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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jharkhand Politics: JMM में शामिल होने के बाद लुइस मरांडी का आया रिएक्शन, बता दी BJP की अंदर की बात; सियासत तेज

Published: Tue, 22 Oct 2024 07:47 AM (IST)

झारखंड में भाजपा को झटका लगा है। झारखंड में पार्टी की उपाध्यक्ष लुइस मरांडी ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने ...और पढ़ें

पूर्वमंत्री लुइस मरांडी ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया
पूर्वमंत्री लुइस मरांडी ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया

HighLights

  1. लुइस ने छोड़ी भाजपा, कहा दूसरे दलों से आए नेता हो गए हावी
  2. हेमंत सोरेन से की मुलाकात, जामा या दुमका से हो सकती हैं प्रत्याशी

राज्य ब्यूरो, रांची। भाजपा को संताल परगना में सोमवार को जोर का झटका लगा। पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष और राज्य सरकार की पूर्वमंत्री लुइस मरांडी ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया। पार्टी को भेजे गए अपने त्यागपत्र में उन्होंने कहा है कि दूसरे दलों से आए नेता भाजपा में हावी हो गए हैं।

निष्ठावान कार्यकर्ता लगातार दल में उपेक्षित हो रहे हैं। लुइस मरांडी ने सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी मुलाकात की। वह जामा या दुमका विधानसभा क्षेत्र से पार्टी की प्रत्याशी हो सकती हैं।

भाजपा से की राजनीतिक जीवन की शुरुआत

लुइस मरांडी ने कहा कि 24 वर्ष उन्होंने भाजपा में बिताए। राजनीतिक जीवन की शुरुआत भाजपा से की। पार्टी ने इस दौरान काफी सम्मान दिया। पहली बार उन्होंने दुमका में भाजपा का परचम लहराया।

उन्होंने कहा कि अभी यह महसूस हो रहा है कि पार्टी के निष्ठावान व समर्पित कार्यकर्ताओं को दरकिनार करने की लगातार कोशिश तेज हुई है। अन्य दलों से आए नेता भाजपा में हावी दिखते हैं। पार्टी के अंदर गुटबाजी चरण पर पहुंच गई है।

इसी का परिणाम है कि दुमका जैसी प्रतिष्ठित सीट पर भाजपा एक बार जीत हासिल करने के बाद लगातार हार का सामना कर रही है। पार्टी संगठन में अनुशासन की धज्जियां उडाई जा रही है। समर्पित कार्यकर्ताओं की आस्था व निष्ठा पर शक किया जा रहा है। उनकी भावनाओं का खुले मंचों से अनादर किया जा रहा है।

वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव की हार के बाद भाजपा की प्रत्याशी सीता सोरेन में जिस तरीके से पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से लेकर मुझ जैसे समर्पित सच्चे कार्यकर्ता पर छल-प्रपंच व विश्वासघात करने का आरोप लगाया, वह गलत था।

ऐसा लग रहा था कि पार्टी समय पर सबकुछ नियंत्रित कर लेगी। लेकिन, अराजकता, अनुशासनहीनता और गुटबाजी बढ़ती ही जा रही है, जो किसी भी सूरत में पार्टी और संगठन के हित में नहीं है। कुछ लोग साजिश के तहत पार्टी के अंदर आंतरिक लोकतंत्र का गला घोट रहे हैं।

पार्टी के अंदर चल रही ऐसी षड्यंत्रकारी गतिविधियों से मन काफी व्यथित है। इससे आहत होकर वह प्रदेश उपाध्यक्ष पद समेत पार्टी की प्राथमिक व्यवस्था से इस्तीफा दे रहीं हैं।

कुणाल षाडंगी और गणेश महली भी आएंगे झामुमो में

संताल परगना के साथ-साथ कोल्हान प्रमंडल में भी स्थिति ठीक नहीं है। बहरागोड़ा के पूर्व विधायक कुणाल षाडंगी भी झामुमो में आएंगे। सोमवार को वे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात करने पहुंचे।

कुणाल बहरागोड़ा से प्रत्याशी बनाए जा सकते हैं। हाल ही में उन्होंने भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता पद से इस्तीफा दिया था। उधर, सरायकेला से चंपई सोरेन को टक्कर देने वाले गणेश महली भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलने पहुंचे।

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