रांची, राज्य ब्यूरो। रांची में सासाराम के लिए ओला एप से कार बुक कर ले जाने वाले अपराधियों ने चालक को उतारकर चौपारण में कार लूट ली थी और कार लेकर फरार हो गए थे। रांची की सदर थाने की पुलिस ने घटना के छह दिनों के भीतर न सिर्फ कार बरामद कर ली, बल्कि इस घटना में शामिल चार अपराधियों को भी दबोच लिया। सभी अंतर्राज्यीय गिरोह के अपराधी हैं। एसएसपी अनीश गुप्ता ने बताया कि सदर थाने में 18 नवंबर को अभिषेक पांडेय नाम के युवक ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

उसने बताया था कि वह ओला कंपनी के अधीन चलने वाली कार टाटा टिगोर (जेएच-01डीडी-8878) का चालक है। 15 नवंबर को एक ग्राहक ने उनके कार की सासाराम के लिए ऑनलाइन बुकिंग की थी। बुकिंग के थोड़ी ही देर बाद उसने उसे कैंसल कर दिया था। 16 नवंबर को उसी ग्राहक ने कार के चालक को फोन कर सासाराम के लिए गाड़ी बुक कराई। उस ग्राहक के बताए अनुसार अभिषेक पांडेय 16 नवंबर की शाम करीब पांच बजे बूटी मोड़ से ग्राहक के एक मित्र को लेकर हजारीबाग पहुंचे।

कार बुक करने वाला व्यक्ति हजारीबाग में कार में सवार हुआ और दोनों सासाराम के लिए चल दिए। रात करीब डेढ़ बजे चौपारण व शेरघाटी के बीच दोनों ग्राहकों ने चालक अभिषेक पांडेय को जबरन धमका कर गाड़ी से उतार दिया और कार लेकर फरार हो गए। इसके बाद अभिषेक रांची पहुंचा और सदर थाने में लूट की प्राथमिकी दर्ज कराई। अनुसंधान के दौरान सदर पुलिस ने कार को बिहार के रोहतास जिले से सक्रिय अंतर्राज्यीय गिरोह का खुलासा किया।

पुलिस ने लूटपाट में शामिल दो अपराधियों के साथ लूटी गई कार व चोरी के वाहन खरीदने वाले गिरोह में शामिल दो अन्य अपराधियों को भी गिरफ्तार कर लिया। इस कांड के खुलासे में थाना प्रभारी सदर इंस्पेक्टर वेंकटेश कुमार, दारोगा सनाउल्लाह खान, प्रशिक्षु दारोगा मनोज महतो व सिपाही प्रमांशु कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

जिनकी हुई है गिरफ्तारी

  1. मनोज कुमार ठाकुर : सूर्यपूरा विक्रमगंज, रोहतास।
  2. रामाशंकर सिंह उर्फ डब्लू बिंद : परमपुर्य रायपुर चोर, थाना शिवसागर, रोहतास।
  3. अमित कुमार : गौलछन्नी मुहल्ला, थाना नगर सासाराम, रोहतास।
  4. अमित कुमार सिंह : राजा बंगला, लोहरदगा, वर्तमान में अपने ससुराल बानाहापा, मुफसिल, हजारीबाग।

90 हजार में बेच दी थी साढ़े सात लाख की कार

कार लुटेरों ने महज 90 हजार रुपये में साढ़े सात लाख रुपये की कार को अवैध शराब के कारोबारियों को बेच दी थी। बिचौलिये की भूमिका रामाशंकर सिंह उर्फ डब्लू बिंद ने निभाई। शराब कारोबारी ने नकद केवल 20 हजार रुपये ही लुटेरों को दी थी। 65 हजार रुपये का अवैध शराब रामाशंकर सिंह उर्फ डब्लू बिंद को दे दी और कहा कि शराब बेचकर शेष पैसे वह दे देगा। वाहन खरीदने वाले अपराधियों के प्रतिबंधित शराब के अवैध कारोबार में शामिल होने की सूचना है।

दोनों का रहा है पूर्व आपराधिक इतिहास

गिरफ्तार दोनों लोगों का आपराधिक इतिहास रहा है। लोहरदगा के राजाबंगला का रहने वाला अमित कुमार सिंह पूर्व में धुर्वा थाने से चोरी के मामले का आरोपित रहा है। वहीं, रोहतास का अमित नोखा थाने से वाहन चोरी के कांड का आरोपित है।

मोबाइल के सहारे अपराधियों तक पहुंची पुलिस

18 नवंबर को प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने उस नंबर की छानबीन की, जिस नंबर से चालक के नंबर पर बुकिंग के लिए कॉल आया था। उक्त नंबर से जिससे-जिससे बातचीत हुई थी, उसे पुलिस ने उठाया और कांड का खुलासा हुआ। जब पुलिस छानबीन की तो अमित का लोकेशन रांची के विद्यानगर में मिला। इसके बाद दूसरे दिन चालक के नंबर पर जिस नंबर से कार बुक किया गया था, उसकी भी छानबीन की गई तो अपराधियों के तार एक-दूसरे से जुड़ते गए और पुलिस अपराधियों तक पहुंच गई।

Posted By: Sujeet Kumar Suman

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