोज पुनामिया पर 58 करोड़ 69 लाख, विजय जोशी पर 152 करोड़, अरविंद व्यास पर 1020 करोड़ की मनी लाउंड्रिंग आरोप में आरोप गठित हुआ था। अनिल आदिनाथ वस्तावड़े बाद में ईडी की गिरफ्त में आया था। ऐसे में उसके खिलाफ एक जुलाई 2013 को चार करोड़ 93 लाख 16 हजार 240 रुपये का चार्जफ्रेम हुआ था।

कोड़ा के मुख्यमंत्रित्व काल में विदेश में निवेश का आरोप

मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के मुख्यमंत्रित्व काल में उनकी अवैध कमाई की राशि का निवेश दुबई, स्वीडन, इंडोनेशिया, थाइलैंड, लाइबेरिया में किए जाने का आरोप है।

 

By Sachin Mishra