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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 25, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बाल यौन उत्पीड़न के खिलाफ कैलाश सत्यार्थी की भारत यात्रा

By Sachin MishraEdited By:
Published: Mon, 25 Sep 2017 10:17 AM (IST)Updated: Mon, 25 Sep 2017 02:34 PM (IST)

एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि 53 फीसद बच्चों के साथ किसी न किसी रूप में यौन शोषण होता है।

बाल यौन उत्पीड़न के खिलाफ कैलाश सत्यार्थी की भारत यात्रा
बाल यौन उत्पीड़न के खिलाफ कैलाश सत्यार्थी की भारत यात्रा

रांची, जेएनएन। नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी ने बच्चों के यौन उत्पीड़न व ट्रैफिकिंग के विरोध में झारखंड में भारत यात्रा की शुरुआत की। सुरक्षित भारत सुरक्षित बचपन अभियान के तहत 35 दिनों तक 22 राज्यों के 11 हजार किमी की यात्रा का उनका कार्यक्रम है।

इस अवसर पर उन्होंने अदालतों में यौन उत्पीड़न के लंबित मामलों पर भी सवाल उठाया। एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 53 फीसद बच्चों के साथ किसी न किसी रूप में यौन शोषण होता है।

कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि महामारी की तरह घरों, स्कूलों व समाज में यौन उत्पीड़न की महामारी घुस गई है। सरकार, समाज, धर्म गुरुओं व कारपोरेट को मिलकर बच्चों को बचाना होगा। इस दौरान उन्होंने हिंसा के लिए नक्सलियों द्वारा बच्चों के इस्तेमाल को मानवता के साथ अन्याय बताया।

राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने इस अवसर पर कहा कि यह दुर्भग्यपूर्ण है कि देश के भविष्य माने जाने वाले बच्चों के लिए यात्रा करनी पड़ती है। उन्होंने बच्चों की शिक्षा में संस्कार तथा नैतिक शिक्षा को शामिल करने पर जोर दिया। स्पीकर दिनेश उरांव ने कैलाश सत्यार्थी के इस आंदोलन की सराहना की।

इससे पहले कैलाश सत्यार्थी ने रांची में भारत यात्रा मार्च को हरी झंडी दिखाई। रांची के बरियातू रोड में भारत यात्रा कार्यक्रम में कैलाश सत्यार्थी, उनकी पत्नी व झारखंड विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव व सरकारी स्कूल के बच्चों ने भी शिरकत की।

प्रदेश में यात्रा का आयोजन झारखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग एवं कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेंस फांउडेशन की ओर से किया गया। आयोग की अध्यक्ष आरती कुजूर हैं।

भारत यात्रा की शुरुआत सोमवार को रिम्स ऑडिटोरियम में आयोजित एक कार्यक्रम के बाद की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल द्रौपदी मुमरू मौजूद रहीं। विशिष्ट अतिथि के तौर पर विधानसभा के स्पीकर प्रो. दिनेश उरांव, पद्मश्री मुकुंद नायक, कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो थे।

देखें तस्वीरें, रांची में कैलाश सत्यार्थी

बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष और सदस्य में ठनी

राज्य ब्यूरो, रांची : झारखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य डॉ. मनोज कुमार नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी से जुड़े कार्यक्रमों में शिरकत नहीं करेंगे। उन्होंने आरोप मढ़ा है कि आयोग में मनमानी चरम पर है। सोमवार को प्रस्तावित ‘सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भारत’ कार्यक्रम के संदर्भ में आयोग के सदस्यों से न तो कोई राय मशविरा की गई और न ही सदस्यों को इस कार्यक्रम की कोई जानकारी है।

यह भी आरोप लगाया कि छह महीने से जहां आयोग की सदस्यों के साथ एक भी बैठक नहीं हुई है, वहीं बच्चों से संबंधित कोई जनसुनवाई नहीं हुई। और तो और विधानसभा में कोई रिपोर्ट तक पेश नहीं की गई। आयोग की मनमानी की सूचना एक महीने पूर्व मुख्यमंत्री, विभागीय मंत्री और विभागीय सचिव को भी दी गई है।

इधर, आयोग की अध्यक्ष आरती कुजूर ने डॉ. मनोज कुमार की बातों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के संबंध में बुलाई गई पहली बैठक में वे शामिल नहीं हुए। दूसरी बैठक में उनकी मौजूदगी में कार्यक्रम तय हुआ। अन्य सदस्य भी इन बैठकों में मौजूद थे। सभी सदस्यों को इस कार्यक्रम की जानकारी है।

कैलाश सत्यार्थी की यह देशव्यापी यात्रा है। राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग ने संबंधित राज्यों के आयोग से इसमें स्वयं बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने को कहा है। ऐसे में सदस्यों को स्वयं भी आगे आना चाहिए। जहां तक रिपोर्ट पेश करने की बात है, स्थापना दिवस से पूर्व इसे पेश किए जाने की तैयारी है।

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