चतरा, जासं। झारखंड सरकार चीन छोड़ने वाली कंपनियों पर नज़र रख रही है। हम उन्हें यहां बुलाने के लिए तैयार हैं। राज्य में लौटे प्रवासी मजदूरों को अब यहीं रोजगार दिया जाएगा। यह खुलासा श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण मंत्री सत्यानंद भोक्‍ता ने किया। वह बुधवार को दैनिक जागरण के बेबिनार में प्रतिभागियों से बतौर मुख्य अतिथि बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उन विदेशी कंपनियों को झारखंड बुलाने की रणनीति पर काम कर रही है।

उन कंपनियों के लिए झारखंड में ज्यादा संभावनाएं हैं। यहां पर माइंस और मिनरल की कमी नहीं है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस दिशा में निरंतर प्रयासरत हैं। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता कोरोना वायरस के संक्रमण से निपटना और प्रवासी मजदूरों के हितों की रक्षा करना है। अब तक करीब साढ़े तीन लाख प्रवासी मजदूर वापस लौटे हैं। बाकी मजदूरों को भी वापस लाने की दिशा में कार्रवाई हो रही है। देश के विभिन्न हिस्सों से आ रहे प्रवासी मजूदरों का श्रेणीबद्ध निबंधन किया जा रहा है। ताकि उन्हें झारखंड में ही रोजगार की व्यवस्था की जा सके।

मंत्री ने किसानों का केसीसी ऋण माफ करने और रियायती दर पर खाद्य-बीज उपलब्ध कराने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के क्वारंटाइन सेंटरों में रहने वालों को बेहतर सुविधाएं दी जाएंगी। मंत्री के निर्वाचन क्षेत्र में बिजली की बदतर स्थिति को लेकर भी कई लोगों ने सवाल उठाया। इस पर मंत्री ने कार्यक्रम के दौरान ही विद्युत आपूर्ति के अधीक्षण अभियंता से मोबाइल पर बात की और 18 घंटों तक निर्बाध रूप से बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

Posted By: Sujeet Kumar Suman

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